फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   SP-BSP soft

मोदी पर गरम, सपा-बसपा पर नरम, छोटे चौधरी ने किसानों की दुखती रगों पर हाथ रखा

Fri, 23 Dec 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 23 Dec 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
SP-BSP soft
रालोद की रैली में जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
चरथावल रैली जाट और मुसलिम समीकरण को दोबारा से जोड़ने की एक पहल थी। छोटे चौधरी मोदी को लेकर जितने तल्ख थे, उसने ही सपा और बसपा को लेकर नरम भी दिखे। उनका पूरा भाषण नोटबंदी बनाम मोदी पर फोकस था, जबकि दूसरे दलों का उन्होंने नाम तक नहीं लिया। अजित सिंह और उनके बेटे जयंत ने किसानों की दुखती रगों पर हाथ रखा। गन्ना भुगतान और अन्य समस्याओं पर किसानों से हाथ उठवाकर हामी भरवाई।             
विज्ञापन


चरथावल रैली में चौधरी अजित सिंह ने विधानसभा चुनावों पर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने भाजपा को निशाने पर लेकर यह तो साफ कर दिया कि भाजपा से गठबंधन की ज्यादा उम्मीद नहीं है। चरथावल रैली दंगे से बिखरे जाट और मुस्लिम समीकरण को जोड़ने की एक पहल भी थी। रालोद को काफी हद तक इसमें कामयाबी भी मिलती दिखी।
विज्ञापन


रैली में मुस्लिमों की अच्छी खासी तादाद देखकर छोटे चौधरी खुश नजर आए। दंगे के बाद से मुजफ्फरनगर में रालोद की यह बड़ी रैली थी। अभी तक दोनों ही समुदाय के लोग एक-दूसरे के पास बैठने से कतराते रहे हैं। छोटे चौधरी ने भाजपा और नरेंद्र मोदी पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने मोदी के फैसलों को किसान विरोधी करार दिया। पश्चिम यूपी की गन्ने की समस्या पर उन्होंने यह भी चुटकी ली कि मोदी को गन्ने का कुछ पता ही नहीं। किसानों को हाथ उठवाकर यह भी 
विज्ञापन
विज्ञापन


संकल्प दिलाया गया कि अगर आप चौधरी साहब के अनुयायी हो तो विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाओ। उन्होंने प्रदेश में सत्तासीन सपा और बसपा पर एक शब्द भी नहीं बोला। प्रदेश की कानून व्यवस्था गन्ना समस्या पर उन्होंने प्रदेश सरकार को कुछ नहीं कहा। चरथावल सीट बसपा के पास है, लेकिन वह बसपा को लेकर भी खामोश रहे। मंच से उतरते समय पत्रकारों ने जब गठबंधन पर अजित सिंह को टटोलना चाहा तो उन्होंने कहा कि यह भविष्य बताएगा। जदयू सांसद केसी त्यागी ने भी अपने भाषण में भाजपा को कोसा। तुगलक रोड स्थित आवास खाली कराकर चौधरी चरण सिंह की बैंत को बाहर फेंकने की कहानी सुनाकर उन्होंने लोगों को भावुक करने का प्रयास किया। 
    
गड़रिये की भेड़ें कसाई के घर पहुंची            
रैली में जदयू सांसद केसी त्यागी ने ऐसी मिसाल सुनाई कि लोगों की हंसी छूट पड़ी। रालोद की हार पर केसी ने कहा कि पिछले चुनावों में चौधरी साहब की विरासत टूट गई। गड़रिए से नाराज होकर भेड़ें खुद कसाई के घर पहुंच गईं। यह सुनकर जनसमूह में हंसी छूट पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में जब उनके घर कोई भी दल का प्रत्याशी वोट मांगने आए तो पहले लिखवाकर ले लेना कि वोट तब देंगे, जब दिल्ली में चौधरी साहब का संग्रहालय, राष्ट्रीय स्मारक और भारत रत्न की मांग पूरी होगी।

जयंत की अगुवाई में हो सकता है नए मोर्चे का गठन
किसान अधिकार रैली में भाग लेने आए विभिन्न दलों के नेताओं ने जयंत चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया। जयंत चौधरी की अगुवाई में ही चुनाव लड़ने की घोषणा की गई। जयंत ने सधा हुआ भाषण दिया और अपने दादा चौधरी चरण सिंह की यादों को ताजा कर किसानों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया। जयंत का मुख्यमंत्री के रूप में नाम सामने आने से किसानों में नया जोश दिखाई दिया।       

प्रदेश की राजनीति में रालोद एक नए विकल्प के रूप में सामने आ सकता है। बृहस्पतिवार को चरथावल की किसान अधिकार रैली में कई राजनीतिक दलों ने रालोद के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा की। जयंत चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करते हुए विधानसभा चुनाव उन्हीं की छत्रछाया में लडऩे के संकेत दिए गए। जदयू नेता केसी त्यागी ने किसानों को उनके सम्मान और स्वाभिमान की याद दिलाते हुए लखनऊ में जयंत चौधरी के राजतिलक में सहयोग करने की अपील की।


वंचित समाज पार्टी के रामकरण कश्यप, समतावादी रिपब्लिकन पार्टी के धर्मेंद्र यादव, जनता दल एस के दानिश अली, एनसीपी के शरद पंवार, ममता बनर्जी के सांसद नजीबुलहक ने जयंत चौधरी के नेतृत्व को स्वीकार किया। विभिन्न राजनीतिक दलों की इस घोषणा से प्रदेश में एक नए मोर्चे के आसार साफ दिखाई देने लगे हैं। वहीं अपने सधे हुए भाषण में जयंत चौधरी ने राजनीति में स्वच्छता और पारदर्शिता की बात की। चौधरी चरणसिंह की यादों को ताजा करते हुए किसानों को सीधे अपने से जोड़ा। किसानों में भी जयंत का नाम मुख्यमंत्री के रूप में सामने आने से एक नया जोश दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed