फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Textile businessmen suffering, pleading for help

कोरोना इंपैक्ट:- बाजार का हाल-

Sat, 06 Jun 2020 11:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 11:28 PM IST
विज्ञापन
Textile businessmen suffering, pleading for help
एसडी मार्केट का दुकानदार राजेश ग्रोवर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
कपड़ा कारोबारी हुए बेहाल, मदद की गुहार
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना से बचाव को दो माह चले लॉकडाउन में कपड़े का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से अन्य दुकानों का रियायत मिली, मगर कपड़े के कारोबार को कोई छूट नहीं मिल सकी। इन दो माह में शादी-विवाह के अलावा ईद सीजन भी कोरोना काल की भेंट चढ़ गया। शहर की एसडी मॉर्केट जिले की बड़ी कपड़ा मार्केट है। यहां के कारोबारियों का कहना है कि सरकार उन्हें भी जीएसटी और बिजली बिल में छूट प्रदान करें, ताकि वो संभल सके।
- कपड़ों का होलसेल का कारोबार करने वाले राजेश ग्रोवर का कहना है कि लॉकडाउन ने कारोबार को शून्य कर दिया है। दो माह से दुकानें नहीं खुलने से कपड़ा भी खराब हो गया है। चूहों ने भी नुकसान पहुंचाया है। ट्रांसपोर्ट पर माल पड़ा रहा, अब फैक्टरी मालिक भुगतान मांग रहे है, भला कहां से भुगतान करें। सरकार से मदद मिलने चाहिए।
विज्ञापन

एसडी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं कंसल फैशन शोरूम के मालिक राकेश कंसल कहते हैं कि कोई कारोबार कोरोना काल में नहीं हुआ। प्रशासन ने भी उपेक्षित रवैया अपनाया है। सरकार को चाहिए कि जीएसटी और बिजली के बिलों में छूट दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कपड़े की रिटेल कारोबार करने वाले गर्ग संस के मालिक पंकज गर्ग करते हैं कि दो माह में शादी-विवाह और ईंद का सीजन खत्म हो गया। ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा। अब अनलॉक में प्रशासन ने दुकान खोलने की अनुमति दी है, मगर कपड़ा बाजार में ग्राहक ही नहीं है।
- मोना हैंडलूम के मालिक के नरेश कुमार पोपली कहते हैं कि दो माह दुकान बंद रहने से भारी नुकसान हुआ है। पड़ा हुआ माल बेकार हो गया। अब ग्राहक नजर नहीं आ रहा है। ऊपर से बिजली बिल, जीएसटी जमा करनी है, यह माफ होना चाहिए। सरकार हमारी भी सुने।
एसोसिएशन के महामंत्री साड़ी की दुकान करने वाले रामकुमार ने कहा कि यहां से कपड़ा कस्बों के अलावा आसपास के जिलों में भी थोक में जाता है। कोरोना काल में यहां के दुकानदारों को करोड़ों का काम प्रभावित हुआ है। अभी भी ग्राहक नहीं है और सर्दी आने पर शादी विवाह का सीजन आने पर ही कारोबार संभल सकता है।

साड़ी की दुकान करने वाले लक्ष्मी ट्रे्डर्स के मालिक योगेश सिंघल भगतजी कहते हैं कि दो माह में कोई कारोबार नहीं हुआ। ईद, शादी का सीजन पिट गया। श्रमिक अपने घरों को लौट गए। हम दुकानदार भी परेशानी से गुजर रहे है। सरकार को चाहिए कि हमें भी राहत प्रदान करें।

एसडी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कंसल।

एसडी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कंसल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

एसडी मार्केट का दुकानदार पंकज गर्ग।

एसडी मार्केट का दुकानदार पंकज गर्ग।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

एसडी मार्केट का दुकानदार नरेश कुमार पोपली।

एसडी मार्केट का दुकानदार नरेश कुमार पोपली।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

एसडी मार्केट का रामकुमार।

एसडी मार्केट का रामकुमार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

एसडी मार्केट का दुकानदार योगेश सिंघल भगतजी।

एसडी मार्केट का दुकानदार योगेश सिंघल भगतजी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed