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डरा रहीं अंतिम संस्कार के बाद फेंकी गईं पीपीई किट
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डरा रहीं अंतिम संस्कार के बाद फेंकी गईं पीपीई किट
मुजफ्फरनगर। शहर की नदी रोड स्थित मोक्ष धाम के समीप रहने वाले लोगों की आजकल नींद उड़ी हुई है। इसकी वजह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही है। वे कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के बाद इस्तेमाल पीपीई किट श्मशान घाट के बाहर सड़क पर फेंक रहे हैं। अब ये उड़कर आसपास के घरों तक पहुंच रहीं हैं। इससे लोगों में दहशत है।
शहर के एक छोर स्थित नदी रोड पर मोक्ष धाम है। आजकल इसके आसपास घनी आबादी बस चुकी है। श्मशान घाट से सटा एक बैंक्वेट हॉल भी है। यहां रोजाना सुबह में सब्जी की थोक मंडी लगती है और हजारों व्यक्ति यहां पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ रहे लोगों की बढ़ती तादाद के चलते मोक्षधाम के आसपास रहने वाले लोग खौफ में जी रहे हैं।
श्मशान घाट में करीब एक सप्ताह से कोरोना संक्रमित शव अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इनका गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मरीज के शवों का अंतिम संस्कार कर्मचारी ही पीपीई किट पहनकर कर रहे हैं। ये अंतिम संस्कार के बाद इस्तेमाल पीपीई किट श्मशान घाट के बाहर सड़क पर ही फेंक रहे हैं। ये किट हवा में उड़कर घनी आबादी में लोगों के घरों तक पहुंच रहीं हैं। इससे उनके भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। मोक्ष धाम के आसपास रहने वाले सोनू रोधिया, बाबूराम, गोपाल कौशिक समेत अन्य लोगों ने इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बता पीपीई किट को सड़क से हटाकर विधिवत निस्तारण कराए जाने की मांग की है।
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सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से पीपीई किट का नियामानुसार निस्तारण कराएं। जिससे लोगों को परेशानी न हो। वहीं, नगर पालिका को भी निर्देशित किया है कि सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि वहां पर पीपीई किट या अन्य सामग्री बिखरी पड़ी है तो उसे तुरंत उठाया जाए।-अभिषेक सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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मुजफ्फरनगर। शहर की नदी रोड स्थित मोक्ष धाम के समीप रहने वाले लोगों की आजकल नींद उड़ी हुई है। इसकी वजह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही है। वे कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के बाद इस्तेमाल पीपीई किट श्मशान घाट के बाहर सड़क पर फेंक रहे हैं। अब ये उड़कर आसपास के घरों तक पहुंच रहीं हैं। इससे लोगों में दहशत है।
शहर के एक छोर स्थित नदी रोड पर मोक्ष धाम है। आजकल इसके आसपास घनी आबादी बस चुकी है। श्मशान घाट से सटा एक बैंक्वेट हॉल भी है। यहां रोजाना सुबह में सब्जी की थोक मंडी लगती है और हजारों व्यक्ति यहां पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ रहे लोगों की बढ़ती तादाद के चलते मोक्षधाम के आसपास रहने वाले लोग खौफ में जी रहे हैं।
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श्मशान घाट में करीब एक सप्ताह से कोरोना संक्रमित शव अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इनका गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मरीज के शवों का अंतिम संस्कार कर्मचारी ही पीपीई किट पहनकर कर रहे हैं। ये अंतिम संस्कार के बाद इस्तेमाल पीपीई किट श्मशान घाट के बाहर सड़क पर ही फेंक रहे हैं। ये किट हवा में उड़कर घनी आबादी में लोगों के घरों तक पहुंच रहीं हैं। इससे उनके भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। मोक्ष धाम के आसपास रहने वाले सोनू रोधिया, बाबूराम, गोपाल कौशिक समेत अन्य लोगों ने इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बता पीपीई किट को सड़क से हटाकर विधिवत निस्तारण कराए जाने की मांग की है।
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सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से पीपीई किट का नियामानुसार निस्तारण कराएं। जिससे लोगों को परेशानी न हो। वहीं, नगर पालिका को भी निर्देशित किया है कि सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि वहां पर पीपीई किट या अन्य सामग्री बिखरी पड़ी है तो उसे तुरंत उठाया जाए।-अभिषेक सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट