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बाजारों में सन्नाटा, दूध और दवा की दुकानें भी रहीं बंद
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लॉकडाउन में शिव चौक पर निरीक्षण करते एडीएम।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन के रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन के निर्णय का जनता ने पूरी तरह समर्थन किया। पूरे जनपद में लॉकडाउन सफल रहा। शहर से लेकर कसबे देहात में भी लोग न तो सड़कों पर निकले और न ही किसी प्रकार की आवाजाही की। चाय, सब्जी, दूध और दवा की दुकानें भी पूरी तरह बंद रही। शिवचौक, भगत सिंह रोड, मीनाक्षी, प्रकाश चौक पर सन्नाटा छाया रहा। सड़क पर केवल पुलिस या मीडिया के लोग ही नजर आए।
जनपद में बीते दस दिनों से कोरोना के मरीज प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। शहर की अधिकतम कालोनियों से मरीज सामने आने और इन कालोनियों की गलियां सील होने से नगर में दहशत का वातावरण बना हुआ है। व्यापारी संगठनों ने प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से कहा था कि शहर के कोरोना से बचाने के लिए कदम उठाया जाए। जिसे लेकर राज्यमंत्री कपिलदेव ने डीएम सेल्वा कुमारी जे को एक दिन पूर्ण बंदी यानी कर्फ्यू लगाए जाने को पत्र लिखा था। शुक्रवार की रात पत्र लिखा गया और शनिवार को डीएम ने हर रविवार में 24 घंटे के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी। रविवार को जिस तरह जनता ने अपना समर्थन दिया प्रशासन को भी इसकी उम्मीद नहीं थी। शहर का शिवचौक हो या मीनाक्षी चौक, नईमंडी हो या खालापार, गांधी कालोनी हो या भगत सिंह रोड, कच्ची सड़क और लद्दावाला सभी जगह पूरी तरह बंद रहा।
प्रकाश चौक और महावीर चौक पर केवल पुलिस कर्मी ही बैठे हुए नजर आए। बाजार में अब से पहले ऐसी बंदी कभी दिखाई नहीं दी कि दूध, दवा, सब्जी, चाय सभी प्रकार की दुकानें बंद रही। सुबह को आठ बजे से पहले ही लोगों ने दूध आदि की खरीदारी पूरी कर ली। आम जनता का प्रशासन को पूरी तरह मौन समर्थन मिला। डीएम सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी अभिषेक यादव, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीएम दीपक कुमार ने सड़क पर निकलकर बंद की स्थिति को देखा। अधिकारी पूरे दिन शहर और देहात में भ्रमण पर रहे। लोगों ने भी इस आदेश का पूरी तरह से पालन किया। शहर के केवल कुछ पेट्रोल पंप जरूर खुले मिले।
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सब्जी मंडी भी नहीं लगी
मुजफ्फरनगर/छपार। रविवार को बंद की स्थिति यह रही की सब्जी मंडी भी नहीं लगी। कूकड़ा और चरथावल रोड पर सब्जी मंडी नहीं लगी। शहर में सब्जी की ठेली वाला भी नजर नहीं आया। फल और सब्जी वालों ने भी बंद को पूर्ण समर्थन दिया। उधर, छपार कस्बे के बाद बाजार पूरी तरह बंद रहे तो मेडिकल स्टोर व क्लीनिक भी नहीं खुले। ग्रामीण क्षेत्र में भी लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया गया।
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जनपद में बीते दस दिनों से कोरोना के मरीज प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। शहर की अधिकतम कालोनियों से मरीज सामने आने और इन कालोनियों की गलियां सील होने से नगर में दहशत का वातावरण बना हुआ है। व्यापारी संगठनों ने प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से कहा था कि शहर के कोरोना से बचाने के लिए कदम उठाया जाए। जिसे लेकर राज्यमंत्री कपिलदेव ने डीएम सेल्वा कुमारी जे को एक दिन पूर्ण बंदी यानी कर्फ्यू लगाए जाने को पत्र लिखा था। शुक्रवार की रात पत्र लिखा गया और शनिवार को डीएम ने हर रविवार में 24 घंटे के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी। रविवार को जिस तरह जनता ने अपना समर्थन दिया प्रशासन को भी इसकी उम्मीद नहीं थी। शहर का शिवचौक हो या मीनाक्षी चौक, नईमंडी हो या खालापार, गांधी कालोनी हो या भगत सिंह रोड, कच्ची सड़क और लद्दावाला सभी जगह पूरी तरह बंद रहा।
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प्रकाश चौक और महावीर चौक पर केवल पुलिस कर्मी ही बैठे हुए नजर आए। बाजार में अब से पहले ऐसी बंदी कभी दिखाई नहीं दी कि दूध, दवा, सब्जी, चाय सभी प्रकार की दुकानें बंद रही। सुबह को आठ बजे से पहले ही लोगों ने दूध आदि की खरीदारी पूरी कर ली। आम जनता का प्रशासन को पूरी तरह मौन समर्थन मिला। डीएम सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी अभिषेक यादव, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीएम दीपक कुमार ने सड़क पर निकलकर बंद की स्थिति को देखा। अधिकारी पूरे दिन शहर और देहात में भ्रमण पर रहे। लोगों ने भी इस आदेश का पूरी तरह से पालन किया। शहर के केवल कुछ पेट्रोल पंप जरूर खुले मिले।
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सब्जी मंडी भी नहीं लगी
मुजफ्फरनगर/छपार। रविवार को बंद की स्थिति यह रही की सब्जी मंडी भी नहीं लगी। कूकड़ा और चरथावल रोड पर सब्जी मंडी नहीं लगी। शहर में सब्जी की ठेली वाला भी नजर नहीं आया। फल और सब्जी वालों ने भी बंद को पूर्ण समर्थन दिया। उधर, छपार कस्बे के बाद बाजार पूरी तरह बंद रहे तो मेडिकल स्टोर व क्लीनिक भी नहीं खुले। ग्रामीण क्षेत्र में भी लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया गया।