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कासमपुरा में पीलिया का प्रकोप, कई बीमार
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कासमपुरा गांव में फैली पीलिया की बीमारी के चलते कैंप लगाने की मांग करते ग्रामीण पीलिया के मरीज।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भोपा। गांव कासमपुरा में गत एक पखवाड़े के भीतर पीलिया का प्रकोप फैलने से गांव से दहशत का माहौल है। एक पखवाड़े में गांव के दस से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाकर जांच करने की मांग की है।
थाना क्षेत्र के गांव कासमपुरा में गत एक पखवाड़े से पीलिया बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि एक पखवाड़े के भीतर गांव निवासी बहादुर सिंह, कमला, रवि, इसम सिंह, महकार और पवन समेत दस से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में ग्रामीणों में पीलिया के लक्षण नजर आ रहे हैं, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। हैंडपंपों से निकल रहे प्रदूषित पानी को फिलहाल ग्रामीण बीमारी की वजह मान रहे हैं, जिसके चलते गांव में फिलहाल लोगों ने हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। शुक्रवार को समाजसेवी ओमप्रकाश सिंह, गुरमेल, शेर सिंह, गुरमीत, बबलू, गोरी, मांगेराम, शंकर और चंपा आदि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाकर लोगों की जांच कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे से गांव में लगे हैंडपंपों के साथ ही सप्लाई होने वाले पेयजल के भी सैंपल लेकर जांच कराए जाने की मांग की है।
मोरना पीएचसी प्रभारी डा. अर्जुन सिंह ने बताया कि कासमपुरा गांव में कई लोगों को पीलिया बीमारी होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में आला अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। जल्द ही गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर लोगों की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की जाएंगी। वहीं, हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता का स्तर भी जांचा जाएगा।
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थाना क्षेत्र के गांव कासमपुरा में गत एक पखवाड़े से पीलिया बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि एक पखवाड़े के भीतर गांव निवासी बहादुर सिंह, कमला, रवि, इसम सिंह, महकार और पवन समेत दस से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में ग्रामीणों में पीलिया के लक्षण नजर आ रहे हैं, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। हैंडपंपों से निकल रहे प्रदूषित पानी को फिलहाल ग्रामीण बीमारी की वजह मान रहे हैं, जिसके चलते गांव में फिलहाल लोगों ने हैंडपंप का पानी इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। शुक्रवार को समाजसेवी ओमप्रकाश सिंह, गुरमेल, शेर सिंह, गुरमीत, बबलू, गोरी, मांगेराम, शंकर और चंपा आदि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाकर लोगों की जांच कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने डीएम सेल्वा कुमारी जे से गांव में लगे हैंडपंपों के साथ ही सप्लाई होने वाले पेयजल के भी सैंपल लेकर जांच कराए जाने की मांग की है।
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मोरना पीएचसी प्रभारी डा. अर्जुन सिंह ने बताया कि कासमपुरा गांव में कई लोगों को पीलिया बीमारी होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में आला अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। जल्द ही गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर लोगों की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की जाएंगी। वहीं, हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता का स्तर भी जांचा जाएगा।
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