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Muzaffarnagar News: ज्ञान भिक्षुक ने आत्मज्ञान की लो से दूर किया था अज्ञानता व अंधविश्वास का अंधकार

Sun, 28 Jun 2026 01:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:07 AM IST
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The seeker of wisdom dispelled the darkness of ignorance and superstition with the light of self-realization.
स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास की पुण्यतिथि पर विशेष
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भोपा। (शुक्रताल)। बाल अवस्था से ही संत शिरोमणि रविदास के उपासक स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास ने त्याग, तपस्या, आध्यात्मिकता के साथ समाज से अज्ञानता, अंधविश्वास, कुरीतियों को दूर भगाने का काम किया । बचपन से ही वह सत्संग प्रेमी थे जिसके माध्यम से वह बाल अवस्था से 108 वर्ष की उम्र तक समाज में अच्छाई की अलख जगाते रहे।

स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास महाराज मेरठ के गांव अख्तियारपुर के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम पांचा दास व माता का नाम सांवली देवी था। स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास बचपन से ही सत्संग प्रेमी थे, साथ ही शिरोमणि संत रविदास के उपासक भी थे।
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उन्होंने हिंदी भाषा में योग्यता प्राप्त कर कुछ वर्षों तक बाल शिक्षा के प्रसार में अध्यापन कार्य भी किया था। युवा अवस्था में जोग धारण कर त्याग तपस्या और मेहनत से समाज व मानव जाति के उत्थान के लिए परिश्रम करते रहे।
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उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करते हुए समाज में धर्म, अध्यात्म, भक्ति,शिक्षा का उजाला किया। इस मिशन को आगे बढ़ाते रहे और 1960 में ब्रह्मलीन हो गए थे। शामली जनपद के कस्बा ऊन में उनकी समाधि मंदिर है।

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छोड़ दी थी फौज की नौकरी, निकल पड़े थे समाज सुधार के लिए

भोपा। स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास महाराज अपने समय के अच्छे पढ़े लिखे युवा थे। इसी के चलते उन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने फौज में भर्ती कर लिया था। कुछ समय फौज में बिताया। लेकिन उनके मन में जो समाज व मानव जाति के उत्थान की लो जगी थी वह उन्हें वापस खींच लाई। उन्होंने फौज की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अपने शिष्य हुकम चंद को समनदान का नाम दिया था। आज समनदास के नाम पर कई स्थान पर आश्रम है। शुक्रताल में विशाल गुरू गददी व मंदिर हैं।


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शुक्रताल में निर्माणाधीन है सतगुरु गद्दी विशाल मंदिर .


भोपा। शुक्रताल स्थित स्वामी समन दास आश्रम व गुरु गद्दी के प्रबंधक स्वामी गोवर्धन दास महाराज बताते हैं कि गुरुजनों के नाम पर सैकड़ों मंदिर, विद्यालय संचालित है। गुरु गद्दी शुक्रताल में ऐतिहासिक गुरु गद्दी है। आश्रम में विशाल मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब,दिल्ली आदि सहित अनेक राज्य से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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