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संगठन में ही शक्ति होती है : आलोक
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:44 AM IST
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आरएसएस के कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बीस दिन से चल रहा प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन हो गया। इसमें 300 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। जानसठ रोड पर भागवंती कालेज में चले प्रशिक्षण शिविर में आस पास के जिलों के भी शिक्षार्थियों ने भाग लिया।
मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने कहा कि गीता सहित अन्य शास्त्रों में कहा गया है कि संगठन में ही शक्ति होती है। संघे शक्ति कलियुगे अर्थात कलयुग में संगठित समाज ही शक्तिशाली होगा। इसी कल्पना को लेकर डा. हेडगेवार ने 1925 में आरएसएस की स्थापना की।
प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को एक साथ रहना सिखाया जाता है। उनके अंदर संगठन की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद और स्वामी विवेकानंद ने समाज को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।
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इससे पहले कार्यक्रम भारत माता की वंदना से प्रारंभ हुआ। संचालन विनोद कुमार ने किया। प्रांत संघ चालक सूर्यप्रकाश, प्रांत कार्यवाह फूल सिंह, प्रांत प्रचारक धनीराम, प्रांत बौद्घिक प्रमुखप प्रेमचंद, प्रांत सह सम्पर्क प्रमुख जयपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, मूलचंद, प्रमोद कुमार, कृष्ण कुमार, प्रीतम, अनुज कुमार, लोकेंद्र, सेवादास, ब्रिजेश, सोमपाल, संजय लखान, भूदेव सिंह, बालेश्वर, रमेश साई, डॉ आरएन त्यागी आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने कहा कि गीता सहित अन्य शास्त्रों में कहा गया है कि संगठन में ही शक्ति होती है। संघे शक्ति कलियुगे अर्थात कलयुग में संगठित समाज ही शक्तिशाली होगा। इसी कल्पना को लेकर डा. हेडगेवार ने 1925 में आरएसएस की स्थापना की।
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प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को एक साथ रहना सिखाया जाता है। उनके अंदर संगठन की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद और स्वामी विवेकानंद ने समाज को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।
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इससे पहले कार्यक्रम भारत माता की वंदना से प्रारंभ हुआ। संचालन विनोद कुमार ने किया। प्रांत संघ चालक सूर्यप्रकाश, प्रांत कार्यवाह फूल सिंह, प्रांत प्रचारक धनीराम, प्रांत बौद्घिक प्रमुखप प्रेमचंद, प्रांत सह सम्पर्क प्रमुख जयपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, मूलचंद, प्रमोद कुमार, कृष्ण कुमार, प्रीतम, अनुज कुमार, लोकेंद्र, सेवादास, ब्रिजेश, सोमपाल, संजय लखान, भूदेव सिंह, बालेश्वर, रमेश साई, डॉ आरएन त्यागी आदि मौजूद रहे।