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रेलवे में टिकट घोटाला, विंडो पर ताला ठोका
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:54 PM IST
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रेलवे के टिकट पर जीरो मूल्य लिखकर खिड़की संचालक सरकार और उपभोक्ता दोनों को चूना लगा रहे हैं। उपभोक्ताओं से टिकट से ज्यादा की वसूली हो रही है और सरकार को पैसा जा नहीं रहा है। कचहरी में भ्रष्टाचार के खिलाफ 20 साल से धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह ने शिकायत की तो अधिकारियों ने पहले तो अनसुना कर दिया। बाद में उच्चाधिकारियों को शिकायत के बाद टिकट खिड़की संचालक की जमानत राशि जब्त की गई। लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
कचहरी में 20 साल से धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह ने दो अक्तूबर को मेरठ के दो टिकट लिए। टिकट का नंबर 71266258 से उन्हें टिकट दिया गया। मास्टर विजय सिंह ने 100 रुपये दिए, उन्हें वापस पांच टॉफी देकर कहा कि आगे चलो। जब उन्होंने कहा कि मूल्य शून्य लिखा है तो खिड़की संचालक ने कहा जाओ गाड़ी में बैठो। विजय सिंह ने मेरठ की ट्रेन में बैठकर जब दूसरे यात्रियों के टिकट देखे तो पता चला कि 35 रुपये का टिकट है।
दो टिकट के 70 रुपये के स्थान पर 100 रुपये लेने पर मात्र पॉच टॉफी वापस करने और टिकट का मूल्य शून्य कर देने से खफा विजय सिंह ने रेलवे स्टेशन मास्टर विपिन कुमार त्यागी को शिकायत की। जब दस दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उच्चाधिकारियों को शिकायत की गई। शिकायत के 15 दिन बाद पूछा गया तो बताया कि जांच अधिकारी इरफान ने दो हजार का जुर्माना टिकट खिड़की संचालक पर लगाकर मामला निपटा दिया।
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इस पर विजय सिंह ने जब स्टेशन मास्टर से कहा कि उनका पक्ष तो लिया ही नहीं गया तो वह बोले रेलवे में ऐसा ही होता है। हाल ही में जब उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक स्टेशन का दौरा करने आए तो उनके समक्ष मास्टर विजय सिंह ने रेलवे को चूना लगाने का मामला उठाया। वाणिज्य प्रबंधक हेमेंद्र सिंह ने उनका पूरा मामला सुना। मामले को रेलवे के लिए गंभीर बताते हुए उन्होंने टिकट खिड़की संचालक हरप्रीत सिंह की जमानत राशि को जब्त करने और लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए। तत्काल प्रभाव से रेलवे स्टेशन के बाहर गुलाबो देवी धर्मशाला में बनी टिकट खिड़की पर ताला लगा दिया गया है।
शिकायत पर धमकी दी गई
मुजफ्फरनगर। मास्टर विजय सिंह ने बताया कि रेलवे को प्रतिदिन लाखों का चूना शून्य के टिकट देकर लगाया जा रहा है। यह छोटा मामला नहीं है। सभी खिड़की संचालकों का ऑडिट होना चाहिए। इससे अफसरों की मिलीभगत से चल रहा राजकोष को नुकसान पहुंचाने का खेल खत्म होगा। मुझे शुुरुआत में धमकी दी गई कि शिकायत वापस नहीं ली तो अंजाम बुरा होगा, जब कार्रवाई हो गई तो लालच देने का प्रयास किया गया।
निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी : त्यागी
मुजफ्फरनगर। स्टेशन मास्टर विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने जमानत राशि जब्त करने, दुकान पर ताला लगाने के जो आदेश किए थे, उन पर कार्रवाई हो गई है। दो हजार का जुर्माना भी वसूला जा चुका है। लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यदि आपको ऐसी कोई शिकायत मिलती है या फिर आप ऐसी किसी समस्या के शिकार हुए हैं तो तत्काल स्टेशन मास्टर से शिकायत करें।
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कचहरी में 20 साल से धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह ने दो अक्तूबर को मेरठ के दो टिकट लिए। टिकट का नंबर 71266258 से उन्हें टिकट दिया गया। मास्टर विजय सिंह ने 100 रुपये दिए, उन्हें वापस पांच टॉफी देकर कहा कि आगे चलो। जब उन्होंने कहा कि मूल्य शून्य लिखा है तो खिड़की संचालक ने कहा जाओ गाड़ी में बैठो। विजय सिंह ने मेरठ की ट्रेन में बैठकर जब दूसरे यात्रियों के टिकट देखे तो पता चला कि 35 रुपये का टिकट है।
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दो टिकट के 70 रुपये के स्थान पर 100 रुपये लेने पर मात्र पॉच टॉफी वापस करने और टिकट का मूल्य शून्य कर देने से खफा विजय सिंह ने रेलवे स्टेशन मास्टर विपिन कुमार त्यागी को शिकायत की। जब दस दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उच्चाधिकारियों को शिकायत की गई। शिकायत के 15 दिन बाद पूछा गया तो बताया कि जांच अधिकारी इरफान ने दो हजार का जुर्माना टिकट खिड़की संचालक पर लगाकर मामला निपटा दिया।
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इस पर विजय सिंह ने जब स्टेशन मास्टर से कहा कि उनका पक्ष तो लिया ही नहीं गया तो वह बोले रेलवे में ऐसा ही होता है। हाल ही में जब उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक स्टेशन का दौरा करने आए तो उनके समक्ष मास्टर विजय सिंह ने रेलवे को चूना लगाने का मामला उठाया। वाणिज्य प्रबंधक हेमेंद्र सिंह ने उनका पूरा मामला सुना। मामले को रेलवे के लिए गंभीर बताते हुए उन्होंने टिकट खिड़की संचालक हरप्रीत सिंह की जमानत राशि को जब्त करने और लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए। तत्काल प्रभाव से रेलवे स्टेशन के बाहर गुलाबो देवी धर्मशाला में बनी टिकट खिड़की पर ताला लगा दिया गया है।
शिकायत पर धमकी दी गई
मुजफ्फरनगर। मास्टर विजय सिंह ने बताया कि रेलवे को प्रतिदिन लाखों का चूना शून्य के टिकट देकर लगाया जा रहा है। यह छोटा मामला नहीं है। सभी खिड़की संचालकों का ऑडिट होना चाहिए। इससे अफसरों की मिलीभगत से चल रहा राजकोष को नुकसान पहुंचाने का खेल खत्म होगा। मुझे शुुरुआत में धमकी दी गई कि शिकायत वापस नहीं ली तो अंजाम बुरा होगा, जब कार्रवाई हो गई तो लालच देने का प्रयास किया गया।
निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी : त्यागी
मुजफ्फरनगर। स्टेशन मास्टर विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने जमानत राशि जब्त करने, दुकान पर ताला लगाने के जो आदेश किए थे, उन पर कार्रवाई हो गई है। दो हजार का जुर्माना भी वसूला जा चुका है। लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यदि आपको ऐसी कोई शिकायत मिलती है या फिर आप ऐसी किसी समस्या के शिकार हुए हैं तो तत्काल स्टेशन मास्टर से शिकायत करें।