फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   'Union were in class echo Sinhala song'

‘संघ की कक्षा में गूंजते थे सिंहल के गीत’

Wed, 18 Nov 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 18 Nov 2015 12:42 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। विहिप के बीस साल तक अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल की अनमोल स्मृतियां जिले से जुड़ी हैं। राम जन्म भूमि आंदोलन का प्रस्ताव सिंहल ने यहीं के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में देश भर के साधु संतों की बैठक में पारित कराया था। आरएसएस के प्रशिक्षुओं को उनकी गीत कक्षा नहीं भूलती है।
विज्ञापन


विहिप नेता अशोक सिंहल की कक्षाओं के विद्यार्थी रहे महेंद्र आचार्य के दिल में उनकी अमिट यादें बसी हैं। दो दिन पहले ही रविवार को वह मेदांता गुड़गांव में भर्ती सिंहल की स्वास्थ्य कुशलता जानने गए थे, लेकिन उनके निधन की खबर ने उन्हें गमगीन कर दिया।
विज्ञापन


आदर्श कालोनी निवासी महेंद्र आचार्य बताते हैं कि वर्ष 1966 में कानपुर के बीएसबी डिग्री कॉलेज में संघ शिक्षा वर्ग का शिविर लगा था, उस वक्त अशोक जी के पास संघ के तीन जिलों की जिम्मेदारी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिविर में वह विद्यार्थियों की गीत कक्षा लेते थे। उन्हें गायन का शौक था। वर्ष 1967 में भी शिक्षा वर्ग के द्वितीय सत्र में उनका सानिध्य मिला।

आचार्य बताते हैं कि  वर्ष 1983 में राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में विहिप के सम्मेलन में राम जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन का प्रस्ताव पारित कर घोषणा की गई थी।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता स्वामी वासुदेवानंद जी महाराज ने की थी। टाउन हाल के मैदान में विहिप की सभा में सिंहल ने अच्छे संचालन पर बधाई दी थी। उन्होंने रात्रि प्रवास में गांधी कालोनी में संघ कार्यकर्ता बाल बहादुर के घर भोजन किया था।

जब भी मार्गदर्शन की जरूरत होती तो दिल्ली के झंडेवालान कार्यालय में बुला लेते थे। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुभाषचंद शर्मा ने कहा शहर में लाला लाजपत राय की प्रतिमा का अनावरण अशोक सिंहल जी ने किया।


उन्होंने बताया  वर्ष 1980 में हरिद्वार जाते समय उनसे पहली बार भेंट हुई थी और संपर्क बना रहा। जिले से उनकी आत्मीयता थी। एक कार्यक्रम में अशोक सिंहल  राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र पंकज के साथ भाग लेने आए थे। उनके जीवन की ढेरों स्मृतियां दिलों में बसी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed