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स्वच्छता सर्वेक्षण से अंजान हैं शहर के लोग
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स्वच्छता सर्वेक्षण से अंजान हैं शहर के लोग
मुजफ्फरनगर। बीते वर्ष हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में बुरी तरह से पिछड़ने के बाद एक बार फिर नगर पालिका सर्वेक्षण में शामिल है। शुरुआती चरण में ही तैयारियों को लेकर पालिका की स्थिति ठीक नजर नहीं आ रही। नागरिकों को स्वच्छ सर्वेक्षण के बारे में जानकारी नहीं है, जबकि उन्हें ही सर्वेक्षण के लिए फीडबैक देना है। पालिका के पास प्रचार प्रसार का 50 लाख रुपया पड़ा है, लेकिन इसका उपयोग ही नहीं किया गया। करीब 3.30 लाख की आबादी वाली नगर पालिका में स्वच्छता बड़ा मुद्दा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 50 लाख रुपया जारी किया गया था। यह धनराशि अभी तक खातों में ही पड़ी है। इस धनराशि से शहर में वॉल पेंटिंग, होर्डिंग्स लगवाने के साथ प्रचार प्रसार की अन्य गतिविधियां करानी थी। इस दिशा में काम नहीं हुआ।
-इन्होंने कहा...
नगर में सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों का फीडबैक कैसे अच्छा हो सकता है। शहर में कहीं कोई प्रचार नजर भी नहीं आता। - सोनू।
स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। नागरिकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में बेहतर फीडबैक कैसे मिलेगा।
- राजकुमार-
- नगर के प्रमुख स्थानों पर तो सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से करा दी जाती है, लेकिन कालोनियों में बुरा हाल है। इस स्थिति में सर्वेक्षण में बेहतर स्थान पाना मुश्किल है। - बृजेश।
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-नगर की कॉलोनियों में घूमकर देख लो, सफाई की सही स्थिति पता लग जाएगी। कई डलावघरों से दिनभर कूड़ा नहीं उठता।
- विपिन कुमार।
प्रचार प्रसार के लिए वालपेंटिंग और होर्डिंग्स लगाने का काम शुरू करा दिया गया है। नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण की जागरूकता के लिए अभियान भी चलाया जा रहे हैं।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी,
ईओ, नगर पालिका
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मुजफ्फरनगर। बीते वर्ष हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में बुरी तरह से पिछड़ने के बाद एक बार फिर नगर पालिका सर्वेक्षण में शामिल है। शुरुआती चरण में ही तैयारियों को लेकर पालिका की स्थिति ठीक नजर नहीं आ रही। नागरिकों को स्वच्छ सर्वेक्षण के बारे में जानकारी नहीं है, जबकि उन्हें ही सर्वेक्षण के लिए फीडबैक देना है। पालिका के पास प्रचार प्रसार का 50 लाख रुपया पड़ा है, लेकिन इसका उपयोग ही नहीं किया गया। करीब 3.30 लाख की आबादी वाली नगर पालिका में स्वच्छता बड़ा मुद्दा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 50 लाख रुपया जारी किया गया था। यह धनराशि अभी तक खातों में ही पड़ी है। इस धनराशि से शहर में वॉल पेंटिंग, होर्डिंग्स लगवाने के साथ प्रचार प्रसार की अन्य गतिविधियां करानी थी। इस दिशा में काम नहीं हुआ।
-इन्होंने कहा...
नगर में सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों का फीडबैक कैसे अच्छा हो सकता है। शहर में कहीं कोई प्रचार नजर भी नहीं आता। - सोनू।
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स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। नागरिकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में बेहतर फीडबैक कैसे मिलेगा।
- राजकुमार-
- नगर के प्रमुख स्थानों पर तो सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से करा दी जाती है, लेकिन कालोनियों में बुरा हाल है। इस स्थिति में सर्वेक्षण में बेहतर स्थान पाना मुश्किल है। - बृजेश।
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-नगर की कॉलोनियों में घूमकर देख लो, सफाई की सही स्थिति पता लग जाएगी। कई डलावघरों से दिनभर कूड़ा नहीं उठता।
- विपिन कुमार।
प्रचार प्रसार के लिए वालपेंटिंग और होर्डिंग्स लगाने का काम शुरू करा दिया गया है। नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण की जागरूकता के लिए अभियान भी चलाया जा रहे हैं।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी,
ईओ, नगर पालिका