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जिले में छाया स्मॉग, शाम तीन बजे ही छा गया अंधेरा
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मंगलवार को स्मॉग के कारण मुहं पर मॉस्क लगाकर जाते वाहन सवार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जिले में छाया स्मॉग, शाम तीन बजे ही छा गया अंधेरा
मुजफ्फरनगर। दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण का असर मंगलवार को भी कम नहीं हुआ बल्कि स्थिति और भी खराब हो गई। स्मॉग (धूल और धुंध) के कारण आसमान भी साफ नजर नहीं आया। सूरज भी थोड़ी देर ही दिखाई दिया और अपराह्न तीन बजे से ही धुंध के कारण अंधेरा छा गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 330 पर पहुंच गया। शहर में लोग मास्क लगाए नजर आए।
प्रदूषण को लेकर मुजफ्फरनगर की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद जिले में प्रदूषण में इजाफा हुआ है। वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। मंगलवार को भी स्थिति में कोई बदलाव नजर नहीं आया। सुबह से ही आसमान में स्मॉग छाया रहा। आसमान भी साफ नजर नहीं आया। धुंध के कारण सूरज भी थोड़ी देर ही नजर आया। तीन बजे के बाद से अंधेरा छाने लगा। धुंध के कारण लोग परेशान रहे। मौसम के बदलाव के साथ ही वातावरण में छाई धुंध श्वांस रोगियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वाहनों से तथा पैदल आते-जाते लोग प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाए नजर आए। भोपा और जानसठ रोड पर इंडस्ट्रीज के आसपास तो स्थिति और भी खराब रही। वाहनों से उड़ती धूल और उद्योगों के धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में बुरा हाल रहा।
सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव
स्मॉग को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने नगर में कई स्थानों पर पानी का छिड़काव कराया। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुुमार ने बताया कि प्रशासन इस प्रदूषण को लेकर गंभीर है। रोकथाम को कार्रवाई की जा रही है। पीसीबी के लैब टेक्नीशियन सर्वेश कुमार ने बताया कि भोपा रोड, गांधी कॉलोनी, मंडी रोड पर पेड़ों तथा सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वायु प्रदूषण की जांच मैनुअल नहीं की गई। ऑनलाइन एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 रहा।
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बेहद खराब है 330 एक्यूआई
एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 होना बेहद खराब स्थिति है। यह इंडेक्स दर्शाता है कि जिले में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसे हल्के लाल रंग से प्रदर्शित किया जाता है। प्रदूषण के इस स्तर पर फेफड़ों से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। साथ ही आंखों में जलन, नाक और गले की समस्याएं हो सकती हैं।
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मुजफ्फरनगर। दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण का असर मंगलवार को भी कम नहीं हुआ बल्कि स्थिति और भी खराब हो गई। स्मॉग (धूल और धुंध) के कारण आसमान भी साफ नजर नहीं आया। सूरज भी थोड़ी देर ही दिखाई दिया और अपराह्न तीन बजे से ही धुंध के कारण अंधेरा छा गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 330 पर पहुंच गया। शहर में लोग मास्क लगाए नजर आए।
प्रदूषण को लेकर मुजफ्फरनगर की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद जिले में प्रदूषण में इजाफा हुआ है। वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। मंगलवार को भी स्थिति में कोई बदलाव नजर नहीं आया। सुबह से ही आसमान में स्मॉग छाया रहा। आसमान भी साफ नजर नहीं आया। धुंध के कारण सूरज भी थोड़ी देर ही नजर आया। तीन बजे के बाद से अंधेरा छाने लगा। धुंध के कारण लोग परेशान रहे। मौसम के बदलाव के साथ ही वातावरण में छाई धुंध श्वांस रोगियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वाहनों से तथा पैदल आते-जाते लोग प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाए नजर आए। भोपा और जानसठ रोड पर इंडस्ट्रीज के आसपास तो स्थिति और भी खराब रही। वाहनों से उड़ती धूल और उद्योगों के धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में बुरा हाल रहा।
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सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव
स्मॉग को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने नगर में कई स्थानों पर पानी का छिड़काव कराया। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुुमार ने बताया कि प्रशासन इस प्रदूषण को लेकर गंभीर है। रोकथाम को कार्रवाई की जा रही है। पीसीबी के लैब टेक्नीशियन सर्वेश कुमार ने बताया कि भोपा रोड, गांधी कॉलोनी, मंडी रोड पर पेड़ों तथा सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वायु प्रदूषण की जांच मैनुअल नहीं की गई। ऑनलाइन एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 रहा।
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बेहद खराब है 330 एक्यूआई
एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 होना बेहद खराब स्थिति है। यह इंडेक्स दर्शाता है कि जिले में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसे हल्के लाल रंग से प्रदर्शित किया जाता है। प्रदूषण के इस स्तर पर फेफड़ों से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। साथ ही आंखों में जलन, नाक और गले की समस्याएं हो सकती हैं।