फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Shiva temple of Mahabharata period of Kharar village is the center of faith

Muzaffarnagar News: आस्था का केन्द्र खरड़ गांव का महाभारतकालीन शिव मंदिर

Fri, 14 Jul 2023 12:44 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:44 AM IST
विज्ञापन
Shiva temple of Mahabharata period of Kharar village is the center of faith
बुढ़ाना के खरड़ गांव की जूड़ में महाभारत कालीन प्राचीन ​शिव मंदिर, श्रद्धालुओं की आस्था का केन्
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बुढ़ाना। खरड़ गांव में महाभारतकालीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर परिसर में प्राचीन लिपि में लिखा हुआ पत्थर लगा है। मन में मुराद लेकर दूर-दराज से बड़ी संख्या में प्रतिवर्ष यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है।
खरड़ गांव की महिला प्रधान पूनम मलिक और उनके पति विकास मलिक ने बताया कि करीब 558 बीघा में फैले हुए वन क्षेत्र में शिव मंदिर और कदम्ब के वृक्ष है। मंदिर के महंत मदन गिरी का कहना है कि बरनावा में लाक्षागृह से बचने के बाद अज्ञात वास के दौरान पांडव इस क्षेत्र में आकर रूके थे। भगवान शिव की आराधना के लिए पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण कर अद्भुत पंचमुखी शिवलिंग स्थापित किया था। पांडवों से मिलने के लिए भगवान श्रीकृष्ण और विदुर के दूत यहां आए थे। मंदिर की दीवारों पर हाथ से चित्रकारी बनी है। मंदिर परिसर में प्राचीन लिपि में लिखा हुआ एक पत्थर भी लगा हुआ है।
विज्ञापन




भगवान कृष्ण के पैर पड़ने से उगे थे कदम्ब के पेड़
महाभारत कालीन शिव मंदिर में सदियों पुराने कदम्ब के पेड़ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के पैर जहां पड़े, वहीं पर कदम्ब के पेड़ है। श्रद्धालु इन पेड़ों को भगवान का प्रतिरूप मानकर पूजा-अर्चना करते है। दूर-दराज से लोग व श्रद्धालु कदम्ब के पेड़ के दर्शन करने के लिए यहां आते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed