{"_id":"60bd0f818ebc3ec9505ed877","slug":"the-family-of-the-traders-who-died-from-corona-got-the-accident-insurance-amount-of-rs-10-lakh-devband-news-mrt5414667147","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से मृतक व्यापारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की दुघर्टना बीमा राशि मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से मृतक व्यापारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की दुघर्टना बीमा राशि मिले
विज्ञापन
कोरोना से मृतक व्यापारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की दुघर्टना बीमा राशि मिले
देवबंद। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की रविवार को वर्चुअल बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार से जीएसटी में अपंजीकृत ऐसे व्यापारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की दुघर्टना बीमा राशि दिलाने की मांग की, जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू की वजह से व्यापारी बर्बाद हो गया है। उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में व्यापारी मौत का शिकार हुए हैं। कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने से अब उनके परिवार के सामने घर व व्यापार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने कहा कि अपंजीकृत व्यापारी की कोरोना से मृत्यु होने पर मंडी समिति, वन विभाग व अन्य लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन के आधार पर वैश्विक महामारी के अंतर्गत 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जाना चाहिए। साथ ही व्यापारियों के बिजली का बिल माफ करने तथा सभी प्रकार के व्यापारिक लाइसेंस व उनके नवीनीकरण के लिए लगाई जा रही लेट फीस को समाप्त करने की मांग भी की। प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2020 तथा 2021 में व्यापारियों के बैंक खाते में जोड़े गए ब्याज को वापस कराने, व्यापारियों के सभी प्रकार की बैंकों की किस्त जमा कराने के लिए 31 दिसंबर 2021 तक का समय बढ़ाने और व्यापारियों के सभी प्रकार के लोन अकाउंट 31 मार्च 2022 तक एनपीए न करने, व्यापारियों को उनके टर्नओवर के आधार पर 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान करने की मांग भी की गई। वर्चुअल बैठक में धर्मेंद्र गुप्ता (लखनऊ), दीपू गर्ग (बुलंदशहर), प्रदीप कुमार (अलीगढ़), राधेश्याम (हाथरस), नरेंद्र शर्मा व महेश पूरन (फिरोजाबाद), राजकुमार त्यागी व इसरार (मेरठ), मनोज अग्रवाल (सुल्तानपुर), धनंजय सिंह व कादिर (प्रयागराज), संजय व दीप चंद गुप्ता (मिर्जापुर), सुधीर मित्तल (गाजियाबाद), नीरज जैन (मुजफ्फरनगर), नरेश गोयल (सहारनपुर) और देवबंद से हरिओम सिंघल, दीपक गर्ग आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
देवबंद। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की रविवार को वर्चुअल बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार से जीएसटी में अपंजीकृत ऐसे व्यापारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की दुघर्टना बीमा राशि दिलाने की मांग की, जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू की वजह से व्यापारी बर्बाद हो गया है। उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में व्यापारी मौत का शिकार हुए हैं। कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने से अब उनके परिवार के सामने घर व व्यापार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने कहा कि अपंजीकृत व्यापारी की कोरोना से मृत्यु होने पर मंडी समिति, वन विभाग व अन्य लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन के आधार पर वैश्विक महामारी के अंतर्गत 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जाना चाहिए। साथ ही व्यापारियों के बिजली का बिल माफ करने तथा सभी प्रकार के व्यापारिक लाइसेंस व उनके नवीनीकरण के लिए लगाई जा रही लेट फीस को समाप्त करने की मांग भी की। प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2020 तथा 2021 में व्यापारियों के बैंक खाते में जोड़े गए ब्याज को वापस कराने, व्यापारियों के सभी प्रकार की बैंकों की किस्त जमा कराने के लिए 31 दिसंबर 2021 तक का समय बढ़ाने और व्यापारियों के सभी प्रकार के लोन अकाउंट 31 मार्च 2022 तक एनपीए न करने, व्यापारियों को उनके टर्नओवर के आधार पर 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान करने की मांग भी की गई। वर्चुअल बैठक में धर्मेंद्र गुप्ता (लखनऊ), दीपू गर्ग (बुलंदशहर), प्रदीप कुमार (अलीगढ़), राधेश्याम (हाथरस), नरेंद्र शर्मा व महेश पूरन (फिरोजाबाद), राजकुमार त्यागी व इसरार (मेरठ), मनोज अग्रवाल (सुल्तानपुर), धनंजय सिंह व कादिर (प्रयागराज), संजय व दीप चंद गुप्ता (मिर्जापुर), सुधीर मित्तल (गाजियाबाद), नीरज जैन (मुजफ्फरनगर), नरेश गोयल (सहारनपुर) और देवबंद से हरिओम सिंघल, दीपक गर्ग आदि शामिल रहे।
विज्ञापन