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Muzaffarnagar News: कंट्रोल रूम में तैनात दो पुलिसकर्मियों की कराई गवाही
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रामपुर तिराहा कांड
- अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात ने फैसला सुनाया
- रामपुर तिराहा कांड में अब अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड के समय जिला मुख्यालय पर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गवाही कराई गई। दोनों ने वायरलैस पर हो रहे सूचनाओं के आदान-प्रदान को नोट किया था। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावलियों में सीबीआई ने दो गवाह पेश किए। अलीगढ़ में पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात उप निरीक्षक अनूप कुमार और तत्कालीन मुख्य परिचालक मदनपाल सिंह की गवाही कराई।
सीबीआई ने दोनों को अदालत में साक्ष्य के लिए पेश किया। दोनों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में थी। वायरलैस सेट पर हो रहे सूचनाओं के आदान-प्रदान को नोट किया गया था। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तिथि तय की है।
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ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे।
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- अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात ने फैसला सुनाया
- रामपुर तिराहा कांड में अब अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड के समय जिला मुख्यालय पर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गवाही कराई गई। दोनों ने वायरलैस पर हो रहे सूचनाओं के आदान-प्रदान को नोट किया था। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावलियों में सीबीआई ने दो गवाह पेश किए। अलीगढ़ में पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात उप निरीक्षक अनूप कुमार और तत्कालीन मुख्य परिचालक मदनपाल सिंह की गवाही कराई।
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सीबीआई ने दोनों को अदालत में साक्ष्य के लिए पेश किया। दोनों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में थी। वायरलैस सेट पर हो रहे सूचनाओं के आदान-प्रदान को नोट किया गया था। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तिथि तय की है।
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ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे।