किसानों के हक के लिए उमड़ पड़ा सैलाब

मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो Updated Thu, 27 Sep 2018 12:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर। भाकियू की किसान क्रांति यात्रा का शहर में जोरदार स्वागत हुआ। शिवचौक पर महिलाओं ने किसान क्रांति यात्रा पर फूलों की बारिश कर गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं, किसान क्रांति यात्रा का मीनाक्षी चौक पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भव्य स्वागत किया। रामपुर तिराहे से लेकर शिवचौक, मीनाक्षी चौक और नवीन मंडी स्थल तक शहर में चार घंटे जाम लगा रहा।
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किसान जहां पैदल चल रहे थे, वहीं बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्राली भी यात्रा में साथ चले। इस अवसर पर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि क्रांति यात्रा में शामिल किसानों की भीड़ केंद्र और प्रदेश सरकारों के खिलाफ आक्रोश का प्रतीक है। टिकैत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां किसानों को स्वीकार नहीं है।   
हरिद्वार के टिकैत घाट से लेकर दिल्ली के किसान घाट तक जाने वाली भाकियू की किसान क्रांति यात्रा बुधवार शाम शहर में पहुंची। यात्रा का शहर में एंट्री करने पर भव्य स्वागत किया गया। किसान यात्रा की अगुवाई भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने खुद की। यात्रा में जहां सैकड़ों किसान उनके साथ पैदल चले, वहीं बड़ी संख्या में ट्रेक्टर-ट्राली में बैठे किसान साथ रहे।
किसान यात्रा में पश्चिम के साथ पूर्वांचल के किसान बड़ी संख्या में दिखाई दिए। रामपुर तिराहे से रुड़की रोड होते हुए किसान यात्रा शिव चौक पर पहुंची। शिव चौक पर क्रेन के माध्यम से पैदल चल रहे किसानों पर फूलों की वर्षा की गई। यहां रालोद की महिला नेता पायल माहेश्वरी के नेतृत्व में महिलाओं ने किसान क्रांति यात्रा पर पुष्प वर्षा की। किसान क्रांति यात्रा का मीनाक्षी चौक पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भव्य स्वागत किया।

यहां से किसान यात्रा महावीर चौक होते हुए सीधे नवीन मंडी स्थल पर पहुंची, जहां पर रात्रि विश्राम हुआ। शहर में चार घंटे तक जाम की स्थिति रही। आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यात्रा में उमड़ी भीड़ किसानों का सरकार के खिलाफ आक्रोश है। यह एक वैचारिक क्रांति है। केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण ही किसान बर्बाद हो रहा है। किसानों को विवश होकर सड़कों पर उतरना पड़ा है। किसानों की मांग है कि उनका समस्त कर्ज माफ हो। बकाया गन्ने का तुरंत भुगतान हो। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।

एनसीआर में दस साल से ऊपर के ट्रैक्टरों, पंपिंग सेट आदि पर रोक का आदेश समाप्त किया जाए। कृषि को मनरेगा से जोड़ा जाए, किसानों को बिजली मुफ्त दी जाए। इस अवसर पर भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जालौन,  जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी, किसान आयोग के सदस्य धर्मेंद्र मलिक, गौरव टिकैत आदि शामिल रहे। उधर, छपार में किसान क्रांति यात्रा का बुधवार को बरला इंटर कॉलेज से रवाना होने पर क्षेत्र के किसानों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। प्रधान जाकिर के नेतृत्व में किसानों ने क्रांति यात्रा का स्वागत करते हुए चौधरी राकेश टिकैत को पगड़ी पहनाकर सम्मान किया।
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