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Muzaffarnagar News: डेढ़ प्रतिशत के लिए निवेशकों को ढूंढने निकलते हैं टीम लीडर
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मुजफ्फरनगर। दुबई में बैठकर क्यूएफएक्स ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करने वाला लविश चौधरी अपने लिए काम करने वाले एजेंटों पर भी मेहरबान है। वह एजेंटों को कंपनी में पैसा लगवाने पर मूल रकम का डेढ़ प्रतिशत कमीशन देता है, जिस कारण एजेंट कंपनी में पैसा लगाने के लिए लोगों को तलाशते घूमते रहते थे। एजेंटों को टीम लीडर कहा जाता है।
लविश चौधरी की कंपनी का नेटवर्क पूरे जिले में है, लेकिन गढ़ सुजडू गांव है। चर्चा है कि जमीन के रुपयों को भी लोगों ने कंपनी में निवेश कर दिया। मोटा ब्याज लाभांश के नाम पर दिया जाता था। लोगों को देखा देखी, अन्य काफी लोगों ने भी होम लोन या अन्य प्रकार से एकत्र कर रुपये कंपनी में निवेश कर दिए।
यह रुपये जमा कराने में लविश चौधरी के एजेंट, जिन्हें कंपनी में टीम लीडर बताया जाता है, इन लोगों ने पूरी मशक्कत की। इन टीम लीडर को कंपनी में जमा कराई मूल रकम का डेढ़ प्रतिशत बतौर कमीशन दिया जाता था। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि एक टीम प्रतिमाह 10 से 15 लाख रुपये तक कमीशन से कमाता था।
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बिना काम, शान और शौकत बरकरार
सुजडू में ऐसे भी काफी लोग हैं, जो लगातार निवेश कर रहे हैं। यहीं के कई लोगों के लविश की टीम के साथ जुड़े होने की चर्चा है। वर्तमान में यह सभी टीम लीडर भूमिगत हो गए हैं। वहीं ऐसे लोगों पर खुफिया विभाग ने नजर लगाई है।
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हवाला से जाता था पैसा
लविश चौधरी की कंपनी के जानकार बताते हैं कि कंपनी में रुपये निवेश करने वाले लोगों को कम से कम एक लाख साठ हजार रुपये निवेश कराने होते थे। इसके बाद कंपनी में उनकी आईडी बनती थी। तब कंपनी में अनलिमिटेड रुपये निवेश किए जा सकते थे। मोटी रकम हवाला के माध्यम से दुबई पहुंचती थी।
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सताने लगा रुपये डूबने का डर
ईडी की टीम ने लविश चौधरी की तलाश शुरू की है, जबकि उसकी कंपनी में मुजफ्फरनगर जनपद के भी काफी लोगों ने रुपये निवेश किए हुए हैं। इन लोगों को अपना रुपया डूबने का डर सता रहा है, क्योंकि कंपनी के टीम लीडर दिखाई देने बंद हो गए।
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इन्होंने कहा -
इस मामले में ईडी की टीम जांच कर रही है। यदि कोई लविश चौधरी की कंपनी में अपनी रकम डूबने की शिकायत लेकर आता है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-सत्य नारायण प्रजापत, एसपी सिटी।
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लविश चौधरी की कंपनी का नेटवर्क पूरे जिले में है, लेकिन गढ़ सुजडू गांव है। चर्चा है कि जमीन के रुपयों को भी लोगों ने कंपनी में निवेश कर दिया। मोटा ब्याज लाभांश के नाम पर दिया जाता था। लोगों को देखा देखी, अन्य काफी लोगों ने भी होम लोन या अन्य प्रकार से एकत्र कर रुपये कंपनी में निवेश कर दिए।
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यह रुपये जमा कराने में लविश चौधरी के एजेंट, जिन्हें कंपनी में टीम लीडर बताया जाता है, इन लोगों ने पूरी मशक्कत की। इन टीम लीडर को कंपनी में जमा कराई मूल रकम का डेढ़ प्रतिशत बतौर कमीशन दिया जाता था। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि एक टीम प्रतिमाह 10 से 15 लाख रुपये तक कमीशन से कमाता था।
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बिना काम, शान और शौकत बरकरार
सुजडू में ऐसे भी काफी लोग हैं, जो लगातार निवेश कर रहे हैं। यहीं के कई लोगों के लविश की टीम के साथ जुड़े होने की चर्चा है। वर्तमान में यह सभी टीम लीडर भूमिगत हो गए हैं। वहीं ऐसे लोगों पर खुफिया विभाग ने नजर लगाई है।
हवाला से जाता था पैसा
लविश चौधरी की कंपनी के जानकार बताते हैं कि कंपनी में रुपये निवेश करने वाले लोगों को कम से कम एक लाख साठ हजार रुपये निवेश कराने होते थे। इसके बाद कंपनी में उनकी आईडी बनती थी। तब कंपनी में अनलिमिटेड रुपये निवेश किए जा सकते थे। मोटी रकम हवाला के माध्यम से दुबई पहुंचती थी।
सताने लगा रुपये डूबने का डर
ईडी की टीम ने लविश चौधरी की तलाश शुरू की है, जबकि उसकी कंपनी में मुजफ्फरनगर जनपद के भी काफी लोगों ने रुपये निवेश किए हुए हैं। इन लोगों को अपना रुपया डूबने का डर सता रहा है, क्योंकि कंपनी के टीम लीडर दिखाई देने बंद हो गए।
इन्होंने कहा -
इस मामले में ईडी की टीम जांच कर रही है। यदि कोई लविश चौधरी की कंपनी में अपनी रकम डूबने की शिकायत लेकर आता है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-सत्य नारायण प्रजापत, एसपी सिटी।