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अब संगीन मामलों की जांच करेगी विवेचना सेल
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अब संगीन मामलों की जांच करेगी विवेचना सेल
मुजफ्फरनगर। शासन ने सभी थानों में विवेचना सेल का गठन करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद संगीन मामलों की जांच विवेचना सेल से कराई जाएगी। थाने में तैनात अपराध निरीक्षक या एसएसआई को विवेचना सेल प्रभारी बनाया जाएगा, जिन्हें थानों के ग्रेड के हिसाब से एक चार पहिया गाड़ी व दुपहिया वाहन के साथ ही अलग से लैपटॉप, डेस्कटॉप, प्रिंटर व स्कैनर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीजीपी ओपी सिंह ने बेहतर पुलिसिंग के लिए सूबे के सभी थानों में 31 जनवरी तक हर हाल में अलग से विवेचना सेल का गठन करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी के आदेश पर,जनपद में भी विवेचना सेल गठन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके तहत अपराध निरीक्षक या एसएसआई के नेतृत्व में विवेचना सेल का गठन किया जाएगा, जिसमें एक एसआई, एक आरक्षी व एक महिला आरक्षी होगी। विवेचना सेल में होने वाली एसआई व आरक्षी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए होगी और किसी भी दशा में कोई पद रिक्त नहीं रखा जाएगा। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि गठित की गई टीम को दस दिन का शुरूआती विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद हर टीम को एक चार पहिया गाड़ी और थाने के ग्रेड के हिसाब से एक से तीन तक दुपहिया वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही एक लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, एक प्रिंटर व एक स्कैनर भी दिए जाएंगे। विवेचना सेल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल करेगी। विवेचना पूरी कर टीम थाना प्रभारी के माध्यम से केस डायरी संबंधित सीओ को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक साल में करनी होगी 40 मुकदमों की विवेचना
मुजफ्फरनगर। विवेचना सेल को एक साल में कम से कम 40 मुकदमों की विवेचना करनी होगी, इनमें 50 लाख तक की आर्थिक धोखाधड़ी, जाली मुद्रा, आईटी एक्ट के साथ ही पॉक्सो, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, राष्ट्रद्रोह, एनडीपीएस और शराब व हथियार तस्करी से संबंधित मुकदमों की विवेचनाएं होंगी।
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अभियोजन शाखा से रहेगा समन्वय
मुजफ्फरनगर। थानों की विवेचना सेल अभियोजन शाखा से समन्वय स्थापित करके रखेगी, ताकि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी तरीके से एनबीडब्लू, सम्मन और रिमांड की कार्रवाई की जा सके। अपराधियों के जमानतदारों के सत्यापन और जमानत पर छूटे आरोपी के खिलाफ जमानत निरस्तीकरण की जिम्मेदारी भी विवेचना सेल की ही होगी।
एक ग्रेड में दो, बी ग्रेड में आठ व सी ग्रेड में 11 थाने
मुजफ्फरनगर। विवेचना सेल के लिए थानों को अपराधों के हिसाब से ए, बी व सी ग्रेड में बांटा गया है। ए-ग्रेड में शहर कोतवाली व महिला थाना, बी-ग्रेड में नई मंडी कोतवाली, तितावी, बुढ़ाना, सिविल लाइंस, शाहपुर, खतौली, मंसूरपुर व भोपा थाने को शामिल किया गया है। सी-ग्रेड में चरथावल, छपार, मीरापुर, भौराकलां, पुरकाजी, रतनपुरी, ककरौली, फुगाना, सिखेड़ा, जानसठ व रामराज थाने शामिल हैं।
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मुजफ्फरनगर। शासन ने सभी थानों में विवेचना सेल का गठन करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद संगीन मामलों की जांच विवेचना सेल से कराई जाएगी। थाने में तैनात अपराध निरीक्षक या एसएसआई को विवेचना सेल प्रभारी बनाया जाएगा, जिन्हें थानों के ग्रेड के हिसाब से एक चार पहिया गाड़ी व दुपहिया वाहन के साथ ही अलग से लैपटॉप, डेस्कटॉप, प्रिंटर व स्कैनर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीजीपी ओपी सिंह ने बेहतर पुलिसिंग के लिए सूबे के सभी थानों में 31 जनवरी तक हर हाल में अलग से विवेचना सेल का गठन करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी के आदेश पर,जनपद में भी विवेचना सेल गठन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके तहत अपराध निरीक्षक या एसएसआई के नेतृत्व में विवेचना सेल का गठन किया जाएगा, जिसमें एक एसआई, एक आरक्षी व एक महिला आरक्षी होगी। विवेचना सेल में होने वाली एसआई व आरक्षी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए होगी और किसी भी दशा में कोई पद रिक्त नहीं रखा जाएगा। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि गठित की गई टीम को दस दिन का शुरूआती विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद हर टीम को एक चार पहिया गाड़ी और थाने के ग्रेड के हिसाब से एक से तीन तक दुपहिया वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही एक लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, एक प्रिंटर व एक स्कैनर भी दिए जाएंगे। विवेचना सेल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल करेगी। विवेचना पूरी कर टीम थाना प्रभारी के माध्यम से केस डायरी संबंधित सीओ को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एक साल में करनी होगी 40 मुकदमों की विवेचना
मुजफ्फरनगर। विवेचना सेल को एक साल में कम से कम 40 मुकदमों की विवेचना करनी होगी, इनमें 50 लाख तक की आर्थिक धोखाधड़ी, जाली मुद्रा, आईटी एक्ट के साथ ही पॉक्सो, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, राष्ट्रद्रोह, एनडीपीएस और शराब व हथियार तस्करी से संबंधित मुकदमों की विवेचनाएं होंगी।
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अभियोजन शाखा से रहेगा समन्वय
मुजफ्फरनगर। थानों की विवेचना सेल अभियोजन शाखा से समन्वय स्थापित करके रखेगी, ताकि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी तरीके से एनबीडब्लू, सम्मन और रिमांड की कार्रवाई की जा सके। अपराधियों के जमानतदारों के सत्यापन और जमानत पर छूटे आरोपी के खिलाफ जमानत निरस्तीकरण की जिम्मेदारी भी विवेचना सेल की ही होगी।
एक ग्रेड में दो, बी ग्रेड में आठ व सी ग्रेड में 11 थाने
मुजफ्फरनगर। विवेचना सेल के लिए थानों को अपराधों के हिसाब से ए, बी व सी ग्रेड में बांटा गया है। ए-ग्रेड में शहर कोतवाली व महिला थाना, बी-ग्रेड में नई मंडी कोतवाली, तितावी, बुढ़ाना, सिविल लाइंस, शाहपुर, खतौली, मंसूरपुर व भोपा थाने को शामिल किया गया है। सी-ग्रेड में चरथावल, छपार, मीरापुर, भौराकलां, पुरकाजी, रतनपुरी, ककरौली, फुगाना, सिखेड़ा, जानसठ व रामराज थाने शामिल हैं।