Muzaffarnagar: दूधली में ऐतिहासिक जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर उमड़ा आस्था का सैलाब
सोमवार सुबह अटूट आस्था और विश्वास की प्रतीक म्हाड़ी पर मेले का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, पूर्व विधायक संगीत सोम ने किया। उन्होंने कहा कि दूधली म्हाड़ी दूर प्रांतों में से नामचीन है। भादवे के महीने में जात-पात से दूर हर समाज से श्रद्धालुओं के संगम में यहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं का दर्शन होता है।
बिरालसी और बुड्ढाखेड़ा बड़गोव की तरफ से दूधली तक कई किलोमीटर की दूरी पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों, घोड़ा-बुग्गी एवं ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी कतार नजर आई। म्हाड़ी पर कोई आम हो या खास हर कोई बिना भेदभाव के दर्शन को पहुंच रहा था। दोपहर बाद भीषण गर्मी की उमस भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगा पाईं। हर एक घर में उत्सव सा नजारा था। ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष राकेश पुंडीर, भाजपा नेता रामभूल सिंह, ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर, पूर्व प्रधान सुभाष राणा, मोहित बजरंगी, शेर सिंह राणा, नरेंद्र सैनी मौजूद रहे।
कई गुम बच्चों का होता रहा ऐलान
भीड़ में कई बच्चें परिजनों से बिछड़ने पर थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने कंट्रोल रूम से संदेश प्रसारित कराकर मिलवाया। पीएसी के अलावा सभी थाना क्षेत्र की पुलिस चौकियों का स्टाफ और जिले से भारी फोर्स बुलाया गया।
युवाओं टीम ने संभाला मोर्चा
मेले में भक्तों का सैलाब उमड़ने पर युवाओं की टीम ने पुलिस बल के साथ व्यवस्था संभाली। कस्बा प्रभारी आशुतोष सिसौदिया और कई उप निरीक्षक कतार में भक्तों को पानी पिलाते और उन पर पंखे करते नजर आए। ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर खुद कुलदीप राणा, विक्की, गौरव, अमितपुंडीर, बिशन, दीपक राणा आदि के साथ म्हाड़ी पर सुरक्षा का दायित्व निभा रहे थे।
मन्नत पूरी होने पर दो साल दर्शन का मिला मौका
दूधली म्हाड़ी पर कोरोना काल में दो साल मेला नहीं लग सका। इस बार दूर प्रांतों से कई श्रद्धालु लेटकर और दौड़ लगाते हुए म्हाड़ी की ओर पहुंच रहे थे। जो मन्नत पूरी होने पर नीले निशान को लेकर म्हाड़ी के दर्शनों को आतुर थे। हरियाणा के अंबाला, पानीपत, सोनीपत, हिसार, करनाल और यमुनानगर और पंजाब राजस्थान से काफी श्रद्धालु दूधली पहुंचे।