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जिले में सहकारी समितियों पर यूरिया का संकट
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जिले में सहकारी समितियों पर यूरिया का संकट
मुजफ्फरनगर। जिले में पहले कोरोना काल में समितियों पर यूरिया खाद की बंदरबांट हो गई। जांच में समितियों के कर्मचारियों और उनके परिचितों के नाम सैकड़ों बोरे यूरिया के दर्ज होने का खुलासा होने से खुलासा होने से खलबली मच गई। करीब 40 सहकारी समितियों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। अब जनपद के किसानों के सामने यूरिया का संकट पैदा हो गया है। बीते दो सप्ताह से अधिकतम समितियों पर यूरिया की कमी हो गई है। किसानों को मजबूरी में खाद की दुकानों से महंगे दामों में यूरिया लेना पड़ रहा है।
जिले के रतनपुरी क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत है। किसान सेवा सहकारी समिति बडसू के प्रबंध निदेशक राजपाल सिंह का कहना है कि डीएपी और एनपीके समिति पर उपलब्ध है, लेकिन यूरिया खत्म हो गया है। साधन सहकारी समिति टोडा के रामवीर सिंह ने बताया कि समिति में यूरिया उपलब्ध नहीं है। किसान सेवा सहकारी समिति छपार में 15 दिन से यूरिया खाद नहीं है। समिति की प्रबंधक प्रीति भारद्वाज का कहना है कि अन्य खाद समिति पर उपलब्ध है।
किसान सेवा सहकारी समिति भोपा में भी दो सप्ताह से यूरिया खाद नहीं है। साधन सहकारी समिति शाहपुर के सचिव प्रदीप वर्मा ने बताया कि 15 दिन से यूरिया नहीं है। पुरकाजी किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दो सप्ताह से यूरिया नहीं है। बुढ़ाना की किसान सेवा सहकारी समिति पर भी पिछले 15 दिन से यूरिया नहीं है। समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सहरावत ने बताया कि खाद की डिमांड भेज दी गई है। मोरना सहकारी समिति की अध्यक्ष सुनीता राठी ने बताया कि यूरिया खत्म हो गया है। किसान सेवा समिति ककरौली पर भी यूरिया उपलब्ध नहीं है। खतौली की सहकारी समिति भायंगी भंगेला के सभापति नरेश कुमार ने बताया कि बीते दो माह से यहां खाद नहीं है। गोदाम में पानी भरने से कुछ खाद के कट्टे खराब हो गए हैं।
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जानसठ के इफ्को किसान सेवा केंद्र पर भी 15 दिन से खाद नहीं है। प्रभारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खाद की डिमांड भेज दी गई है। सहकारी समिति भलेडी के सुधीर कुमार ने बताया कि आठ दिन से यहां यूरिया खत्म है, डाई के कट्टे उपलब्ध है। मीरापुर की किसान सेवा सहकारी समिति सिकरेडा के एमडी शेखर चौधरी ने बताया कि यहां तीन सप्ताह से यूरिया नहीं है। रोहाना सहकारी गन्ना विकास समिति में यूरिया खत्म हो गया है। समिति ने विभाग को डिमांड की है। भौराकलां क्षेत्र की साधन सेवा सहकारी समिति सिसौली में एक सप्ताह से यूरिया नहीं है। एआर कोआपरेटिव योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि खाद की आपूर्ति के लिए जल्दी ही एक रैक जिले में आने वाली है। इसकी डिमांड हम काफी पहले भेज चुके हैं। यदि किसी किसान को तुरंत आवश्यकता है तो वह उनके कार्यालय में एप्लीकेशन दे सकता है। उस किसान को अन्य सोसाइटी से खाद उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। जिले में पहले कोरोना काल में समितियों पर यूरिया खाद की बंदरबांट हो गई। जांच में समितियों के कर्मचारियों और उनके परिचितों के नाम सैकड़ों बोरे यूरिया के दर्ज होने का खुलासा होने से खुलासा होने से खलबली मच गई। करीब 40 सहकारी समितियों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। अब जनपद के किसानों के सामने यूरिया का संकट पैदा हो गया है। बीते दो सप्ताह से अधिकतम समितियों पर यूरिया की कमी हो गई है। किसानों को मजबूरी में खाद की दुकानों से महंगे दामों में यूरिया लेना पड़ रहा है।
जिले के रतनपुरी क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत है। किसान सेवा सहकारी समिति बडसू के प्रबंध निदेशक राजपाल सिंह का कहना है कि डीएपी और एनपीके समिति पर उपलब्ध है, लेकिन यूरिया खत्म हो गया है। साधन सहकारी समिति टोडा के रामवीर सिंह ने बताया कि समिति में यूरिया उपलब्ध नहीं है। किसान सेवा सहकारी समिति छपार में 15 दिन से यूरिया खाद नहीं है। समिति की प्रबंधक प्रीति भारद्वाज का कहना है कि अन्य खाद समिति पर उपलब्ध है।
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किसान सेवा सहकारी समिति भोपा में भी दो सप्ताह से यूरिया खाद नहीं है। साधन सहकारी समिति शाहपुर के सचिव प्रदीप वर्मा ने बताया कि 15 दिन से यूरिया नहीं है। पुरकाजी किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दो सप्ताह से यूरिया नहीं है। बुढ़ाना की किसान सेवा सहकारी समिति पर भी पिछले 15 दिन से यूरिया नहीं है। समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सहरावत ने बताया कि खाद की डिमांड भेज दी गई है। मोरना सहकारी समिति की अध्यक्ष सुनीता राठी ने बताया कि यूरिया खत्म हो गया है। किसान सेवा समिति ककरौली पर भी यूरिया उपलब्ध नहीं है। खतौली की सहकारी समिति भायंगी भंगेला के सभापति नरेश कुमार ने बताया कि बीते दो माह से यहां खाद नहीं है। गोदाम में पानी भरने से कुछ खाद के कट्टे खराब हो गए हैं।
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जानसठ के इफ्को किसान सेवा केंद्र पर भी 15 दिन से खाद नहीं है। प्रभारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खाद की डिमांड भेज दी गई है। सहकारी समिति भलेडी के सुधीर कुमार ने बताया कि आठ दिन से यहां यूरिया खत्म है, डाई के कट्टे उपलब्ध है। मीरापुर की किसान सेवा सहकारी समिति सिकरेडा के एमडी शेखर चौधरी ने बताया कि यहां तीन सप्ताह से यूरिया नहीं है। रोहाना सहकारी गन्ना विकास समिति में यूरिया खत्म हो गया है। समिति ने विभाग को डिमांड की है। भौराकलां क्षेत्र की साधन सेवा सहकारी समिति सिसौली में एक सप्ताह से यूरिया नहीं है। एआर कोआपरेटिव योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि खाद की आपूर्ति के लिए जल्दी ही एक रैक जिले में आने वाली है। इसकी डिमांड हम काफी पहले भेज चुके हैं। यदि किसी किसान को तुरंत आवश्यकता है तो वह उनके कार्यालय में एप्लीकेशन दे सकता है। उस किसान को अन्य सोसाइटी से खाद उपलब्ध करा दिया जाएगा।