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शांति व्यवस्था में सहयोग करने वाले भी हो गए नामजद
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शांति व्यवस्था में सहयोग करने वाले भी हो गए नामजद
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी थी। पुलिस ने शांति व्यवस्था में सहयोग करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर लिया।
जिला प्रशासन ने शहर में हुए उपद्रव का ठीकरा उन लोगों के सिर भी फोड़ना शुरू कर दिया है, जिन्हें शांति स्थापित करने में अपना सहयोगी बना रखा था। पैगाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही पर मुकदमा दर्ज होने से हर कोई अचंभित है। शुक्रवार को एडीएम प्रशासन अमित सिंह सुबह दस बजे आसिफ राही को अपने साथ गांव बागोवाली में कुछ लोगों को समझाने के लिए ले गए थे। यहीं से सीओ मंडी हरीश भदौरिया ने शेरनगर में उनका सहयोग लिया। अधिकारी न्याजुपुरा में भी लोगों को समझाने के लिए उन्हें अपने साथ लेकर गए। मदीना चौक पर जब हंगामा हुआ तो लोगों की भीड़ को शांत करने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव ने राही को बुलाया। एसपी सिटी सतपाल आंतिल और सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने मीनाक्षी चौक पर प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए उनसे कहा। राही ने एक माइक मंगवाकर यहां लोगों से अपील की, भीड़ में से कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इसी के साथ कच्ची सड़क क्षेत्र से पांचवीं बार सभासद वाजिद भी खुलकर प्रशासन के साथ रहे। पुलिस की कार्रवाई में पुलिस के साथ खड़े रहे। लोगों को शांत करने का पूरा प्रयास किया। भीड़ का निशाना भी बने। आसिफ राही का कहना है कि सुबह दस बजे से शाम तक आई अफसरों की समस्त कॉल उनके पास रिकार्ड हैं। प्रशासन का साथ दिया, उसके बाद हम पर ही दो मुकदमे दर्ज कर दिए। एक भी जगह भड़काने की बात प्रशासन साबित कर दे तो मैं गुनाह कबूलने के लिए तैयार हूं।
मुकदमा दर्ज होने का मतलब दोषी नहीं
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि दोष साबित हुए बिना किसी पर भी कार्रवाई नहीं होगी। जिन लोगों पर मुकदमा हो गया है, उन पर दोष साबित नहीं हुआ है। जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी थी। पुलिस ने शांति व्यवस्था में सहयोग करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर लिया।
जिला प्रशासन ने शहर में हुए उपद्रव का ठीकरा उन लोगों के सिर भी फोड़ना शुरू कर दिया है, जिन्हें शांति स्थापित करने में अपना सहयोगी बना रखा था। पैगाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही पर मुकदमा दर्ज होने से हर कोई अचंभित है। शुक्रवार को एडीएम प्रशासन अमित सिंह सुबह दस बजे आसिफ राही को अपने साथ गांव बागोवाली में कुछ लोगों को समझाने के लिए ले गए थे। यहीं से सीओ मंडी हरीश भदौरिया ने शेरनगर में उनका सहयोग लिया। अधिकारी न्याजुपुरा में भी लोगों को समझाने के लिए उन्हें अपने साथ लेकर गए। मदीना चौक पर जब हंगामा हुआ तो लोगों की भीड़ को शांत करने के लिए एसएसपी अभिषेक यादव ने राही को बुलाया। एसपी सिटी सतपाल आंतिल और सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने मीनाक्षी चौक पर प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए उनसे कहा। राही ने एक माइक मंगवाकर यहां लोगों से अपील की, भीड़ में से कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। इसी के साथ कच्ची सड़क क्षेत्र से पांचवीं बार सभासद वाजिद भी खुलकर प्रशासन के साथ रहे। पुलिस की कार्रवाई में पुलिस के साथ खड़े रहे। लोगों को शांत करने का पूरा प्रयास किया। भीड़ का निशाना भी बने। आसिफ राही का कहना है कि सुबह दस बजे से शाम तक आई अफसरों की समस्त कॉल उनके पास रिकार्ड हैं। प्रशासन का साथ दिया, उसके बाद हम पर ही दो मुकदमे दर्ज कर दिए। एक भी जगह भड़काने की बात प्रशासन साबित कर दे तो मैं गुनाह कबूलने के लिए तैयार हूं।
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मुकदमा दर्ज होने का मतलब दोषी नहीं
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि दोष साबित हुए बिना किसी पर भी कार्रवाई नहीं होगी। जिन लोगों पर मुकदमा हो गया है, उन पर दोष साबित नहीं हुआ है। जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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