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UP: चीनी मिल ने नहीं दी एक पाई, बाढ़ में बर्बाद हुई कमाई, भुगतान नहीं होने से मुश्किल में 25 हजार किसान

Sat, 22 Jul 2023 04:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 22 Jul 2023 04:07 PM IST
सार

हिंडन नदी में आई बाढ़ ने मुजफ्फरनगर के किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। बाढ के कारण फसलों का भारी नुकसान हुआ है। चारे का संकट है और गन्ने की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं चीनी मिलों ने गन्ने का बकाया भुगतान भी नहीं किया है।

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UP: Sugar mill did not give a pie, income wasted in flood, thousands of farmers in trouble due to non-payment
suger mill - फोटो : amar ujala

विस्तार

 बजाज चीनी मिल भैसाना ने अब तक किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं किया है। मिल पर करीब 162 करोड़ बकाया है। भुगतान नहीं होने से 25 हजार किसान मुश्किल हालात में है। नए शैक्षिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई, बीमारियों का इलाज और रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

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हिंडन नदी में आई बाढ़ ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। फसलों का भारी नुकसान हुआ है। चारे का संकट है और गन्ने की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। खेती से परिवार का पालन-पोषण करने वाले किसानों के सामने मुश्किल हालात है। बच्चों की पढ़ाई, बीमारी और अन्य खर्च से संकट बढ़ गया है।

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केस एक
मुश्किल हो गया है घर चलाना

गांव टांडा माजरा के किसान कृष्णपाल कहते हैं कि उनके हिस्से में करीब 13 बीघे जमीन है। पत्नी बीमार रहती है। चीनी मिल ने पिछले साल के गन्ने के पैसे लेने के लिए वह धरने पर बैठा है। भारी बारिश के कारण खेते में नुकसान हुआ है। बच्चों की पढ़ाई व पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए उन्हेें अब परेशानी उठानी पड़ रही है।

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केस-दो
विद्युत निगम ने काट दिया कनेक्शन

गांव चंधेड़ी निवासी किसान फेरू सिंह बताते हैं कि करीब 18 बीघे जमीन है। गन्ने का भुगतान न होने के कारण वह धरने पर बैठे हैं। हिंडन नदी में बाढ़ आने के कारण पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई। सारी फसलें पानी में डूबकर सड़ गई। विद्युत निगम ने घर का कनेक्शन काट दिया। किसान क्रेडिट कार्ड की धनराशि कहां से जमा होगी, इसकी चिंता सता रही है।

केस-तीन
मां बीमार है, इलाज का संकट

गांव चंधेड़ी के किसान प्रवीण का कहना है कि सिर्फ पांच बीघा जमीन है। आवारा पशु भी फसलों को बर्बाद कर रहे है। बहुत छोटी जोत होने के कारण मजदूरी भी पल्लें नहीं पड़ती है। माता बीमार है। उसके इलाज के लिए भी रुपयों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। जो गन्ना मिल पर डाला था, उसका भुगतान नहीं मिला। बाढ़ से खेती बर्बाद हो गई।

केस-चार
मजदूरी भी नहीं निकली

अलीपुर अटेरना के किसान राजबीर तीन बीघा जमीन बोते हैं। वह बच्चों के साथ खेती करता है। फसल की लागत मिलना तो दूर की बात है, मजदूरी भी नहीं मिल पाती। आवारा पशुओं ने फसल को बर्बाद कर दिया है। बजाज चीनी मिल द्वारा भुगतान न देने के कारण परिवार पर संकट के बाद है।

 बजाज चीनी मिल भैसाना पर किसानों का 162 करोड़ रुपये बकाया है। अभी तक चीनी मिल ने केवल 175 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। चीनी मिल के अधिकारियों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। - संजय सिसौदिया, जिला गन्ना अधिकारी, मुजफ्फरनगर।

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