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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The nectar of the Bhagwat story, which is shattered in Shuktirth

शुकतीर्थ में बिखर रहा भागवत कथा का अमृत

Sun, 03 Jun 2018 11:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर। Updated Sun, 03 Jun 2018 11:42 PM IST
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The nectar of the Bhagwat story, which is shattered in Shuktirth
Bhagwat katha - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पौराणिक शुकतीर्थ में व्यास पुत्र शुकदेव मुनि की अमर वाणी सुनने के लिए श्रद्धालुओं का संगम लगा है। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में अक्षय वट वृक्ष की छांव में भागवत कथा का श्रवण कर मोक्ष की चाह में देश भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। शुक्रताल के धाम, मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का आध्यात्मिक परिदृश्य है।  
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शुकदेव मुनि की तपोभूमि शुक्रताल में भागवत भक्त कथा श्रवण में भक्त लीन हैं। शुकदेव आश्रम में भागवत सप्ताह को देश के प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। डोगरे भागवत भवन में कथा व्यास प्रियादास मथुरा की श्रीमद्भागवत कथा के यज्ञमान बाबूलाल रावत, भीमप्रकाश, रामरतन, कैलाश और ओमप्रकाश हैं। ये राजस्थान के जयपुर से कथा पुण्य को आए हैं। गीता भवन में महाराष्ट्र के औरंगाबाद के यज्ञमान विठ्ठल जोगदंडे के संग आए श्रद्धालु कथा वाचक रविंद्र जी महाराज की अमृत वाणी सुनकर आनंदित हैं। प्रत्यक्षानंद भागवत भवन में अयोध्या से आए श्रीवत्स जय भैया की भागवत कथा में भक्तों का भव्य समागम है।
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महाराष्ट्र की अंबा पुण्य नगरी आयोजन समिति ने शुकतीर्थ में कथा यज्ञ का संकल्प लिया था। कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री के मुख से दिव्य तीर्थ की महिमा को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए हैं। कोलकाता से आए यज्ञमान राज मोहते कहते हैं कि शुकदेव आश्रम में शांति, आध्यात्म और पुण्य की ऊर्जा मिलती है।
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वीतराग स्वामी कल्याणदेव समाधि मंदिर भवन में कथा व्यास नारायण सोनखेडकर की कथा में भगवान कृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं पर श्रद्धालु नृत्य कर आनंद में डूबे हैं। यज्ञमान एकनाथ पुंडरिक ने कहा कि वटवृक्ष महर्षि शुकदेव मुनि का साक्षी है। दर्शन और कथा श्रवण से पुण्य की प्राप्ति होती है। मराठी, बांग्ला और हिंदी भाषाओं में कथा हो रही है। ग्रीष्म अवकाश में देश भर से श्रद्धालु यहां आकर जून माह में कथा कराते हैं। हनुमतद्धाम, दंडी आश्रम सहित तीर्थ केे मंदिरों और धर्मशालाओं में श्रीमद्भागवत की गंगा बह रही है।  

मानव मात्र को मिला प्रभु प्राप्ति का मार्ग: ओमानंद
शुक्रताल। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि परमहंस शुकदेव मुनि ने धरा पर पहली बार शुकतीर्थ में श्रीमद्भागवत कथा का उपदेश किया था, जिससे मानवमात्र को ज्ञान, भक्ति, वैराग्य द्वारा ईश्वर प्राप्ति का सुलभ मार्ग मिला। भागवत सप्ताह के लिए श्रद्धालु देश विदेश से आते हैं। सात दिन तक विधि विधान से कथा यज्ञ की आहुति पूरी करते हैं।  


 
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