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सोरम से लापता बच्ची का अर्धनग्न शव मिला
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:07 AM IST
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बच्ची का शव मिलने के बाद लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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शाहपुर में पांच दिन से लापता सोरम गांव की छह साल की बच्ची का रजवाहे में अर्धनग्न हालत में शव मिलने से सनसनी फैल गई। बच्ची के दोनों हाथ पीछे चुनरी से बंधे हुए थे। सूचना पर परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस को गुस्साए ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया। पूर्व सांसद कादिर राना भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर घटना के तुरंत खुलासे की मांग की। पुलिस और राना के समझाने पर पांच घंटे बाद ग्रामीण मान गए और शव को पुलिस को सौंप दिया।
शाहपुर थाने के गांव सोरम निवासी वासिद की छह वर्षीय बेटी इकरा गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। मंगलवार को वह स्कूल से आने के बाद शाम चार बजे घर से अपनी चप्पल ठीक कराने के लिए घर से निकली थी। तब से वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बच्ची को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसी दिन में बालिका के गुम हो जाने की तहरीर इकरा के पिता वासिद की ओर से दी गई थी। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस भी अपने स्तर से छानबीन में जुटी थी। शनिवार दोपहर ग्रामीणों को सोरम के रजवाहे में एक बच्ची का शव नजर आया।
आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त इकरा के रूप में की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव की खबर पाकर ग्रामीणों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बच्ची का शव अर्धनग्न हालत में था, उसके दोनों हाथ पीछे की ओर चुनरी से बंधे हुए थे। पुलिस का मानना है कि शव को बीती रात में डाला गया है। रजवाहे में पानी कम था और शव एक जगह ही ठहरा हुआ था। जाहिरा तौर पर शव पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। बच्ची की हत्या गला दबाकर किए जाने की आशंका जताई गई। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार कर दिया।
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उनका कहना था कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस भागदौड़ करती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीण शव उठाने से पहले हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। सूचना पर सीओ बुढ़ाना सुधीर तोमर, सीओ फुगाना अरुण सिंह, एसपी देहात विनीत भटनागर और कई थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी घटनास्थल पर छानबीन की। इसी बीच गुस्साए लोगों ने शाहपुर-सोरम मार्ग पर जाम लगा दिया। लोग अधिकारियों के किसी भी तरह के आश्वासन को मानने के लिए तैयार नहीं थी। इस बीच सूचना पाकर पूर्व सांसद कादिर राना भी मौके पर पहुंच गए।
राना ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। राना ने एसपी देहात से बात कर हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने घटना के खुलासे के लिए कुछ वक्त की मोहलत मांगी। राना के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण मान गए और पांच घंटे बाद शव पुलिस को सौंपने के लिए राजी हो गए। माना जा रहा है कि किसी ने बच्ची को गलत नीयत से उठाया और पहचाने जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची के पिता वासिद की माली हालत अच्छी नहीं है। वह चिनाई का काम करता है। वासिद के नौ बच्चों में इकरा सबसे छोटी बेटी थी। बच्ची का शव मिलने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
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शाहपुर थाने के गांव सोरम निवासी वासिद की छह वर्षीय बेटी इकरा गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी। मंगलवार को वह स्कूल से आने के बाद शाम चार बजे घर से अपनी चप्पल ठीक कराने के लिए घर से निकली थी। तब से वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बच्ची को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसी दिन में बालिका के गुम हो जाने की तहरीर इकरा के पिता वासिद की ओर से दी गई थी। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस भी अपने स्तर से छानबीन में जुटी थी। शनिवार दोपहर ग्रामीणों को सोरम के रजवाहे में एक बच्ची का शव नजर आया।
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आसपास के लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त इकरा के रूप में की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव की खबर पाकर ग्रामीणों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। बच्ची का शव अर्धनग्न हालत में था, उसके दोनों हाथ पीछे की ओर चुनरी से बंधे हुए थे। पुलिस का मानना है कि शव को बीती रात में डाला गया है। रजवाहे में पानी कम था और शव एक जगह ही ठहरा हुआ था। जाहिरा तौर पर शव पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। बच्ची की हत्या गला दबाकर किए जाने की आशंका जताई गई। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार कर दिया।
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उनका कहना था कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस भागदौड़ करती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीण शव उठाने से पहले हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। सूचना पर सीओ बुढ़ाना सुधीर तोमर, सीओ फुगाना अरुण सिंह, एसपी देहात विनीत भटनागर और कई थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी घटनास्थल पर छानबीन की। इसी बीच गुस्साए लोगों ने शाहपुर-सोरम मार्ग पर जाम लगा दिया। लोग अधिकारियों के किसी भी तरह के आश्वासन को मानने के लिए तैयार नहीं थी। इस बीच सूचना पाकर पूर्व सांसद कादिर राना भी मौके पर पहुंच गए।
राना ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। राना ने एसपी देहात से बात कर हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने घटना के खुलासे के लिए कुछ वक्त की मोहलत मांगी। राना के समझाने-बुझाने पर ग्रामीण मान गए और पांच घंटे बाद शव पुलिस को सौंपने के लिए राजी हो गए। माना जा रहा है कि किसी ने बच्ची को गलत नीयत से उठाया और पहचाने जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची के पिता वासिद की माली हालत अच्छी नहीं है। वह चिनाई का काम करता है। वासिद के नौ बच्चों में इकरा सबसे छोटी बेटी थी। बच्ची का शव मिलने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।