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Muzaffarnagar News: पंचमुखी मंदिर और पोलियो उन्मूलन द्वार से अनूठा संभलहेड़ा
Mon, 19 Aug 2024 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 19 Aug 2024 01:11 AM IST
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मीरापुर। क्षेत्र के संभलहेड़ा गांव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां मिल चुकी है। काठमांडू और उज्जैन के बाद तीसरा पंचमुखी मंदिर संभलहेड़ा में स्थित है। पहला ऐसा गांव है, जहां बीमारी से जागरूकता के लिए पोलियो उन्मूलन द्वार ग्रामीणों ने बनवाया। मिर्च की खेती से पहचान बटोर रहा है।
क्षेत्र के गांव संभलहेड़ा में करीब दस साल पहले विश्व का प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार बनवाया गया था है। द्वार से गांव को पूरे देश में पहचान मिली। वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रधान अखलाक क़ुरैशी के प्रयास से गांव में जाने वाले रास्ते पर लोगों को पोलियो के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांव व क्षेत्र के लोगो के सहयोग से लगभग नौ लाख की लागत से विश्व का प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार का निर्माण कराया गया था। दावा किया गया कि विश्व में प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार संभलहेड़ा में ही बनवाया गया है, इसके अलावा किसी गांव में ऐसा द्वार नहीं था।
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क्षेत्र के गांव संभलहेड़ा में करीब दस साल पहले विश्व का प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार बनवाया गया था है। द्वार से गांव को पूरे देश में पहचान मिली। वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रधान अखलाक क़ुरैशी के प्रयास से गांव में जाने वाले रास्ते पर लोगों को पोलियो के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांव व क्षेत्र के लोगो के सहयोग से लगभग नौ लाख की लागत से विश्व का प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार का निर्माण कराया गया था। दावा किया गया कि विश्व में प्रथम पोलियो उन्मूलन द्वार संभलहेड़ा में ही बनवाया गया है, इसके अलावा किसी गांव में ऐसा द्वार नहीं था।
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