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तुराज को गीत ‘इंशाल्लाह’ से नई उम्मीदें
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मुजफ्फरनगर में गांव संभलहेड़ा के घर में मौजूद मशहूर गीतकार ए. एम.तुराज।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
तुराज को गीत ‘इंशाल्लाह’ से नई उम्मीदें
मुजफ्फरनगर। मुंबई में कोरोना ने खलबली मचाई तो लॉकडाउन में ढील मिलते ही फिल्म गीतकार ए.एम. तुराज ने अपने गांव संभलहेड़ा में दो माह बिताए। व्यस्त जिंदगी में आया ब्रेक उन्हें कभी-कभी बोझिल दिखा, मगर उन्होंने गीत और शायरी लिखने में खुद को तन्मयता से जोड़े रखा। नतीजतन अमित त्रिवेदी और आला वर्दी जैसे मशहूर सिंगरों के साथ बुधवार को यू ट्यूब पर जारी उनके गीत ‘इंशाल्लाह’ का धमाका मचा है।
अंतरराष्ट्रीय उर्दू शायर और गीतकार ए.एम.तुराज ने फिल्म ‘पद्मावत’ के लिखे गीतों से बॉलीवुड में नई ऊंचाइयों को हासिल किया है। मुंबई में कोरोना आपदा की मुश्किलें आई तो गांव की याद आ गई। बीते दो माह से जिले के पैतृक गांव संभलहेड़ा में खेती-बाड़ी के अनुभव सीख रहे हैं तो बड़े-बुजुर्गों से उनके दिल की बातें भी खूब सुनी है। तुराज शायरी और गीतों के फनकार हैं। ऑनलाइन मुंबई से जुड़े रहे और उनके सजे शब्दों पर एक सिंगल्स सांग ‘इंशाल्लाह’ जारी हुआ है। फिल्म देव डी से ख्याति पाए संगीतकार अमित त्रिवेदी ने म्यूजिक दिया है। यू ट्यूब पर प्रसारित इस सांग ऑफ डांस में सिंगर अमित त्रिवेदी के साथ सऊदी अरब के प्रसिद्ध सिंगर आला वर्दी ने उनके गीत को अपनी आवाज दी है। तुराज ने अमर उजाला को बताया कि इंटरटेनमेंट की दुनिया में सिंगल्स का दौर है। कोरोना अटैक में शूटिंग और मूवी स्क्रीन बंद है। ऐसे में यह सिंगल्स सांग रिलीज होना बड़ी बात है। यहीं संभलहेड़ा में घर बैठकर गीत लिखा है, जिसमें अरबिया शब्दों का भी इस्तेमाल है। संगीतकार अमित त्रिवेदी के साथ ये मेरा पहला सांग है। इससे पहले मेरे एक गीत अकेले है तो क्या गम है को साजिद एवं वाजिद ने संगीत दिया था। सिंगर वाजिद के इंतकाल के बाद ये जारी हो सका। ये उनका गाया आखिरी गीत है। तुराज का ये अरेबिक गीत ‘बिंट-ए-दिल’ विदेशों में खूब सुना गया, जिसे मोरक्को के सिंगर साद लमजारीद ने गाया था। संगीतकार संजय लीला भंसाली थे। हिंदी में इस गीत को अरिजीत सिंह की आवाज मिली। हालांकि तुराज डांस नंबर कम ही लिखते है, मगर ‘इंशाल्लाह’सांग जारी होते ही ट्रेंड हो रहा है।
संजय लीला भंसाली की फिल्मों से चमके तुराज
मुजफ्फरनगर। करीब 40 फिल्मों में गीत लिख चुके गीतकार ए. एम.तुराज की जोड़ी निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ खास जमी हुई है। उनका फिल्म गुजारिश का गीत ये तेरा जिक्र है, जैसे इत्र.. जब जब करता हूं, महकता हूं, भंसाली को इतना पसंद आया कि दोस्ती बढ़ती गई। बाजीराव मस्तानी के गीत तुझे याद कर लिया है आयत की तरह से तुराज छा गए। बहुचर्चित फिल्म पद्मावत के सभी गाने उन्होंने लिखे। दीपिका पादुकोण पर फिल्माए गीत ‘घूमर’ ने तुराज की विश्व में ख्याति दिलाई है, जिसे रिलीज होते ही दस करोड़ से ज्यादा लोगों ने सुना था। कहते है कि बीते 17 साल में कोरोना ने संभलहेड़ा में लगातार दो माह रहने का मौका दिया। बकरीद के बाद वो मुंबई लौट जाएंगे।
