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मुंडन कराकर किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:46 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने शिवचौक पर धरना देकर सामूहिक मुंडन कराकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखते हुए सीएम से समान कार्य समान वेतन की मांग की।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष स्नेहलता मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षकों ने नगर के हृदय स्थल शिव चौक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
शिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्व की सरकार ने मानदेय पर रखा और भविष्य में मानदेय में वृद्धि का आश्वासन भी दिया था, लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों को दिया जा रहा है अल्प मानदेय भी समाप्त कर दिया है। जबकि वित्तविहीन शिक्षक लगातार बेहतर कार्य करते हुए उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम दे रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक पिछले करीब 30 वर्षों से सरकारों की ओर से भेदभाव का शिकार बने हुए हैं। आज सभी भुखमरी के कगार पर हैं। सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम देने पर भी दोयम दर्जे पर रखा गया है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से समान कार्य समान वेतन की नीति लागू कर उनको लाभान्वित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए संवेदनशील नहीं बनती है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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मौके पर स्नेहलता मिश्रा, मासूम त्यागी, ऋषिपाल सिंह, तिरसपाल पुंडीर, देवेंद्र कुमार, नवीन त्यागी, निर्वेश कुमार सिंह, ईश कुमार, अनुज मित्तल के अलावा सुमन लता, कौशर जहां, जयवंती और विजय लक्ष्मी सहित अन्य वित्तविहीन शिक्षक शामिल रहे।
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिलाध्यक्ष स्नेहलता मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षकों ने नगर के हृदय स्थल शिव चौक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
शिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्व की सरकार ने मानदेय पर रखा और भविष्य में मानदेय में वृद्धि का आश्वासन भी दिया था, लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों को दिया जा रहा है अल्प मानदेय भी समाप्त कर दिया है। जबकि वित्तविहीन शिक्षक लगातार बेहतर कार्य करते हुए उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम दे रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक पिछले करीब 30 वर्षों से सरकारों की ओर से भेदभाव का शिकार बने हुए हैं। आज सभी भुखमरी के कगार पर हैं। सर्वोत्तम परीक्षा परिणाम देने पर भी दोयम दर्जे पर रखा गया है।
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उन्होंने प्रदेश सरकार से समान कार्य समान वेतन की नीति लागू कर उनको लाभान्वित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए संवेदनशील नहीं बनती है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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मौके पर स्नेहलता मिश्रा, मासूम त्यागी, ऋषिपाल सिंह, तिरसपाल पुंडीर, देवेंद्र कुमार, नवीन त्यागी, निर्वेश कुमार सिंह, ईश कुमार, अनुज मित्तल के अलावा सुमन लता, कौशर जहां, जयवंती और विजय लक्ष्मी सहित अन्य वित्तविहीन शिक्षक शामिल रहे।