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Muzaffarnagar News: दुल्हन की मौत से मातम में बदल गईं शादी की खुशियां

Wed, 19 Feb 2025 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:28 AM IST
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The happiness of the wedding turned into mourning due to the death of the bride
- दूल्हे के आवास पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा
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फोटो
अमर उजाला ब्यूरोमुजफ्फरनगर। शांतिनगर में खुशियां छाई थी। बराती सज धजकर तैयार होने लगे थे। महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं। झांसी से मेहमान पहुंच गए। दूल्हे के घर में शादी की रस्में शुरू हुई, दुल्हन को भी ब्यूटी पार्लर ले जाया गया। लेकिन दिल का दौरा पड़ने से दुल्हन की मौत से मातम पसर गया। देर रात तक दूल्हे के घर सैंकड़ों लोग जमा थे। बैंक्वट हॉल पर भी ताला लटक गया।
भोपा क्षेत्र के मलपुरा गांव के रहने वाले डॉ. भारत भूषण लंबे समय से शहर के शांतिनगर में रह रहे हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा में दूर तक उनकी पहचान है। शहर के अलावा देहात क्षेत्र से भी लोगों की दिनभर आवाजाही रहती है।
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मंगलवार रात उनके बेटे भोपा में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. विजय भूषण का विवाह होना था, लेकिन डॉक्टर दुल्हन की मौत हो गई। घर पर आए मेहमान गमजदा हो गए। विश्वकर्मा चौक स्थित नाथ फार्म हाउस पर चल रही तैयारियां भी रोक देनी पड़ी।
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दुल्हन का परिवार मूल रूप से अनूपशहर का रहने वाला है, लेकिन इन दिनों झांसी में रह रहा था। देर रात तक डॉक्टर के शांतिनगर स्थित आवास पर गम जताने वालों का तांता लगा है।
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दिल के मरीजों के लिए खतरा है बदलता मौसम

- तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव से बन रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी



मुजफ्फरनगर। धीरे-धीरे ठंड का मौसम जा रहा है। बावजूद यह मौसम भी दिल के मरीजों के लिए संवेदनशील है। इस मौसम में भी दिल के मरीजोंं को तकलीफ हो जाती है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार आती और जाती ठंड में लोग लापरवाही करते हैं इसलिए यह नुकसानदेय होता है। ऐसे मौसम में भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

मौसम बदल रहा है, लेकिन ठंड अभी भी बरकरार है। ठंड के दिनों में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है। जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ दिल के मरीजों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

सर्दी के मौसम में दो कारणों से बढ़ जाती हैं दिल की परेशानियां



वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डीएम काॅर्डियोलॅाजिस्ट डॉ.सत्यम राजवंशी के अनुसार ठंड के मौसम में दो कारणों से दिल की बीमारी के मामले बढ़ जाते हैं। जिनमें पहला, ठंडी हवा के संपर्क में आने से दिल, दिमाग और सारे शरीर की धमनियों का (नसें) सिकुड़ जाना है। ठंडी हवा और वायरल इंफेक्शन से सांस की नली में भी सूजन आती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सिकुड़ी हुई नसों में खून गाढ़ा होकर जमने की संभावना बढ़ जाती है। जिससे दिल या दिमाग का दौरा (पक्षाघात/पैरालाइसिस/ब्रेन हैमरेज) पड़ सकता है।


व्यायाम कम करना, अधिक चटपटा खाना नुकसानदेह

ह्रदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार ह्रदयघात का दूसरा कारण दिनचर्या, खानपान, और वातावरण से जुड़ा है। इन दिनों आलस्य के कारण व्यायाम का कम हो जाना, अधिक नमकीन, चटपटा और घी चिकनाईयुक्त खाना। अधिक धुम्रपान व शराब का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। जो खून को गाढ़ा करता है।



ठंड में दिल की बीमारी से बचाव के लिए क्या करें, क्या ना करें



- सुबह की सैर और व्यायाम करते समय खास ख्याल रखें।

- आलस्य के कारण सुबह की सैर व्यायाम बिल्कुल बंद ना करें।



- हल्की सर्दी में हाथ, पैर, सिर, गले, छाती को ढककर सैर करें।

- हल्का हाथों पैरों का व्यायाम, योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार करें।
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