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Muzaffarnagar News: उपचार मिलेगा...बाहर से खरीद लेना कुछ दवाइयां
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खतौली सीएचसी में दवाई लेने को लगी मरीजों की भीड। संवाद
खतौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को कुछ दवाइयां बाहर से लेने की सलाह दी जा रही है। सीएचसी में आंख, नाक, कान गला रोग और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगों को प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराना पड़ रहा है।
सीएचसी पहुंचे भूड़ निवासी मोहम्मद अंसार ने बताया कि उनकी नवासी बुखार से पीड़ित है। वह कई बार दवाई लेने के लिए आए। कुछ दवाई तो उनको अस्पताल से मिल गई, लेकिन कुछ दवाई उनको बाहर से लेकर आने के लिए कहा गया। सीएचसी में बुखार की पूरी दवाई नहीं मिली हैं।
मूलचंद विहार निवासी मदनपाल ने बताया कि वह दर्द से पीड़ित हैं। चिकित्सक को दिखाया गया, मगर हड्डी के चिकित्सक नहीं मिले। पर्चे पर लिखी गई दवाई उनको मिल गई है।
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मोहल्ला इस्लामबाद निवासी नजीर अहमद ने बताया कि उनको अस्थमा, खांसी और बुखार है। वह सीएचसी में उपचार के लिए आए थे, मगर उनको पूरी दवाइयां नहीं मिल सकी हैं। चिकित्सक ने कुछ दवाई बाहर से लेने की सलाह दी है। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बाहर से दवाई ले सकें। सरकारी अस्पताल में सभी दवाई मिलनी चाहिए।
मिशन कंपाउंड निवासी नोएल विक्टर ने बताया कि उन्हें अस्थमा की बीमारी है। वह सीएचसी में दवाई लेने के लिए आए थे। सीएचसी में दी जा रही दवाई से उनको पूरी तरह से आराम नहीं मिलता है।
इन चिकित्सकों की है कमी
सीएचसी में ईएनटी, बाल रोग तथा नेत्र रोग चिकित्सकों की कमी है। काफी समय से लोग इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग करते चले आ रहे हैं। चिकित्सक नहीं होने से पीड़ित लोगों को जिला अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी जाती है।
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, शुगर, हेपेटाइटिस बी तथा सी, सीबीसी की जांच के अलावा एक्सरे, गर्भवती महिलाओं की निशुल्क अल्ट्रासाउंड, सीर्जस, क्षय रोग की जांच व उपचार की सुविधा है। शीघ्र ही सीटी स्कैन तथा डिजिटल एक्सरे की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी। सीएचसी में गला इंफेक्शन, खांसी, नजला, बुखार, दस्त तथा खुजली के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं।
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सीएचसी पहुंचे भूड़ निवासी मोहम्मद अंसार ने बताया कि उनकी नवासी बुखार से पीड़ित है। वह कई बार दवाई लेने के लिए आए। कुछ दवाई तो उनको अस्पताल से मिल गई, लेकिन कुछ दवाई उनको बाहर से लेकर आने के लिए कहा गया। सीएचसी में बुखार की पूरी दवाई नहीं मिली हैं।
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मूलचंद विहार निवासी मदनपाल ने बताया कि वह दर्द से पीड़ित हैं। चिकित्सक को दिखाया गया, मगर हड्डी के चिकित्सक नहीं मिले। पर्चे पर लिखी गई दवाई उनको मिल गई है।
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मोहल्ला इस्लामबाद निवासी नजीर अहमद ने बताया कि उनको अस्थमा, खांसी और बुखार है। वह सीएचसी में उपचार के लिए आए थे, मगर उनको पूरी दवाइयां नहीं मिल सकी हैं। चिकित्सक ने कुछ दवाई बाहर से लेने की सलाह दी है। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बाहर से दवाई ले सकें। सरकारी अस्पताल में सभी दवाई मिलनी चाहिए।
मिशन कंपाउंड निवासी नोएल विक्टर ने बताया कि उन्हें अस्थमा की बीमारी है। वह सीएचसी में दवाई लेने के लिए आए थे। सीएचसी में दी जा रही दवाई से उनको पूरी तरह से आराम नहीं मिलता है।
इन चिकित्सकों की है कमी
सीएचसी में ईएनटी, बाल रोग तथा नेत्र रोग चिकित्सकों की कमी है। काफी समय से लोग इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग करते चले आ रहे हैं। चिकित्सक नहीं होने से पीड़ित लोगों को जिला अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी जाती है।
सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, शुगर, हेपेटाइटिस बी तथा सी, सीबीसी की जांच के अलावा एक्सरे, गर्भवती महिलाओं की निशुल्क अल्ट्रासाउंड, सीर्जस, क्षय रोग की जांच व उपचार की सुविधा है। शीघ्र ही सीटी स्कैन तथा डिजिटल एक्सरे की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी। सीएचसी में गला इंफेक्शन, खांसी, नजला, बुखार, दस्त तथा खुजली के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं।