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डीएम के सामने रोए वेतन जारी करने में सुविधा शुल्क मांगने के आरोपी लेखाधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:46 PM IST
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डीएम के सामने रोते लेखाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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निलंबित शिक्षक की बहाली के बाद कोर्ट के आदेश पर उसका 20 माह का वेतन जारी नहीं करने पर डीएम डीके सिंह ने लेखाधिकारी की क्लास लगा दी। आरोपों से घिरता देख लेखाधिकारी डीएम के सामने ही रोने लगा। इस पर डीएम ने कहा कि रोने से काम नहीं चलेगा। सही काम करना शुरू कर दीजिए, वरना जेल जाने के लिए तैयार रहें।
बुढ़ाना ब्लाक के गढ़मलपुर सागड़ी स्कूल की शिक्षिका दीपमाला ने आरोप लगाया था कि लेखाधिकारी रविप्रकाश अग्रवाल उसका 20 माह का वेतन नहीं दे रहे हैं। उससे सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है, जबकि बीएसए उसे वेतन जारी करने के आदेश कर चुके हैं। डीएम के सामने अन्य कुछ शिक्षकों ने भी इसी तरह की शिकायत रखी। कई शिकायतों के चलते डीएम ने शिकायतकर्ताओं और लेखाधिकारी को सोमवार को आमने-सामने बुलाया था।
शिक्षिका दीपमाला ने सीधे कहा कि उसका 20 माह में से केवल चार माह का वेतन जारी किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर वह बहाल हुई हैं और उसका वेतन जारी करने का आदेश हुआ है। डीएम ने जब लेखाधिकारी से वेतन जारी न करने का कारण पूछा, तो उसने कहा कि दीपमाला सस्पेंड थीं, बजट देर से आया। डीएम ने लेखाधिकारी से पूछा कि आपका काम जांच करने का है, या पैसा जारी करने का। जांच करने का काम बीएसए का है और बीएसए आपको आदेश कर चुके हैं, तो आपने पूरा पैसा जारी क्यों नहीं किया।
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इसी बीच दो-तीन और शिक्षकों ने लेखाधिकारी एवं उनके बाबुओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। वेतन जारी करने में मांगे गए सुविधा शुल्क के बारे में जानकारी दी। खुद को घिरता देख रविप्रकाश अग्रवाल डीएम के सामने ही रोने लगे। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि रोने से काम नहीं चलेगा। सही काम करना शुरू कर दो। सरकार बदल गई है, तत्काल मामले का निस्तारण कर दो, नहीं तो जेल जाओगे। बीएसए को आदेश दिए कि सभी शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण अपनी देखरेख में कराएं।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाने के आदेश
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने बीएसए चंद्रकेश यादव से कहा कि लेखा विभाग में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाएं। उन्होंने सीडीओ अंकित अग्रवाल को निर्देश दिए कि किसी भी समय जाकर लेखाधिकारी कार्यालय की जांच करें। विभाग ने कितने शिक्षकों की फाईल लटकाई हैं, यह भी देख लें।
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बुढ़ाना ब्लाक के गढ़मलपुर सागड़ी स्कूल की शिक्षिका दीपमाला ने आरोप लगाया था कि लेखाधिकारी रविप्रकाश अग्रवाल उसका 20 माह का वेतन नहीं दे रहे हैं। उससे सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है, जबकि बीएसए उसे वेतन जारी करने के आदेश कर चुके हैं। डीएम के सामने अन्य कुछ शिक्षकों ने भी इसी तरह की शिकायत रखी। कई शिकायतों के चलते डीएम ने शिकायतकर्ताओं और लेखाधिकारी को सोमवार को आमने-सामने बुलाया था।
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शिक्षिका दीपमाला ने सीधे कहा कि उसका 20 माह में से केवल चार माह का वेतन जारी किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर वह बहाल हुई हैं और उसका वेतन जारी करने का आदेश हुआ है। डीएम ने जब लेखाधिकारी से वेतन जारी न करने का कारण पूछा, तो उसने कहा कि दीपमाला सस्पेंड थीं, बजट देर से आया। डीएम ने लेखाधिकारी से पूछा कि आपका काम जांच करने का है, या पैसा जारी करने का। जांच करने का काम बीएसए का है और बीएसए आपको आदेश कर चुके हैं, तो आपने पूरा पैसा जारी क्यों नहीं किया।
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इसी बीच दो-तीन और शिक्षकों ने लेखाधिकारी एवं उनके बाबुओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। वेतन जारी करने में मांगे गए सुविधा शुल्क के बारे में जानकारी दी। खुद को घिरता देख रविप्रकाश अग्रवाल डीएम के सामने ही रोने लगे। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि रोने से काम नहीं चलेगा। सही काम करना शुरू कर दो। सरकार बदल गई है, तत्काल मामले का निस्तारण कर दो, नहीं तो जेल जाओगे। बीएसए को आदेश दिए कि सभी शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण अपनी देखरेख में कराएं।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाने के आदेश
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने बीएसए चंद्रकेश यादव से कहा कि लेखा विभाग में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाएं। उन्होंने सीडीओ अंकित अग्रवाल को निर्देश दिए कि किसी भी समय जाकर लेखाधिकारी कार्यालय की जांच करें। विभाग ने कितने शिक्षकों की फाईल लटकाई हैं, यह भी देख लें।