फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Scams will stop if recovery from the accused: Rahi

आरोपियों से रिकवरी हो तो रुक जाएंगे घोटाले: राही

Wed, 30 Dec 2020 12:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:38 AM IST
विज्ञापन
Scams will stop if recovery from the accused: Rahi
रिकूं राही। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2009 में समाज कल्याण विभाग में करोड़ों का घोटाला उजागर करने वाले तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही का कहना है कि 1998 से लेकर 2012 तक की जांच की जाए तो मुजफ्फरनगर के समाज कल्याण विभाग में एक हजार करोड़ का घोटाला सामने आएगा। दुर्भाग्य है कि घोटाला कर करोड़ों डकारने वाले अपने गृह जनपदों में नौकरी कर रहे हैं, उनसे घोटाले के पैसे की रिकवरी तक नहीं हुई।
विज्ञापन

हापुड़ आईएएस-पीसीएस कोचिंग सेंटर के इंचार्ज रिंकू सिंह राही जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए मुजफ्फरनगर में मार्च 2009 में प्रतिपूर्ति शुल्क, छात्रवृत्ति, पेंशन, शादी-विवाह के अनुदान में हुए करोड़ों के घोटाले को उजागर कर चुके हैं। अफसरों-नेताओं और माफिया के गठजोड़ ने 26 मार्च 2009 को उन पर उस समय हमला किया, जब वह अपने निवास के बाहर बैडमिंटन खेल रहे थे। शुक्र यह था कि उनकी जान बच गई। हालांकि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका जोश आज भी देखते ही बनता है। वह कहते हैं कि सिस्टम इतना लचर है कि घोटाले के मास्टरमाइंड अपने गृह जनपदों में नौकरी कर रहे हैं। घोटाले में सस्पेंड हुआ लिपिक 2012 में बहाल होने के बाद शामली पोस्टिंग पर चला गया और अब मुजफ्फरनगर में ही नौकरी कर रहा है।
विज्ञापन

पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड अकाउंटेंट जेल से आने के बाद अपने ही जिले लखनऊ में नौकरी कर रहा है। 50 करोड़ का घोटाला तो उनके सामने ही हुआ, जिसे उन्होंने पकड़ा था। यदि सरकार और विभाग उस समय कार्रवाई करते तो 2012 में अनिल वर्मा 20 करोड़ का घोटाला न करता। 1998 से 2012 तक की जांच की जाए तो एक हजार करोड़ का घोटाला सामने आएगा। घोटाले की जांच के लिए जितनी भी समिति बनी किसी ने उनसे पूछताछ नहीं की, जबकि मेरे पास सारे सबूत थे। मुझ पर दो बार हमला हुआ, उस हमले में मैं खुद गवाह नहीं हूं। पूरा खेल बड़े स्तर पर हुआ है। एसआईटी ने भी अभी तक मुझसे कोई पूछताछ नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रेजरी के रिकार्ड से खुल जाएगा घोटाला
रिंकू सिंह राही कहते हैं कि अभी तक घोटाला खोलने की कोशिश ही नहीं की गई। ट्रेजरी से जो चेक बने होंगे, वे किन खातों में जमा हुए हैं, यदि यह निकाल लिया जाए, जो कि बहुत ही आसान है, पूरा घोटाला सामने आ जाएगा। जांच समितियों को यह बात बताई पर सुनी किसी ने नहीं।

पेंशन में प्रतिवर्ष 10.40 करोड़ का घोटाला
रिंकू सिंह राही ने बताया कि 2008-09 में एक वर्ष में पेंशन में दस करोड़ 40 लाख का घोटाला होता था। 62 हजार 467 लोगों की पेंशन जारी हो रही थी, विभाग के पास सूची केवल 28 हजार की थी, डाकखाने में सेटिंग के माध्यम से खेल हो रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed