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Muzaffarnagar News: खादर क्षेत्र के रास्तों का पानी हुआ कम
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पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में बहता पानी। ग्रामीण
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। खादर क्षेत्र में गांवों के रास्तों पर पानी कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सोलानी नदी में पानी कम नहीं हुआ है। जंगलों व खेतों में पानी भरा होने से पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या बनी हुई है।
बारिश होने व उत्तराखंड की पहाड़ियों से पानी छोड़े जाने से रविवार को खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी और बढ़ जाने से नदी फिर उफान पर आ गई थी। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों पर आना शुरू हो गया था। जिससे गांव रामनगर, रजगल्ला पुर, शेरपुर नगला, रतन पुरी, चमरा वाला, बनारसी वाला, अलमावाला के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया था। सोमवार को रास्तों से पानी कुछ कम होने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
गांव रामनगर, रजकल्ला पुर, शेरपुर नगला, रतनपुरी आदि के रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। राजू प्रजापति, डॉ. गुलशन कुमार, यादराम, बिजेंद्र कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर सोलानी नदी पर खड़ी नाव तक पहुंचना पड़ रहा है। गांव रामनगर निवासी 95 वर्षीय तेजराम प्रजापति का कहना है कि वह वर्ष 1958 से गांव रामनगर में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने आज तक इतना पानी नहीं देखा।
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बारिश होने व उत्तराखंड की पहाड़ियों से पानी छोड़े जाने से रविवार को खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी और बढ़ जाने से नदी फिर उफान पर आ गई थी। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों पर आना शुरू हो गया था। जिससे गांव रामनगर, रजगल्ला पुर, शेरपुर नगला, रतन पुरी, चमरा वाला, बनारसी वाला, अलमावाला के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया था। सोमवार को रास्तों से पानी कुछ कम होने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
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गांव रामनगर, रजकल्ला पुर, शेरपुर नगला, रतनपुरी आदि के रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। राजू प्रजापति, डॉ. गुलशन कुमार, यादराम, बिजेंद्र कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर सोलानी नदी पर खड़ी नाव तक पहुंचना पड़ रहा है। गांव रामनगर निवासी 95 वर्षीय तेजराम प्रजापति का कहना है कि वह वर्ष 1958 से गांव रामनगर में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने आज तक इतना पानी नहीं देखा।
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