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स्कूल के बाद कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश
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स्कूल के बाद कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस से बचाव के किए जा रहे उपायों में अब शासन के आदेश पर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी रोक दिया गया है। सभी प्रकार की शिक्षण संस्थाओं में विद्यालय में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आने पर भी दो अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। उधर, कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के अवकाश के बाद अब कोचिंग सेंटर भी दो अप्रैल तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने पत्र जारी किया है कि दो अप्रैल तक जिलों के सभी कोचिंग सेंटर बंद किए जाए। कोरोना का फैलाव रोकने के लिए यह आदेश हुआ। डीआईआईओएस गजेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में दो अप्रैल तक कोई भी कोचिंग सेंटर नहीं खुलेगा। यदि कोई कोचिंग का कार्य करता पाया जाता है तो उसका कोचिंग का पंजीकरण निरस्त कर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डीआईओएस ने यह भी बताया कि प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी दो अप्रैल तक रोक दिया गया है। यह आदेश भी हुए है कि छात्र-छात्राओं के साथ अब कोई भी शिक्षक विद्यालय में नहीं आएगा। यह आदेश संस्कृत परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस से बचाव के किए जा रहे उपायों में अब शासन के आदेश पर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी रोक दिया गया है। सभी प्रकार की शिक्षण संस्थाओं में विद्यालय में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आने पर भी दो अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। उधर, कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के अवकाश के बाद अब कोचिंग सेंटर भी दो अप्रैल तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने पत्र जारी किया है कि दो अप्रैल तक जिलों के सभी कोचिंग सेंटर बंद किए जाए। कोरोना का फैलाव रोकने के लिए यह आदेश हुआ। डीआईआईओएस गजेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में दो अप्रैल तक कोई भी कोचिंग सेंटर नहीं खुलेगा। यदि कोई कोचिंग का कार्य करता पाया जाता है तो उसका कोचिंग का पंजीकरण निरस्त कर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डीआईओएस ने यह भी बताया कि प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी दो अप्रैल तक रोक दिया गया है। यह आदेश भी हुए है कि छात्र-छात्राओं के साथ अब कोई भी शिक्षक विद्यालय में नहीं आएगा। यह आदेश संस्कृत परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
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