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सिसौली में कल जुटेंगे देश के कई हिस्सों के किसान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:24 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते राकेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
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सिसौली में भाकियू की ओर से 18 नवंबर को किसान महापंचायत का आयोजन होगा। पंचायत में देश भर के किसान शामिल होंगे। पंचायत में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पंचायत में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्रियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसके जरिये पीएम से किसानों की समस्याओं का निदान करने का आग्रह किया जाएगा।
सरकुलर रोड स्थित ऋषभ विहार में अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान महापंचायत के आयोजन का उद्देश्य केंद्र सरकार को किसानों की समस्याओं से अवगत कराना है।
बीते छह माह से राज्यवार किसान समस्याओं के अध्ययन व वार्ता अभियान के तहत भाकियू ने राज्य स्तरीय समस्याओं पर उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों में राज्य सरकारों से वार्ता कर समाधान की मांग की है, लेकिन कुछ मुद्दों पर राज्य सरकारों ने अपने सीमित अधिकारों का हवाला देकर केंद्र सरकार के स्तर पर वार्ता करने के लिए कहा है।
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जिसमें मुख्य रूप से फसलों की लागत में 50 प्रतिशत जोड़कर लाभकारी मूल्य, ब्याज दरें कम किए जाने, किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि पांच वर्ष किए जाने, जीएम फसलों को बढ़ावा न दिए जाने, फसल बीमा योजना में बदलाव, किसानों की आय निश्चित किए जाने आदि मुद्दों पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा महापंचायत में आएंगे। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के आने की भी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सिसौली एवं मुंडभर गांव में किसानों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्नाव के किसानों का एक जत्था सिसौली पहुंच चुका है। वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।
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सरकुलर रोड स्थित ऋषभ विहार में अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान महापंचायत के आयोजन का उद्देश्य केंद्र सरकार को किसानों की समस्याओं से अवगत कराना है।
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बीते छह माह से राज्यवार किसान समस्याओं के अध्ययन व वार्ता अभियान के तहत भाकियू ने राज्य स्तरीय समस्याओं पर उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों में राज्य सरकारों से वार्ता कर समाधान की मांग की है, लेकिन कुछ मुद्दों पर राज्य सरकारों ने अपने सीमित अधिकारों का हवाला देकर केंद्र सरकार के स्तर पर वार्ता करने के लिए कहा है।
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जिसमें मुख्य रूप से फसलों की लागत में 50 प्रतिशत जोड़कर लाभकारी मूल्य, ब्याज दरें कम किए जाने, किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि पांच वर्ष किए जाने, जीएम फसलों को बढ़ावा न दिए जाने, फसल बीमा योजना में बदलाव, किसानों की आय निश्चित किए जाने आदि मुद्दों पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा महापंचायत में आएंगे। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के आने की भी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सिसौली एवं मुंडभर गांव में किसानों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्नाव के किसानों का एक जत्था सिसौली पहुंच चुका है। वार्ता के दौरान मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।