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बैंक में हंगामा, बैंक कर्मियों को बंधक बनाया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:08 AM IST
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पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाश।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली के गांव गालिबपुर के पीएनबी शाखा में कैश नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक कर्मचारियों बंधक बना लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को बमुश्किल समझाकर शांत किया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बंधनमुक्त किया।
गालिबपुर पीएनबी शाखा में नोटबंदी के अगले दिन से ही ग्रामीणों की भीड़भाड़ चल रही है। रविवार की छुट्टी होने पर सोमवार को बैंक खुले तो, सुबह सात बजे से ही बैंक पर ग्रामीणों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। बैंक खुलने पर कर्मचारियों ने कैश देने से इंकार कर दिया। जिससे ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक में ही शाखा प्रबंधक सहित समस्त कर्मचारियों को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक कर्मचारियों को बंधक बनाया गया।
कैश नहीं मिलने से प्रबंधक भी परेशान
जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि एसबीआई शाखा से उनको कैश नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है। इस समस्या से बैंक और किसान दोनों परेशान हैं। नोटबंदी के बाद से एसबीआई ने मात्र 86 लाख 55 हजार रुपये किसानों के गन्ने का भुगतान भेजा है।
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बझेड़ी में ग्रामीणों ने बैंक पर ताला जड़ा
मुजफ्फरनगर। नोटबंदी के चलते ग्राम बझेड़ी की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में कैश नहीं मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक की तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बाहर निकालकर बैंक पर हंगामा कर प्रदर्शन किया।
जिले के बैंकों में सोमवार को कैश किल्लत रही। एक दिन के अवकाश के बाद बैंकों में कैश निकालने के लिए फिर से भीड़ उमड़ी। एटीएम भी दुपहर तक खाली हो गए। कैश न मिलने से शहर से लेकर देहात के बैंकों में हंगामे हुए। निकटवर्ती ग्राम बझेड़ी में स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा पर सुबह जब ग्राहक कैश निकालने के लिए पहुंचे तो मैनेजर ने नो कैश कहकर हाथ खड़े कर दिए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बैंक से बाहर निकालने के बाद शटर डालकर तालाबंदी कर दी।
हंगामा कर बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं अधिक रही। बैंक मैनेजर का कहना है कि नोटबंदी से अब तक 27 दिनों में बैंक को वितरण करने के लिए पीएनबी से केवल छह लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जबकि बैंक में 6200 खाताधारक हैं। इनमें से 300 ग्राहकों को भी एक भी रुपया नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब जक उन्हें पर्याप्त रुपये नहीं मिलेंगे, तब तक वे बैंक नहीं खुलने देंगे।
रोहाना में भी बैंक पर हंगामा
रोहाना। इलाहाबाद बैंक द्वारा पैसा न देने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी का भी घेराव किया। बैंकों में रविवार की छुट्टी होने के कारण सोमवार को इलाहाबाद बैंक के बाहर सुबह आठ बजे से ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई थी। बैंक के खुलते ही कर्मियों द्वारा कैश न होने का बोर्ड बाहर लटका दिया।
जिस पर सुबह से लाइन में लगे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया तो ग्रामीणों ने बैंक के बाहर जम कर प्रदर्शन नारेबाजी की। सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी मनोज यादव का भी घेराव कर रुपये दिलवाने की मांग की। शाखा प्रबंधक रकम सिंह ने बताया की ब्रांच को सोमवार को कैश नहीं मिला तो ग्रामीणों का गुस्सा भी जायज है।
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गालिबपुर पीएनबी शाखा में नोटबंदी के अगले दिन से ही ग्रामीणों की भीड़भाड़ चल रही है। रविवार की छुट्टी होने पर सोमवार को बैंक खुले तो, सुबह सात बजे से ही बैंक पर ग्रामीणों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। बैंक खुलने पर कर्मचारियों ने कैश देने से इंकार कर दिया। जिससे ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक में ही शाखा प्रबंधक सहित समस्त कर्मचारियों को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। इस दौरान करीब दो घंटे तक कर्मचारियों को बंधक बनाया गया।
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कैश नहीं मिलने से प्रबंधक भी परेशान
जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि एसबीआई शाखा से उनको कैश नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है। इस समस्या से बैंक और किसान दोनों परेशान हैं। नोटबंदी के बाद से एसबीआई ने मात्र 86 लाख 55 हजार रुपये किसानों के गन्ने का भुगतान भेजा है।
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बझेड़ी में ग्रामीणों ने बैंक पर ताला जड़ा
मुजफ्फरनगर। नोटबंदी के चलते ग्राम बझेड़ी की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में कैश नहीं मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक की तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बाहर निकालकर बैंक पर हंगामा कर प्रदर्शन किया।
जिले के बैंकों में सोमवार को कैश किल्लत रही। एक दिन के अवकाश के बाद बैंकों में कैश निकालने के लिए फिर से भीड़ उमड़ी। एटीएम भी दुपहर तक खाली हो गए। कैश न मिलने से शहर से लेकर देहात के बैंकों में हंगामे हुए। निकटवर्ती ग्राम बझेड़ी में स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा पर सुबह जब ग्राहक कैश निकालने के लिए पहुंचे तो मैनेजर ने नो कैश कहकर हाथ खड़े कर दिए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बैंक से बाहर निकालने के बाद शटर डालकर तालाबंदी कर दी।
हंगामा कर बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं अधिक रही। बैंक मैनेजर का कहना है कि नोटबंदी से अब तक 27 दिनों में बैंक को वितरण करने के लिए पीएनबी से केवल छह लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जबकि बैंक में 6200 खाताधारक हैं। इनमें से 300 ग्राहकों को भी एक भी रुपया नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब जक उन्हें पर्याप्त रुपये नहीं मिलेंगे, तब तक वे बैंक नहीं खुलने देंगे।
रोहाना में भी बैंक पर हंगामा
रोहाना। इलाहाबाद बैंक द्वारा पैसा न देने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी का भी घेराव किया। बैंकों में रविवार की छुट्टी होने के कारण सोमवार को इलाहाबाद बैंक के बाहर सुबह आठ बजे से ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई थी। बैंक के खुलते ही कर्मियों द्वारा कैश न होने का बोर्ड बाहर लटका दिया।
जिस पर सुबह से लाइन में लगे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया तो ग्रामीणों ने बैंक के बाहर जम कर प्रदर्शन नारेबाजी की। सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी मनोज यादव का भी घेराव कर रुपये दिलवाने की मांग की। शाखा प्रबंधक रकम सिंह ने बताया की ब्रांच को सोमवार को कैश नहीं मिला तो ग्रामीणों का गुस्सा भी जायज है।