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जेल भेज दो या भुगतान दिला दो: राकेश टिकैत
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नगर में लगाये जायेगे किसानों के बडे बकायादारों के पोस्टर।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जेल भेज दो या भुगतान दिला दो: राकेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। प्रशासन या तो हमें जेल भेज दे या हमारा भुगतान करा दे। भाकियू ने धरने पर प्रतिदिन 100 ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसानों को एकत्र करने की योजना भी बनाई है।
नुमाइश कैंप में विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता के दफ्तर पर भारतीय किसान यूनियन का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को भी भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता लगातार विफल रही। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि विद्युत निगम लगातार किसानों का शोषण कर रहा है। हालात यह है कि मुख्यमंत्री जो घोषणा कर रहे हैं, वह भी पूरी नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के चलने से पहले बकाया गन्ना भुगतान देने की घोषणा की थी। हमारा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक गन्ने का पूर्ण भुगतान नहीं हो जाता। प्रशासन या तो हमारा भुगतान कर दे या हमें जेल भेज दे। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि प्रशासन धरने को हल्के में ले रहा है। अब प्रतिदिन एक सौ ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसान धरने पर पहुंचेंगे। तीसरे दिन धरने पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
भाकियू ने शहर में लगाए होर्डिग्स
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने किसानों की बकायेदार चीनी मिलों के नाम लिखकर किस पर कितना बकाया, शहर में होर्डिग्स लगवा दिए हैं। होर्डिग्स पर प्रत्येक चीनी मिल का नाम और उस पर किसानों के बकाया का विवरण दिया गया है। टिकौला चीनी मिल को छोड़ सभी चीनी मिलों पर किसानों का बकाया है। राकेश टिकैत ने कहा कि जब बकाएदार होने पर किसान का नाम तहसील में बोर्ड पर लिखा जाता है, तो इन मिल मालिकों के होर्डिग्स क्यों नहीं लग सकते।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। प्रशासन या तो हमें जेल भेज दे या हमारा भुगतान करा दे। भाकियू ने धरने पर प्रतिदिन 100 ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसानों को एकत्र करने की योजना भी बनाई है।
नुमाइश कैंप में विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता के दफ्तर पर भारतीय किसान यूनियन का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को भी भाकियू नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता लगातार विफल रही। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि विद्युत निगम लगातार किसानों का शोषण कर रहा है। हालात यह है कि मुख्यमंत्री जो घोषणा कर रहे हैं, वह भी पूरी नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के चलने से पहले बकाया गन्ना भुगतान देने की घोषणा की थी। हमारा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक गन्ने का पूर्ण भुगतान नहीं हो जाता। प्रशासन या तो हमारा भुगतान कर दे या हमें जेल भेज दे। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि प्रशासन धरने को हल्के में ले रहा है। अब प्रतिदिन एक सौ ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसान धरने पर पहुंचेंगे। तीसरे दिन धरने पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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भाकियू ने शहर में लगाए होर्डिग्स
मुजफ्फरनगर। भाकियू ने किसानों की बकायेदार चीनी मिलों के नाम लिखकर किस पर कितना बकाया, शहर में होर्डिग्स लगवा दिए हैं। होर्डिग्स पर प्रत्येक चीनी मिल का नाम और उस पर किसानों के बकाया का विवरण दिया गया है। टिकौला चीनी मिल को छोड़ सभी चीनी मिलों पर किसानों का बकाया है। राकेश टिकैत ने कहा कि जब बकाएदार होने पर किसान का नाम तहसील में बोर्ड पर लिखा जाता है, तो इन मिल मालिकों के होर्डिग्स क्यों नहीं लग सकते।

नुमाइश कैम्प पर अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय पर धरना देते भकियू कार्यकर्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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