फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   No water for bathing in Ganges

गंगा में पानी घटाए जाने से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त

Tue, 05 Nov 2019 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 11:42 PM IST
विज्ञापन
No water for bathing in Ganges
शुकतीर्थ में गंगा जी का पानी कम होने पर मोटरवोट को देखते चालक। - फोटो : KHATAULI
गंगा में स्नान के लिए पर्याप्त जल ही नहीं
विज्ञापन

मोरना ( मुजफ्फरनगर)। कार्तिक गंगा मेले को लेकर आला अधिकारियों की उदासीनता से नगरवासियों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर जवाब मांगें हैं। गंगा में जलस्तर कम हो जाने के कारण मोटरबोट चालकों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। श्रद्धालुओं को भी गंगा स्नान करने में कठिनाई आ रही है। गंदगी ने गंगा घाट को जकड़ रखा है। वहीं, पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण में जेसीबी ने पानी सप्लाई और टेलीफोन की वायर काट दिए हैं, जिससे नगरवासी लाचार और बेबस नजर आए।

शुकतीर्थ तीर्थधाम में कार्तिक गंगा मेले का आयोजन के कुछ दिन शेष बचे हैं, जिसके चलते नगर में श्रद्धालुओं का आगमन होने लगा है। गंगा में पानी घटाए जाने से श्रद्धालुओं में रोष बना हुआ है, जिसके चलते बोट संचालक राकेश, शिवकुमार, प्रमोद, दीपक, बिजेंद्र, धर्मेंद्र, रामकुमार और प्रभात आदि ने बताया कि हम सभी लोगों की बोटों में डीजल इंजन लगे हुए हैं। गंगा में जल की स्थिति घटाए जाने के कारण हम लोगों को डंडे के सहारे मोटरबोट का चलाना पड़ रहा है। कहीं-कहीं तो मोटरबोट पानी कम होने की वजह से गंगा की धारा के बीच में जमीन से टकराने पर खड़ी हो जाती है। पिलखुवा हापुड़ से आए श्रद्धालु विनोद कुमार, सोनिया, विनीता, सोहनवीर, विजयकांत, विचित्रवीर सिंह, शामली से आए विजय गोयल, परमीत, संजीव आदि ने बताया कि गंगा में स्नान करने के लिए धारा के बीच जाकर स्नान करने के लाले पड़ गए। बच्चा भी गंगा में पैदल चलकर पार कर रहा है। यह सरकार की कैसी व्यवस्था है कि गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, गंगा मेले में साफ-सफाई का जिम्मा नगर पंचायत भोकरहेड़ी, जानसठ और मीरापुर को दिया जाता है। हालांकि गंगा घाट पर जमी गंदगी और पॉलिथीन, कपड़े, पूजा सामग्री को वहां से हटाने की हिम्मत अभी तक किसी ने नहीं दिखाई। दुर्गंध और गंदगी देेखकर श्रद्धालु वहां स्नान करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पर्यटन विभाग के द्वारा नगर में विशाल गेट का निर्माण कराया जाना है, जिसके चलते अधिकारियों ने सड़क को उखाड़कर बड़े गड्ढे को खोदने के लिए जेसीबी का प्रयोग किया। जेसीबी ने टेलीफोन और पानी की पाइप लाइन को काटकर नगर की पेयजल आपूर्ति को ठप कर दिया है, जिससे नगरवासियों और साधु संतों के सामने पानी की समस्या परेशानी बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed