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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर/चरथावल - तापमान गिरते ही बढ़ रहा निमोनिया का खतरा

Thu, 30 Nov 2023 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 30 Nov 2023 12:14 AM IST
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Risk of pneumonia increasing as temperature falls
जिला चिकित्सालय में बच्चें की जांच करते चिकित्सक । संवाद
- पारा लुढ़कने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी
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(फोटो)
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर/चरथावल। सर्दी की दस्तक से निमोनिया बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। चिकित्सकों का मानना है इससे छुटकारा पाने के लिए बच्चों का सर्दी से बचाव करना जरूरी है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से निमोनिया बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है। तापमान गिरने के बाद निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिन में बारिश के बाद अचानक पारा छह डिग्री तक गिर गया। रात को सर्दी में ठिठुरन बढ़ गई। दिन निकलने पर पाला सताने लगा। इसी वजह से बच्चों में निमोनिया के लक्षण सामने आने शुरू हो गए। तेज बुखार के साथ छाती में सीटी जैसी आवाज और खांसी होना इसका प्रमुख लक्षण हैं। यह बैक्टीरिया फेफड़ों के हिस्से पर आक्रामक रूप से हमला करते हैं। फेफड़ों पर सूजन के अलावा कोशिकाओं पर कब्ज़ा कर लेता है।
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ये हैं लक्षण
- तेज बुखार होना
- बलगम के साथ खांसी
- सांस लेने में दिक्कत
- बच्चों को अधिक सर्दी लगना

ऐसे करें बचाव
- बच्चों को गरम कपड़े पहनाएं
- पूरी बाजू की जर्सी पहनाकर मच्छर के डंक से बचाएं
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अदरक और तुलसी की चाय पिलाएं
- कपड़ों और आसपास सफाई रखें
- दिक्कत बढ़ने पर फेफडों का एक्सरे कराएं

सर्दी में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
फोटो
चरथावल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरेश चंद त्यागी का कहना है निमोनिया ज्यादातर बच्चों को प्रभावित करता है। तीन महीने से चार साल तक के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। लक्षण मिलने पर चिकित्सक से अवश्य परामर्श करें। हालांकि यह रोग किसी भी उम्र में हो सकता है।
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वायु प्रदूषण है बड़ा खतरा : डॉ. शैलेंद्र
फोटो
जनरल फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र त्यागी बताते हैं कि सुबह शाम की ठंड और बढ़ता वायु प्रदूषण निमोनिया का कारण है। सुबह को घूमने से बचें। बल्कि शाम को कुछ देर घूम सकते हैं। ज्यादातर बदलते मौसम और बढ़ती ठंड में बच्चों और वृद्धजनाें को यह चपेट में लेता है। ठंड से बचाव के लिए खासकर चेहरे और हाथों को ढक कर रखें। मॉस्क लगाएं। लिक्विड डाइट एवं गर्म पानी का इस्तेमाल करें।

दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं : डॉ. सतेंद्र
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरथावल प्रभारी डॉ. सतेंद्र कुमार बताते हैं अभी अस्पताल में इस तरह के मरीज नहीं आए हैं, लेकिन सर्दी बढ़ने से निमोनिया बच्चों को चपेट में लेना शुरू कर देता है। ऐसे में बच्चों का समय से उपचार कराना जरूरी है, अन्यथा यह घातक हो सकता है।
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