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Muzaffarnagar News: छपार में दो भाइयों की हत्या से फैलाई थी दहशत, जेल में बनाया था गैंग

Thu, 04 May 2023 07:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2023 07:49 PM IST
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The murder of two brothers in Chhapar spread terror, a gang was formed in jail
- कुख्यात अनिल दुजाना पर छपार थाने में दर्ज हैं सात मुकदमें
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- विक्की त्यागी से दुश्मनी और मुन्ना बजरंगी से रही दोस्ती

संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कुख्यात अनिल दुजाना ने रंगदारी नहीं देने पर छपार में दो खाद व्यापारी भाइयों की हत्या कर दहशत फैला दी थी। जिला कारागार में विक्की त्यागी से दुश्मनी रही। जेल में दुजाना ने पश्चिम यूपी के बदमाशों को अपने साथ मिलाकर गैंग बनाया और आसपास के जिलों में आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी से नजदीकियों के चलते ही दुजाना ने रेलवे की ठेकेदारी में भी अपने हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए थे।
छपार के रोबिन त्यागी और अमन उर्फ माया त्यागी के साथ नजदीकियों के चलते कुख्यात अनिल दुजाना की छपार थाना क्षेत्र में सक्रियता बढ़ी। खाद व्यापारी संजीव त्यागी का प्रधान पद के चुनाव को लेकर रोबिन त्यागी पक्ष से मनमुटाव हुआ। इसके बाद संजीव त्यागी को दस लाख की रंगदारी की चिट्ठी भेजी गई। रंगदारी नहीं मिली तो अनिल दुजाना ने गैंग ने आठ जनवरी 2012 को दिन निकलते ही छपार में दुकान खोल रहे खाद व्यापारी संजीव त्यागी की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। आरोपी अमित और अनिल दुजाना को इसी दिन शाम को ही पुलिस ने मुठभेड़ मेंं आधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
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व्यापारी संजीव त्यागी की हत्या के मुकदमे में गवाह उसके भाई राजीव त्यागी की 18 अक्टूबर 2013 को पुलिस अभिरक्षा में सुबह के समय दुकान खोलते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान दुजाना गैंग का सुशील जाट पुलिस की गोली लगने से मारा गया था। जिस समय संजीव त्यागी की हत्या की थी, उस समय अनिल दुुजाना पर पचास हजार का इनाम था। छपार में अनिल दुजाना पर सात मुकदमे दर्ज किए गए थे।
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अत्याधुनिक हथियारों से किया था हमला
दुजाना गिरोह ने अत्याधुनिक हथियारों से खाद व्यापारी पर हमला किया था। पीड़ित पक्ष के घर पर पांच सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात थी। इसके बावजूद भी गिरोह के सदस्यों ने व्यापारियों के घर दो बार फायरिंग की थी।

मुजफ्फरनगर जेल में इस तरह बनाया था गैंग
कुख्यात अनिल दुजाना ने जिला कारागार में परीक्षितगढ़ के कर्नल गिरी, किनौनी के नीरज, अलीपुर के मोनू गुर्जर को मिला लिया था। इससे मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी वह वारदात अंजाम देने लगा था।

वर्चस्व को लेकर विक्की से हो गई थी अदावत
जिला कारागार में वर्चस्व को लेकर विक्की त्यागी की अनिल दुजाना से अदावत हो गई थी। यही वजह है कि विक्की त्यागी ने मंसूरपुर में दुजाना गैंग के रोबिन त्यागी पर पुलिस सुरक्षा में हमला कराया था। इस हमले में सिपाही मारा गया था।



अदालत में हाजिर होना चाहता था दुजाना
मुजफ्फरनगर। छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या का मामला अदालत में विचाराधीन है। पिछले महीने ही अनिल दुजाना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अयोध्या जेल से अदालत में व्यक्तिगत हाजिरी लगवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने पुलिस अधीक्षक नगर की आख्या के माध्यम से अदालत में बताया था कि आरोपियों की पेशी के लिए एक सीओ, दो निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, आठ मुख्य आरक्षी, बीस आरक्षी और छह महिला आरक्षी की आवश्यकता है। निकाय चुनाव के कारण पुलिस ने इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने से इन्कार किया था। इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही उसकी पेशी हो रही थी।


अनिल दुजाना और उसके गिरोह पर ये हुई थी कार्रवाई

- वर्ष 2012 में खाद व्यापारी संजीव त्यागी की हत्या की गई।

- वर्ष 2012 में खाद व्यापारी की हत्या के बाद शाम को अनिल दुुजाना व उसका साथी अमित पकड़ा गया।

- वर्ष 2013 में खाद व्यापारी संजीव त्यागी हत्याकांड के गवाह राजीव त्यागी की हत्या की गई। राजीव त्यागी संजीव त्यागी के भाई थे।

- वर्ष 2013 में राजीव त्यागी हत्याकांड के 15 दिन बाद ही गिरोह के सदस्यों ने पीडि़त परिवार के घर पर पुलिस की मौजूदगी में हमला किया।

- लगातार घटनाएं करने के बाद पुलिस ने वर्ष 2014 में अनिल दुजाना व उसके चार साथियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी।

- वर्ष 2014 में गैंगस्टर लगने के बाद भी गिरोह के सदस्य ने पीडि़त परिवार के घर फिर फायरिंग की थी।

- वर्ष 2014 में पुलिस ने हत्याओं के मामलों में आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की थी।
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