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Muzaffarnagar News: आवारा कुत्तों से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे नोडल अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों सहित शिक्षण संस्थाओं में भी आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती शुरू की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार घोष की ओर से सीएमओ को निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। अधिकारी परिसर की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा कुत्तों की आवाजाही पर निगरानी रखेगा। इतना ही नहीं नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर भी संस्थान के मुख्य गेट पर प्रदर्शित करना होगा।
सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के आवश्यक संसाधन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं। पालिका अधिकारियों को ही आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करानी होगी। सीएमओ कार्यालय में डिप्टी सीएमओ डॉ.विपिन कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
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- प्रत्येक तीन माह में निरीक्षण करेंगे पालिका अधिकारी
नोडल अधिकारी नामित करने के साथ ही पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निकाय अधिकारियों की भी होगी। प्रत्येक तीन माह में पालिका और नगर पंचायत के अधिकारी व्यवस्था देखेंगे। इसके साथ ही आवारा कुत्तों को पकड़कर अन्य स्थान पर छोड़ने और नियमानुसार उनकी नसबंदी कराने की जिम्मेदारी भी निकाय अधिकारियों की होगी।
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मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों सहित शिक्षण संस्थाओं में भी आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती शुरू की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार घोष की ओर से सीएमओ को निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। अधिकारी परिसर की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा कुत्तों की आवाजाही पर निगरानी रखेगा। इतना ही नहीं नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर भी संस्थान के मुख्य गेट पर प्रदर्शित करना होगा।
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सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के आवश्यक संसाधन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं। पालिका अधिकारियों को ही आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करानी होगी। सीएमओ कार्यालय में डिप्टी सीएमओ डॉ.विपिन कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
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- प्रत्येक तीन माह में निरीक्षण करेंगे पालिका अधिकारी
नोडल अधिकारी नामित करने के साथ ही पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निकाय अधिकारियों की भी होगी। प्रत्येक तीन माह में पालिका और नगर पंचायत के अधिकारी व्यवस्था देखेंगे। इसके साथ ही आवारा कुत्तों को पकड़कर अन्य स्थान पर छोड़ने और नियमानुसार उनकी नसबंदी कराने की जिम्मेदारी भी निकाय अधिकारियों की होगी।