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Muzaffarnagar News: बढ़ रही मौसमी बीमारियां, बुखार के साथ गले में जकड़न
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों का मिजाज बदलने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच लोगों में बुखार, नजला, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जिला चिकित्सालय में गले में जकड़न और खराश की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
धीरे-धीरे ठंड का मौसम आ रहा है। दिन के समय गर्मी लेकिन रात में तापमान नीचे जा रहा है। दिन में गर्मी और रात के समय तापमान में ठंड को चिकित्सक बीमारियों का बड़ा कारण मान रहे हैं।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण दिक्कत होती है। लापरवाही के कारण ठंड भी परेशान करती है। इन सभी कारणों के चलते वायरल इंफेक्शन, नजला-बुखार और खांसी की समस्या बढ़ती है।
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बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज बुखार और नजला-खांसी से पीड़ित पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रत्येक मरीज में संक्रमण का कारण एक जैसा नहीं होता। ऐसे में लक्षणों के आधार पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
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बदलते मौसम में बरतनी होगी सावधानी
डॉ. योगेंद्र त्रिखा के अनुसार मौसम में ठंडे और गर्म वातावरण के बीच बार-बार आने-जाने, धूल और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, पर्याप्त पानी पीने और खांसी या छींक आने पर मुंह-नाक ढकने की सलाह दी जाती है।
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मुजफ्फरनगर। मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों का मिजाज बदलने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच लोगों में बुखार, नजला, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जिला चिकित्सालय में गले में जकड़न और खराश की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
धीरे-धीरे ठंड का मौसम आ रहा है। दिन के समय गर्मी लेकिन रात में तापमान नीचे जा रहा है। दिन में गर्मी और रात के समय तापमान में ठंड को चिकित्सक बीमारियों का बड़ा कारण मान रहे हैं।
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स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण दिक्कत होती है। लापरवाही के कारण ठंड भी परेशान करती है। इन सभी कारणों के चलते वायरल इंफेक्शन, नजला-बुखार और खांसी की समस्या बढ़ती है।
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बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज बुखार और नजला-खांसी से पीड़ित पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रत्येक मरीज में संक्रमण का कारण एक जैसा नहीं होता। ऐसे में लक्षणों के आधार पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
बदलते मौसम में बरतनी होगी सावधानी
डॉ. योगेंद्र त्रिखा के अनुसार मौसम में ठंडे और गर्म वातावरण के बीच बार-बार आने-जाने, धूल और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, पर्याप्त पानी पीने और खांसी या छींक आने पर मुंह-नाक ढकने की सलाह दी जाती है।