{"_id":"5d9b84348ebc3e93b952382d","slug":"ramleela-in-mujaffarnagar-muzaffarnagar-news-mrt4473266185","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में गरज रहा समस्याओं का दशानन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में गरज रहा समस्याओं का दशानन
विज्ञापन
श्रीराम लीला का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : KHATAULI
कब तक अट्टाहस करेगा समस्याओं का दशानन
मुजफ्फरनगर। हर साल विजयदशमी आती है और बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन वर्षों से मुंह बाएं खड़ी समस्याओं का दशानन आज भी बरकरार है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग इस इंतजार में हैं कि कब इन दुविधाओं का अंत होगा? ये परेशानियां भी किसी से छुपी नहीं हैं, बल्कि राह चलते और घर बैठे तक नजर आती हैं, लेकिन इंतजार इस बात का है कि कब शासन और प्रशासन इन दुश्वारियों को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाए और समस्याओं के भंवर में फंसे लोगों को समस्याओं से निजात दिलाए।
ड्रेनेज सिस्टम
बारिश होते ही पूरा शहर पानी से लबालब हो जाता है। नगर के प्रमुख मार्ग रुड़की रोड समेत अंसारी रोड, मोहल्ला रामपुरी, आर्यपुरी, बसंत विहार, लद्दावाला, खालापार, साकेत कॉलोनी समेत घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है। जल निगम ने 32 करोड़ से सीवर लाइन बिछाई, लेकिन यह भी चोक हो गई। वर्तमान रुड़की रोड पर ह्यूम पाइप डालने का काम चल रहा है। इसके क्या नतीजे होंगे यह आगामी बरसात के सीजन में पता लगेगा।
अतिक्रमण और जाम...
नगर क्षेत्र में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है। शहर के प्रमुख बाजार भगत सिंह रोड, रुड़की रोड, गांधी कॉलोनी, कचहरी रोड, एसडी मार्केट रोड, शामली रोड अतिक्रमण की चपेट में हैं। अतिक्रमण के चलते सड़कों पर हर समय जाम लगा रहता है। जिम्मेदार अधिकारी अभियान चलाते हैं, लेकिन यह कुछ ही दूरी में सिमटकर रह जाता है। उम्मीद है कि आगामी दशहरा से पहले अतिक्रमण और जाम के इस रावण का अंत हो जाएगा।
विज्ञापन
टूटी सड़कें...
शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर गड्ढे भरने का काम किया गया था, लेकिन यह बारिश और जलभराव से फिर से सड़क टूट गई। कचहरी रोड, भोपा रोड, जानसठ रोड पर शेरनगर के पास, लद्दावाला, खालापार, घासमंडी की सड़कें टूटी हुई हैं। मीनाक्षी चौक से रुड़की चुंगी तक रुड़की रोड की हालत बेहद खराब है। नागरिक पूरी तरह से गड्ढा मुक्त सड़कें चाहते हैं।
कूड़ा निस्तारण...
करीब पांच लाख की आबादी वाले मुजफ्फरनगर शहर में कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या है। रोजाना करीब 150 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन डेढ़ साल से इसका निस्तारण बंद है। किदवईनगर में कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। कूड़े का निस्तारण नहीं होने से आसपास की आबादी नारकीय जीवन जी रही है। नगर पालिका इस कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर पाई है। कूड़े के रूप में बढ़ रहे मुसीबत के इस पहाड़ से निजात का इंतजार कर रहे नागरिक।
प्लास्टिक कचरा...
कूड़ा निस्तारण की समस्या के साथ ही प्लास्टिक कचरा भी बड़ी मुसीबत है। दो अक्तूबर से भले ही सिंगल यूज पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा दिया गया हो, लेकिन अभी भी यह धड़ल्ले से चल रही है। प्लास्टिक का कचरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके निस्तारण के बंदोबस्त नहीं हुए हैं। जगह-जगह इस इकट्ठा हो रहे कचरे को जलाया जा रहा है। इसमें जलने वाली प्लास्टिक से जहरीली गैस निकलकर पर्यावरण के लिए घातक खतरा बनी हैं।
बेलगाम यातायात...
