{"_id":"65de52829773ff5ad20c27e7","slug":"victim-recorded-statement-in-rampur-tiraha-incident-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-117727-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: देहरादून के लिए खास ...\nमुजफ्फरनगर - रामपुर तिराहा कांड में पीड़िता ने दर्ज कराए बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: देहरादून के लिए खास ... मुजफ्फरनगर - रामपुर तिराहा कांड में पीड़िता ने दर्ज कराए बयान
Wed, 28 Feb 2024 02:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:52 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीड़िता ने अदालत में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। अगली सुनवाई के लिए एक मार्च की तिथि तय की गई है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की। मंगलवार को सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में पीड़िता को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। पीड़िता ने बयान दर्ज कराए।
मिलाप सिंह की पत्रावली में जारी रहेगी सुनवाई
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने बहस पूरी की, जबकि अधिवक्ता राज सिंह पंवार की बहस जारी रही। बुधवार को फिर सुनवाई होगी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा भी अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। अदालत में प्रकरण की सुनवाई चल रही है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीड़िता ने अदालत में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। अगली सुनवाई के लिए एक मार्च की तिथि तय की गई है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की। मंगलवार को सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में पीड़िता को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। पीड़िता ने बयान दर्ज कराए।
विज्ञापन
मिलाप सिंह की पत्रावली में जारी रहेगी सुनवाई
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने बहस पूरी की, जबकि अधिवक्ता राज सिंह पंवार की बहस जारी रही। बुधवार को फिर सुनवाई होगी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा भी अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। अदालत में प्रकरण की सुनवाई चल रही है।