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निराना पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद
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सिखेड़ा में गांव निराना के गंगनहर जर्जर पुल पर रोका गया भारी वाहन।
- फोटो : KHATAULI
निराना पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद
सिखेड़ा/जानसठ। नंगला के गंगनहर पुल की हालत जर्जर होने की वजह से इस पर से भारी वाहनों का आवागमन को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक बाहरी वाहनों में रोडवेज व प्राइवेट बस, ट्रक आदि वाहन ही इस पुल से नहीं गुजरेंगे।
एसडीएम कुलदीप मीणा ने बताया कि इस पुल से हल्के वाहन गुजरेंगे। भारी वाहनों को आवागमन वाया भोपा व खतौली होकर जाएगा। बता दें कि पानीपत-खटीमा राजमार्ग स्थित गंगनहर पर नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। पुराने जर्जर अवस्था में गंगनहर पुल की मियाद पूरी हो जाने के करीब पांच दशक बाद भी नए पुल के निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसकी वजह से 27 फरवरी की देर रात को मुजफ्फरनगर से सरियों से भरा कैंटर जर्जर पुल की दीवार तोड़ कर गंगनहर में गिर गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने भारी वाहनों का इस जर्जर पुल से आवागमन बंद कर दिया था। खतरे की आशंका को देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन भी बंद कर दिया था। भारी वाहनों को जानसठ से खतौली वाया निकाला जा रहा है, जबकि रोडवेज बसों का संचालन मोरना से किया गया था। पुल की दीवार टूटने के बाद पुलिस के द्वारा छोटे हल्के वाहनों को धीरे धीरे निकाला जा रहा है। भारी वाहनों और यात्रियों से भरी बसों का इस जर्जर गंगनहर के पुल से निकलवाना जोखिम भरा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि जानसठ से आ रहे भारी वाहनों को वाया खतौली से निकाला जा रहा है। पुल से हल्के वाहनों को ही धीरे धीरे निकलवाया जा रहा है। अब इस पुल से एसडीएम कुलदीप मीणा ने भारी वाहनों का आवागमन बंद दिया है।
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सिखेड़ा/जानसठ। नंगला के गंगनहर पुल की हालत जर्जर होने की वजह से इस पर से भारी वाहनों का आवागमन को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक बाहरी वाहनों में रोडवेज व प्राइवेट बस, ट्रक आदि वाहन ही इस पुल से नहीं गुजरेंगे।
एसडीएम कुलदीप मीणा ने बताया कि इस पुल से हल्के वाहन गुजरेंगे। भारी वाहनों को आवागमन वाया भोपा व खतौली होकर जाएगा। बता दें कि पानीपत-खटीमा राजमार्ग स्थित गंगनहर पर नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। पुराने जर्जर अवस्था में गंगनहर पुल की मियाद पूरी हो जाने के करीब पांच दशक बाद भी नए पुल के निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसकी वजह से 27 फरवरी की देर रात को मुजफ्फरनगर से सरियों से भरा कैंटर जर्जर पुल की दीवार तोड़ कर गंगनहर में गिर गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने भारी वाहनों का इस जर्जर पुल से आवागमन बंद कर दिया था। खतरे की आशंका को देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन भी बंद कर दिया था। भारी वाहनों को जानसठ से खतौली वाया निकाला जा रहा है, जबकि रोडवेज बसों का संचालन मोरना से किया गया था। पुल की दीवार टूटने के बाद पुलिस के द्वारा छोटे हल्के वाहनों को धीरे धीरे निकाला जा रहा है। भारी वाहनों और यात्रियों से भरी बसों का इस जर्जर गंगनहर के पुल से निकलवाना जोखिम भरा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि जानसठ से आ रहे भारी वाहनों को वाया खतौली से निकाला जा रहा है। पुल से हल्के वाहनों को ही धीरे धीरे निकलवाया जा रहा है। अब इस पुल से एसडीएम कुलदीप मीणा ने भारी वाहनों का आवागमन बंद दिया है।
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