जनपद में ट्रैफिक व्यवस्था बेलगाम हो रही है। सड़कों पर डग्गामार वाहनों का कब्जा है। विभिन्न रूटों पर चलने वाले वाहनों में सवारियों को ठूस-ठूसकर बैठाया जाता है। यहां तक कि वाहनों की छतों पर बैठकर तथा साइड में लटककर भी लोग यात्रा करते हैं। नगर में भी जगह-जगह इन प्राइवेट वाहनों के अड्डे बने हैं जिससे जाम की समस्या भी बढ़ती है। मेरठ रूट की बसों का संचालन तो शहर से बाहर से होने लगा लेकिन निजी बसें भीतर से ही जा रही हैं।
महिलाओं से छेड़छाड़...
महिलाओं एवं लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। आए दिन जनपद में कहीं न कहीं छेड़छाड़ के मामले सामने आते हैं। इसे लेकर विवाद बढ़ते हैं। पुलिस ने इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया था, लेकिन कुछ समय सक्रिय रहने के बाद यह निष्क्रिय हो गया। इसके चलते छेड़छाड़ की घटनाओं में फिर से इजाफा होने लगा है। नागरिक इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद करते हैं।
पानी की बर्बादी...
जनपद में पेयजल की बर्बादी बड़ी समस्या है। सरकारी सिस्टम के अतिरिक्त आम जनता भी पानी के संचयन को लेकर गंभीर नहीं है। नगर पालिका की टंकियों से बहते पानी के अतिरिक्त गांवों में सबमर्सिबल से भी पानी खूब बर्बाद हो रहा है। इसके चलते जिले के चार ब्लॉक क्षेत्र डार्क जोन में चले गए हैं। यदि हाल रहा तो जिलेवासियों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिलेगा।
प्रदूषण...
जिले में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। सर्दियों में जनपद में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर तक पहुंच जाता है। कोल्हुओं एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों में प्लास्टिक कचरा फूंका जाता है। उद्योगों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सर्दियों के मौसम में धुंध सी छा जाती है और सांस लेने तक में परेशानी होने लगती है। उम्मीद है कि लोग इस दिशा में जागरूक होंगे और प्रदूषण से निजात मिल सकेगी।
नशाखोरी...
जिले के युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं नशीली गोलियां, गांजा एवं हेरोइन समेत विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ पकड़े जा रहे हैं। नशे की लत से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी को बचाने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी पर भी कड़ाई से रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। हर साल विजयदशमी आती है और बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन वर्षों से मुंह बाएं खड़ी समस्याओं का दशानन आज भी बरकरार है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग इस इंतजार में हैं कि कब इन दुविधाओं का अंत होगा? ये परेशानियां भी किसी से छुपी नहीं हैं, बल्कि राह चलते और घर बैठे तक नजर आती हैं, लेकिन इंतजार इस बात का है कि कब शासन और प्रशासन इन दुश्वारियों को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाए और समस्याओं के भंवर में फंसे लोगों को समस्याओं से निजात दिलाए।
ड्रेनेज सिस्टम
बारिश होते ही पूरा शहर पानी से लबालब हो जाता है। नगर के प्रमुख मार्ग रुड़की रोड समेत अंसारी रोड, मोहल्ला रामपुरी, आर्यपुरी, बसंत विहार, लद्दावाला, खालापार, साकेत कॉलोनी समेत घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है। जल निगम ने 32 करोड़ से सीवर लाइन बिछाई, लेकिन यह भी चोक हो गई। वर्तमान रुड़की रोड पर ह्यूम पाइप डालने का काम चल रहा है। इसके क्या नतीजे होंगे यह आगामी बरसात के सीजन में पता लगेगा।
विज्ञापन
अतिक्रमण और जाम...
नगर क्षेत्र में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है। शहर के प्रमुख बाजार भगत सिंह रोड, रुड़की रोड, गांधी कॉलोनी, कचहरी रोड, एसडी मार्केट रोड, शामली रोड अतिक्रमण की चपेट में हैं। अतिक्रमण के चलते सड़कों पर हर समय जाम लगा रहता है। जिम्मेदार अधिकारी अभियान चलाते हैं, लेकिन यह कुछ ही दूरी में सिमटकर रह जाता है। उम्मीद है कि आगामी दशहरा से पहले अतिक्रमण और जाम के इस रावण का अंत हो जाएगा।
विज्ञापन
टूटी सड़कें...
शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर गड्ढे भरने का काम किया गया था, लेकिन यह बारिश और जलभराव से फिर से सड़क टूट गई। कचहरी रोड, भोपा रोड, जानसठ रोड पर शेरनगर के पास, लद्दावाला, खालापार, घासमंडी की सड़कें टूटी हुई हैं। मीनाक्षी चौक से रुड़की चुंगी तक रुड़की रोड की हालत बेहद खराब है। नागरिक पूरी तरह से गड्ढा मुक्त सड़कें चाहते हैं।
कूड़ा निस्तारण...
करीब पांच लाख की आबादी वाले मुजफ्फरनगर शहर में कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या है। रोजाना करीब 150 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन डेढ़ साल से इसका निस्तारण बंद है। किदवईनगर में कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। कूड़े का निस्तारण नहीं होने से आसपास की आबादी नारकीय जीवन जी रही है। नगर पालिका इस कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं कर पाई है। कूड़े के रूप में बढ़ रहे मुसीबत के इस पहाड़ से निजात का इंतजार कर रहे नागरिक।
प्लास्टिक कचरा...
कूड़ा निस्तारण की समस्या के साथ ही प्लास्टिक कचरा भी बड़ी मुसीबत है। दो अक्तूबर से भले ही सिंगल यूज पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा दिया गया हो, लेकिन अभी भी यह धड़ल्ले से चल रही है। प्लास्टिक का कचरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके निस्तारण के बंदोबस्त नहीं हुए हैं। जगह-जगह इस इकट्ठा हो रहे कचरे को जलाया जा रहा है। इसमें जलने वाली प्लास्टिक से जहरीली गैस निकलकर पर्यावरण के लिए घातक खतरा बनी हैं।
बेलगाम यातायात...
जनपद में ट्रैफिक व्यवस्था बेलगाम हो रही है। सड़कों पर डग्गामार वाहनों का कब्जा है। विभिन्न रूटों पर चलने वाले वाहनों में सवारियों को ठूस-ठूसकर बैठाया जाता है। यहां तक कि वाहनों की छतों पर बैठकर तथा साइड में लटककर भी लोग यात्रा करते हैं। नगर में भी जगह-जगह इन प्राइवेट वाहनों के अड्डे बने हैं जिससे जाम की समस्या भी बढ़ती है। मेरठ रूट की बसों का संचालन तो शहर से बाहर से होने लगा लेकिन निजी बसें भीतर से ही जा रही हैं।
महिलाओं से छेड़छाड़...
महिलाओं एवं लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। आए दिन जनपद में कहीं न कहीं छेड़छाड़ के मामले सामने आते हैं। इसे लेकर विवाद बढ़ते हैं। पुलिस ने इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया था, लेकिन कुछ समय सक्रिय रहने के बाद यह निष्क्रिय हो गया। इसके चलते छेड़छाड़ की घटनाओं में फिर से इजाफा होने लगा है। नागरिक इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद करते हैं।
पानी की बर्बादी...
जनपद में पेयजल की बर्बादी बड़ी समस्या है। सरकारी सिस्टम के अतिरिक्त आम जनता भी पानी के संचयन को लेकर गंभीर नहीं है। नगर पालिका की टंकियों से बहते पानी के अतिरिक्त गांवों में सबमर्सिबल से भी पानी खूब बर्बाद हो रहा है। इसके चलते जिले के चार ब्लॉक क्षेत्र डार्क जोन में चले गए हैं। यदि हाल रहा तो जिलेवासियों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिलेगा।
प्रदूषण...
जिले में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। सर्दियों में जनपद में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर तक पहुंच जाता है। कोल्हुओं एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों में प्लास्टिक कचरा फूंका जाता है। उद्योगों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। सर्दियों के मौसम में धुंध सी छा जाती है और सांस लेने तक में परेशानी होने लगती है। उम्मीद है कि लोग इस दिशा में जागरूक होंगे और प्रदूषण से निजात मिल सकेगी।
नशाखोरी...
जिले के युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं नशीली गोलियां, गांजा एवं हेरोइन समेत विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ पकड़े जा रहे हैं। नशे की लत से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी को बचाने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी पर भी कड़ाई से रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।