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सपाइयों में लैपटॉप चोरी होने से आक्रोश पनपा, नाजिर पर शक
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:33 AM IST
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तहसील के इसी कमरे से चोरी हुए लैपटॉप।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल के दौरान छात्र और छात्राओं को वितरित करने के लिए रखे गए लैपटॉप तहसील से चोरी हो जाने का मामला सुर्खियों में आते ही अफसरों में अफरातफरी का आलम है। सपाइयों ने लैपटॉप चोरी होने पर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है। सपाइयों का आरोप है कि प्रशासन ने सपा सरकार में लैपटॉप बांटने के बजाए उनको छिपाने का काम किया है। सपाइयों का कहना है वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे।
खतौली तहसील से 37 लैपटॉप चोरी होने के मामले में गुपचुप रिपोर्ट दर्ज कराए जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वर्ष 2013 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने तहसील क्षेत्र के लिए 628 लैपटॉप इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में वितरित करने के लिए दिए गए थे, जिनमें से सपा सरकार में 591 लैपटॉप बांट दिए गए थे।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पात्र छात्र-छात्राओं के कागजातों में कमी होने की वजह से 37 लैपटॉप नहीं वितरित हो सके थे। इन लैपटॉप को उस वक्त नवनिर्माणाधीन तहसील के नजारत स्टोर में रख दिया गया था। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इन लैपटॉप को वितरित नहीं किया और न ही डीआईओएस कार्यालय में जमा कराए गए।
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पिछले चार साल से ये लैपटॉप नाजिर की देखरेख में रहे। लैपटॉप चोरी होने की घटना भी 26 जनवरी को पता चली। जिन लैपटॉप को छात्र-छात्राओं के हाथों में होने चाहिए थे, वे चोरी हो गए। लैपटॉप चोरी होने की घटना को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने लैपटॉप को वितरित करने के बजाय उनको ताले में बंद करके छिपाकर रखा है।
चोरी मामले में शक के दायरे में आए नाजिर
तहसील से लैपटॉप चोरी होने की घटना से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। तहसील में दिनरात पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। गार्ड की मौजूदगी में तहसील से चोर एक साथ 37 लैपटॉप चोरी कर ले जाए, यह बात किसी भी शख्स के गले नहीं उतर रही है। ऐसे हालातों में पुलिस भी नाजिर को शक की नजर से देख रही है। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज का कहना है कि
लैपटॉप चोरी की घटना का शीघ्र ही खुलासा कर दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
तहसील से लैपटॉप चोरी होने की घटना घटी है। जांच में पता चला कि सपा सरकार में कई बच्चों के पात्र साबित होने के जरूरी कागजातों के पूरा नहीं होने पर इन लैपटॉप को उन्हें वितरित नहीं किया गया था। अमित कुमार, तहसीलदार, खतौली।
अखिलेश सरकार ने जिन लैपटॉप को छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए दिए थे। प्रशासन ने उनको वितरित करने के बजाय छिपाकर रखा और न ही उस वक्त सरकार को इसकी जानकारी दी, वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच पड़ताल कराएंगे। सुलेमान परदेसी, जिला उपाध्यक्ष सपा।
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खतौली तहसील से 37 लैपटॉप चोरी होने के मामले में गुपचुप रिपोर्ट दर्ज कराए जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वर्ष 2013 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने तहसील क्षेत्र के लिए 628 लैपटॉप इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में वितरित करने के लिए दिए गए थे, जिनमें से सपा सरकार में 591 लैपटॉप बांट दिए गए थे।
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अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पात्र छात्र-छात्राओं के कागजातों में कमी होने की वजह से 37 लैपटॉप नहीं वितरित हो सके थे। इन लैपटॉप को उस वक्त नवनिर्माणाधीन तहसील के नजारत स्टोर में रख दिया गया था। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इन लैपटॉप को वितरित नहीं किया और न ही डीआईओएस कार्यालय में जमा कराए गए।
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पिछले चार साल से ये लैपटॉप नाजिर की देखरेख में रहे। लैपटॉप चोरी होने की घटना भी 26 जनवरी को पता चली। जिन लैपटॉप को छात्र-छात्राओं के हाथों में होने चाहिए थे, वे चोरी हो गए। लैपटॉप चोरी होने की घटना को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने लैपटॉप को वितरित करने के बजाय उनको ताले में बंद करके छिपाकर रखा है।
चोरी मामले में शक के दायरे में आए नाजिर
तहसील से लैपटॉप चोरी होने की घटना से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। तहसील में दिनरात पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। गार्ड की मौजूदगी में तहसील से चोर एक साथ 37 लैपटॉप चोरी कर ले जाए, यह बात किसी भी शख्स के गले नहीं उतर रही है। ऐसे हालातों में पुलिस भी नाजिर को शक की नजर से देख रही है। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज का कहना है कि
लैपटॉप चोरी की घटना का शीघ्र ही खुलासा कर दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
तहसील से लैपटॉप चोरी होने की घटना घटी है। जांच में पता चला कि सपा सरकार में कई बच्चों के पात्र साबित होने के जरूरी कागजातों के पूरा नहीं होने पर इन लैपटॉप को उन्हें वितरित नहीं किया गया था। अमित कुमार, तहसीलदार, खतौली।
अखिलेश सरकार ने जिन लैपटॉप को छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए दिए थे। प्रशासन ने उनको वितरित करने के बजाय छिपाकर रखा और न ही उस वक्त सरकार को इसकी जानकारी दी, वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच पड़ताल कराएंगे। सुलेमान परदेसी, जिला उपाध्यक्ष सपा।