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Muzaffarnagar News: आवास योजना के नाम पर ठग लिए डेढ़ लाख
Sun, 08 Sep 2024 11:20 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 08 Sep 2024 11:20 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर। क्षेत्र के गांव कसेरवा के ग्रामीणों ने गांव के एक राशन डीलर के साथ मिलकर चार लोगों पर आवास योजना के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर ले जाने का आरोप लगाया है।
क्षेत्र के गांव कसेरवा निवासी दिलशाद ने बताया कि पांच सितंबर को गांव के एक राशन डीलर के यहां कुछ अज्ञात लोग आए, जिसमें तीन व्यक्ति व एक महिला शामिल थी। जो अपने को आवास योजना के सरकारी कर्मचारी बता रहे थे। उन्होंने गांव के कुछ गरीब लोगों के यहां राशन डीलर के साथ जाकर कहा कि वह उनका आवास बनवाने के लिए एक माह में तीन लाख 40 हजार रुपये की धनराशि दिला देंगे, जिसके लिए उन्हें 25 हजार रुपये प्रति आवास के हिसाब से रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर देने होंगे। जिस पर उसके अलावा गांव के फौन्दा, रहीश, इमराना, तसमीन व सलमा ने उनको 25 हजार रुपये के हिसाब से डेढ़ लाख दे दिए। उन्होंने गांव प्रधान को जानकारी दी तो गांव प्रधान ने उन्हें बताया कि आवास योजना के अंतर्गत ब्लॉक व जिले से कोई भी सरकारी कर्मचारी गांव में नहीं आया है तथा आवास योजना में कोई भी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। पीड़ितों ने पुलिस से धोखाधड़ी कर उनसे लिए गए रुपयों को वापस दिलाने की मांग की है ।
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शाहपुर। क्षेत्र के गांव कसेरवा के ग्रामीणों ने गांव के एक राशन डीलर के साथ मिलकर चार लोगों पर आवास योजना के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर ले जाने का आरोप लगाया है।
क्षेत्र के गांव कसेरवा निवासी दिलशाद ने बताया कि पांच सितंबर को गांव के एक राशन डीलर के यहां कुछ अज्ञात लोग आए, जिसमें तीन व्यक्ति व एक महिला शामिल थी। जो अपने को आवास योजना के सरकारी कर्मचारी बता रहे थे। उन्होंने गांव के कुछ गरीब लोगों के यहां राशन डीलर के साथ जाकर कहा कि वह उनका आवास बनवाने के लिए एक माह में तीन लाख 40 हजार रुपये की धनराशि दिला देंगे, जिसके लिए उन्हें 25 हजार रुपये प्रति आवास के हिसाब से रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर देने होंगे। जिस पर उसके अलावा गांव के फौन्दा, रहीश, इमराना, तसमीन व सलमा ने उनको 25 हजार रुपये के हिसाब से डेढ़ लाख दे दिए। उन्होंने गांव प्रधान को जानकारी दी तो गांव प्रधान ने उन्हें बताया कि आवास योजना के अंतर्गत ब्लॉक व जिले से कोई भी सरकारी कर्मचारी गांव में नहीं आया है तथा आवास योजना में कोई भी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। पीड़ितों ने पुलिस से धोखाधड़ी कर उनसे लिए गए रुपयों को वापस दिलाने की मांग की है ।
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