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Muzaffarnagar News: चालक-परिचालक की गवाही, सीबीआई के पैरवी निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस

Tue, 04 Apr 2023 05:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2023 05:58 PM IST
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Testimony of driver-operator, CBI lobbying inspector show cause notice
रामपुर तिराहा कांड
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- अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात में पेश हुए प्रकरण के आरोपी

- मृतक बताए जा रहे लोगों की मृत्यु आख्या उपलब्ध नहीं कराने पर हुआ नोटिस जारी

- प्रकरण की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी

अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में गवाही जारी रही। देहरादून से महिलाएं जिस बस में सवार हुई थी, उसके चालक-परिचालक की गवाही कराई गई है। मृतक बताए जा रहे लोगों की मृत्यु आख्या उपलब्ध नहीं कराने पर सीबीआई के पैरवी निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रकरण की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह की अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी पत्रावली की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह और जोगेंद्र गोयल ने बताया कि चालक-परिचालक की गवाही हुई है। इससे पहले होटल कर्मचारी की गवाही की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
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अदालत ने मृतक बताए गए आरोपी झम्मन सिंह, राजपाल सिंह, महेश चंद शर्मा और नेपाल सिंह की मृत्यु आख्या नहीं देने पर सीबीआई के पैरवी निरीक्षक देवेंद्र मीणा को नोटिस जारी किया है। विभागीय कार्रवाई के लिए डायरेक्टर को पत्र लिखा है। पैरवी निरीक्षक को अगली तिथि पर अदालत में उपस्थित रहने के आदेश भी दिए गए हैं।
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एसपी हापुड़ से मांगी गई आख्या

अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने विक्रम सिंह तोमर की पत्रावली की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि एसपी हापुड़ से विक्रम सिंह के प्रकरण की आख्या मांगी गई है।


ये था मामला

एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।



ये आरोपी कोर्ट में पेश हुए

अभियुक्त राधा मोहन द्विवेदी, कृपाल सिंह, सुमेर सिंह, देवेंद्र सिंह, तमकीन अहमद, मिलाप सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुंवरपाल सिंह, प्रबल प्रकाश, रणपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार, राकेश कुमार सिंह, सतीश चंद शर्मा, कुशलपाल सिंह, वीरेंद्र प्रताप, विजयपाल सिंह, नरेश त्यागी, नेत्रपाल सिंह, राकेश मिश्रा उपस्थित रहे। आरोपी बृजेश कुमार और संजीव कुमार की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
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