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महिलाओं ने शराब ठेकों में की तोड़फोड़, जाम लगाकर प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:41 PM IST
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शराब ठेके के विरोध में पुलिस से उलझती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाएं खुलकर शराब ठेकों के खिलाफ सड़कों पर आ गई हैं। नाराज महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर शहर के दो ठेकों पर पहुंच गईं और तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कर्मचारियों और शराब पीते लोगों को खदेड़ दिया। महिलाओं ने अलमासपुर मार्ग पर घंटों जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस के समझाने और ठेकों को हटाने के आश्वासन पर महिलाएं शांत होकर घर लौट गईं। एसपी सिटी ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा है।
सोमवार शाम करीब पांच बजे सैकड़ों महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर नईमंडी कोतवाली के कमलनगर में स्थान बदलकर खोले गए ठेके पर जा पहुंचीं। महिलाओं ने ठेके पर तोड़फोड़ कर दी और वहां मौजूद कर्मचारियों को दौड़ा लिया। शराब को सड़क पर फेंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख महिलाओं ने नारेबाजी शुुरू कर दी।
सीओ मंडी मणिलाल पाटीदार और सीओ सिटी तेजवीर सिंह तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को शांत करने का प्रयास किया। महिलाओं ने करीब एक घंटे तक अलमासपुर मार्ग पर जाम लगाए रखा। बाद में पुलिस अधिकारियों की खुशामद और ठेके को कहीं और ले जाने के आश्वासन पर महिलाओं ने जाम खोल दिया।
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अभी यहां का मामला निपटा ही था कि रेलपार की महिलाओं ने सिविल लाइन थाने के पुल के नीेचे देशी शराब के ठेके पर पहुंचकर शराबियों और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। महिलाओं ने उनकी पिटाई कर डाली और ठेके पर तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत किया।
हंगामा करने वाली महिलाओं के खिलाफ दोनों थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। रात में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा जाएगा। कुछ लोग नेतागिरी करने के चक्कर में हंगामा करवा रहे हैं। -एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह
नशे से बचाने के लिए आगे आईं महिलाएं
मुजफ्फरनगर। पिछले दस दिनों के भीतर ठेकों के विरोध में महिलाएं कई बार प्रदर्शन कर चुकी हैं। मंदिर, स्कूल और परिजनों को शराब से बचाने के लिए महिलाएं हंगामा करने पर उतारु हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अप्रैल से हाईवे से शासन के आदेश पर शराब के सभी ठेकों को हटवाया गया।
कुछ ठेकों की जगह बदली गई तो नई जगह बस्ती, मंदिर आदि के करीब आ गई। बस्ती के बीच ठेकों के जाने से महिलाओं को अपने परिवारों की चिंता हुई और उन्होंने नई जगह पर खोले जाने वाले ठेकों का विरोध करना शुुरू कर दिया। सबसे पहले रामलीला टिल्ला पर मंदिर के पास दो अप्रैल को खोले गए ठेके का विरोध हुआ तो पुलिस ने इसे बंद करा दिया। अगले दिन यही ठेका रामलीला भवन के पास खोला तो फिर से विरोध हो गया।
दो दिन बाद रात में अलमासपुर में ठेका खुला तो महिलाओं ने रात में वहां जाकर पथराव कर ठेका बंद करा दिया। जानसठ में महिलाओं ने तहसील में प्रदर्शन कर बस्ती में खोले गए ठेके को बंद कराने की अफसरों से गुहार लगाई। सोमवार शाम कमलनगर में ठेका खोलने का प्रयास किया गया तो महिलाओं ने जाम लगाकर विरोध प्रकट किया। इसके बाद रेल पटरी के पास पुल के नीचे महिलाओं ने शराब पी रहे लोगों को दौड़ा लिया। महिलाओं का कहना है कि बस्ती के नजदीक ठेके होने से परिवार में पति और बच्चों को नशे से बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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सोमवार शाम करीब पांच बजे सैकड़ों महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर नईमंडी कोतवाली के कमलनगर में स्थान बदलकर खोले गए ठेके पर जा पहुंचीं। महिलाओं ने ठेके पर तोड़फोड़ कर दी और वहां मौजूद कर्मचारियों को दौड़ा लिया। शराब को सड़क पर फेंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख महिलाओं ने नारेबाजी शुुरू कर दी।
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सीओ मंडी मणिलाल पाटीदार और सीओ सिटी तेजवीर सिंह तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को शांत करने का प्रयास किया। महिलाओं ने करीब एक घंटे तक अलमासपुर मार्ग पर जाम लगाए रखा। बाद में पुलिस अधिकारियों की खुशामद और ठेके को कहीं और ले जाने के आश्वासन पर महिलाओं ने जाम खोल दिया।
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अभी यहां का मामला निपटा ही था कि रेलपार की महिलाओं ने सिविल लाइन थाने के पुल के नीेचे देशी शराब के ठेके पर पहुंचकर शराबियों और कर्मचारियों को दौड़ा लिया। महिलाओं ने उनकी पिटाई कर डाली और ठेके पर तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत किया।
हंगामा करने वाली महिलाओं के खिलाफ दोनों थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। रात में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा जाएगा। कुछ लोग नेतागिरी करने के चक्कर में हंगामा करवा रहे हैं। -एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह
नशे से बचाने के लिए आगे आईं महिलाएं
मुजफ्फरनगर। पिछले दस दिनों के भीतर ठेकों के विरोध में महिलाएं कई बार प्रदर्शन कर चुकी हैं। मंदिर, स्कूल और परिजनों को शराब से बचाने के लिए महिलाएं हंगामा करने पर उतारु हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अप्रैल से हाईवे से शासन के आदेश पर शराब के सभी ठेकों को हटवाया गया।
कुछ ठेकों की जगह बदली गई तो नई जगह बस्ती, मंदिर आदि के करीब आ गई। बस्ती के बीच ठेकों के जाने से महिलाओं को अपने परिवारों की चिंता हुई और उन्होंने नई जगह पर खोले जाने वाले ठेकों का विरोध करना शुुरू कर दिया। सबसे पहले रामलीला टिल्ला पर मंदिर के पास दो अप्रैल को खोले गए ठेके का विरोध हुआ तो पुलिस ने इसे बंद करा दिया। अगले दिन यही ठेका रामलीला भवन के पास खोला तो फिर से विरोध हो गया।
दो दिन बाद रात में अलमासपुर में ठेका खुला तो महिलाओं ने रात में वहां जाकर पथराव कर ठेका बंद करा दिया। जानसठ में महिलाओं ने तहसील में प्रदर्शन कर बस्ती में खोले गए ठेके को बंद कराने की अफसरों से गुहार लगाई। सोमवार शाम कमलनगर में ठेका खोलने का प्रयास किया गया तो महिलाओं ने जाम लगाकर विरोध प्रकट किया। इसके बाद रेल पटरी के पास पुल के नीचे महिलाओं ने शराब पी रहे लोगों को दौड़ा लिया। महिलाओं का कहना है कि बस्ती के नजदीक ठेके होने से परिवार में पति और बच्चों को नशे से बचाना मुश्किल हो जाएगा।