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मुजफ्फरनगर। मुंबई में कोरोना ने खलबली मचाई तो लॉकडाउन में ढील मिलते ही फिल्म गीतकार ए.एम. तुराज ने अपने गांव संभलहेड़ा में दो माह बिताए। व्यस्त जिंदगी में आया ब्रेक उन्हें कभी-कभी बोझिल दिखा, मगर उन्होंने गीत और शायरी लिखने में खुद को तन्मयता से जोड़े रखा। नतीजतन अमित त्रिवेदी और आला वर्दी जैसे मशहूर सिंगरों के साथ बुधवार को यू ट्यूब पर जारी उनके गीत ‘इंशाल्लाह’ का धमाका मचा है।
अंतरराष्ट्रीय उर्दू शायर और गीतकार ए.एम.तुराज ने फिल्म ‘पद्मावत’ के लिखे गीतों से बॉलीवुड में नई ऊंचाइयों को हासिल किया है। मुंबई में कोरोना आपदा की मुश्किलें आई तो गांव की याद आ गई। बीते दो माह से जिले के पैतृक गांव संभलहेड़ा में खेती-बाड़ी के अनुभव सीख रहे हैं तो बड़े-बुजुर्गों से उनके दिल की बातें भी खूब सुनी है। तुराज शायरी और गीतों के फनकार हैं। ऑनलाइन मुंबई से जुड़े रहे और उनके सजे शब्दों पर एक सिंगल्स सांग ‘इंशाल्लाह’ जारी हुआ है। फिल्म देव डी से ख्याति पाए संगीतकार अमित त्रिवेदी ने म्यूजिक दिया है। यू ट्यूब पर प्रसारित इस सांग ऑफ डांस में सिंगर अमित त्रिवेदी के साथ सऊदी अरब के प्रसिद्ध सिंगर आला वर्दी ने उनके गीत को अपनी आवाज दी है। तुराज ने अमर उजाला को बताया कि इंटरटेनमेंट की दुनिया में सिंगल्स का दौर है। कोरोना अटैक में शूटिंग और मूवी स्क्रीन बंद है। ऐसे में यह सिंगल्स सांग रिलीज होना बड़ी बात है। यहीं संभलहेड़ा में घर बैठकर गीत लिखा है, जिसमें अरबिया शब्दों का भी इस्तेमाल है। संगीतकार अमित त्रिवेदी के साथ ये मेरा पहला सांग है। इससे पहले मेरे एक गीत अकेले है तो क्या गम है को साजिद एवं वाजिद ने संगीत दिया था। सिंगर वाजिद के इंतकाल के बाद ये जारी हो सका। ये उनका गाया आखिरी गीत है। तुराज का ये अरेबिक गीत ‘बिंट-ए-दिल’ विदेशों में खूब सुना गया, जिसे मोरक्को के सिंगर साद लमजारीद ने गाया था। संगीतकार संजय लीला भंसाली थे। हिंदी में इस गीत को अरिजीत सिंह की आवाज मिली। हालांकि तुराज डांस नंबर कम ही लिखते है, मगर ‘इंशाल्लाह’सांग जारी होते ही ट्रेंड हो रहा है।
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संजय लीला भंसाली की फिल्मों से चमके तुराज
मुजफ्फरनगर। करीब 40 फिल्मों में गीत लिख चुके गीतकार ए. एम.तुराज की जोड़ी निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ खास जमी हुई है। उनका फिल्म गुजारिश का गीत ये तेरा जिक्र है, जैसे इत्र.. जब जब करता हूं, महकता हूं, भंसाली को इतना पसंद आया कि दोस्ती बढ़ती गई। बाजीराव मस्तानी के गीत तुझे याद कर लिया है आयत की तरह से तुराज छा गए। बहुचर्चित फिल्म पद्मावत के सभी गाने उन्होंने लिखे। दीपिका पादुकोण पर फिल्माए गीत ‘घूमर’ ने तुराज की विश्व में ख्याति दिलाई है, जिसे रिलीज होते ही दस करोड़ से ज्यादा लोगों ने सुना था। कहते है कि बीते 17 साल में कोरोना ने संभलहेड़ा में लगातार दो माह रहने का मौका दिया। बकरीद के बाद वो मुंबई लौट जाएंगे।
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