मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने गांव संधावली और नावला में पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना सर्वेक्षण कार्य किया। किसानों को गन्ने की फसल में बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी के साथ गन्ना विकास परिषद तितावी और गन्ना विकास परिषद मंसूरपुर की टीम खेतों पर पहुंची। गन्ना शोध केंद्र के प्लांट पैथोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश डांगर, कीट वैज्ञानिक डॉ. नीलम कुरील, कीट चीनी मिल मंसूरपुर के महाप्रबंधक (गन्ना) बलधारी सिंह ने गन्ने की फसल पर विभिन्न प्रकार के बेधक कीटों और रोगों के आपतन के प्रभाव का अध्ययन किया। वैज्ञानिक दल ने किसानों को सलाह दी कि गन्ने के चोटी बेधक (टॉप बोरर) के नियंत्रण के लिए किसान कोरोजन दवाई का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि मंसूरपुर क्षेत्र में बहुत कम खेतों में चोटी बेधक का प्रभाव देखा गया है। गन्ने की फसल में कहीं-कहीं पर स्मट रोग, जिसमें काले बाल जैसे निकले रहते हैं, को किसी थैले से सावधानी पूर्वक ढंककर प्रभावित पौधों को जड़ से खोदकर निकाल लिया जाए और उसे अन्यत्र ले जाकर जला दिया जाए। सैनिक कीट की रोकथाम के लिए फॉली डल डस्ट का प्रयोग करें। मंसूरपुर शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने बताया कि शुगर मिल की ओर से कोरोजन पर किसानों को 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।