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सरकार के जाते ही रामपुर में सन्नाटा पसरा
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सरकार के जाते ही रामपुर में सन्नाटा पसरा
छपार (मुजफ्फरनगर)। गांव रामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले गली मोहल्लों में साफ सफाई कर पूरे गांव को सैनिटाइज किया गया। कोविड टेस्ट के सेंटर लगाकर ग्रामीणों के टेस्ट किए गए। उनके जाने के बाद मंगलवार को न कोई सफाई कर्मी आया और ना ही कोविड मरीजों का हाल जानने को कोई स्वास्थ्य कर्मी पहुंचा।
सदर ब्लाक के गांव रामपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया था। सीएम के दौरे को लेकर शनिवार, रविवार और सोमवार को प्रशासन का पूरा अमला यहां मौजूदा रहा। लगातार तीन दिनों से तैयारियों की जा रही थी। गांव में साफ सफाई की गई। निगरानी समिति ने गांव में भ्रमण किया। अफसरों ने घर-घर जाकर सर्वे कराया। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर व अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। तहसील कर्मी व सफाई कर्मचारी सैकड़ों की संख्या में लगाकर पूरे गांव की सफाई कराई। ग्रामीणों को पहली बार पता चला कि प्रशासन कैसे काम करता है। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामपुर गांव का दौरा किया। लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंगलवार को पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी यहां नहीं पहुंचा। कोई सफाई कर्मी गांव में नहीं आया और ना ही स्वास्थ्य विभाग से कोई कर्मचारी कोविड मरीजों का हाल जानने आया।
पूरा गांव कोविड की दहशत में है। गलिया सुनसान पड़ी है। लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कोविड के चलते तीन दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी है। एक दिन तो सात चिताएं एक सात जली थी। उस मंजर गांव में दहशत है। गांव के पूर्व प्रधान विरेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों से खूब सफाई की गई, मगर मंगलवार को कोई नहीं आया। मुन्ना सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्री आने से साफ सफाई हुई है। चार दिन बाद फिर वही गंदगी के ढेर मिलेंगे। जगपाल सिंह, जगत सिंह, अश्विनी, अमित शर्मा भी कहते है कि पूरे गांव में सिर्फ एक महिला सफाई कर्मी है, वह भी मुजफ्फरनगर से आती है। दो दिन गांव में चहल पहल रही। यह कमाल तो मुख्यमंत्री के आने पर था, अब फिर वही ढर्रा ज्यों का त्यों है।
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छपार (मुजफ्फरनगर)। गांव रामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले गली मोहल्लों में साफ सफाई कर पूरे गांव को सैनिटाइज किया गया। कोविड टेस्ट के सेंटर लगाकर ग्रामीणों के टेस्ट किए गए। उनके जाने के बाद मंगलवार को न कोई सफाई कर्मी आया और ना ही कोविड मरीजों का हाल जानने को कोई स्वास्थ्य कर्मी पहुंचा।
सदर ब्लाक के गांव रामपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया था। सीएम के दौरे को लेकर शनिवार, रविवार और सोमवार को प्रशासन का पूरा अमला यहां मौजूदा रहा। लगातार तीन दिनों से तैयारियों की जा रही थी। गांव में साफ सफाई की गई। निगरानी समिति ने गांव में भ्रमण किया। अफसरों ने घर-घर जाकर सर्वे कराया। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर व अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। तहसील कर्मी व सफाई कर्मचारी सैकड़ों की संख्या में लगाकर पूरे गांव की सफाई कराई। ग्रामीणों को पहली बार पता चला कि प्रशासन कैसे काम करता है। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामपुर गांव का दौरा किया। लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंगलवार को पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी यहां नहीं पहुंचा। कोई सफाई कर्मी गांव में नहीं आया और ना ही स्वास्थ्य विभाग से कोई कर्मचारी कोविड मरीजों का हाल जानने आया।
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पूरा गांव कोविड की दहशत में है। गलिया सुनसान पड़ी है। लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कोविड के चलते तीन दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी है। एक दिन तो सात चिताएं एक सात जली थी। उस मंजर गांव में दहशत है। गांव के पूर्व प्रधान विरेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों से खूब सफाई की गई, मगर मंगलवार को कोई नहीं आया। मुन्ना सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्री आने से साफ सफाई हुई है। चार दिन बाद फिर वही गंदगी के ढेर मिलेंगे। जगपाल सिंह, जगत सिंह, अश्विनी, अमित शर्मा भी कहते है कि पूरे गांव में सिर्फ एक महिला सफाई कर्मी है, वह भी मुजफ्फरनगर से आती है। दो दिन गांव में चहल पहल रही। यह कमाल तो मुख्यमंत्री के आने पर था, अब फिर वही ढर्रा ज्यों का त्यों है।
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