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‘मेरे रश्क-ए-कंवर, तूने पहली नजर...’
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राजकीय इंटर कॉलेज के मैदानपर कव्वाली पेश करते निजामी बंधु
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी की कव्वाली नाइट में निजामी बंधुओं से एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। देर रात तक सूफियाना संगीत की स्वर लहरियां गूंजती रही। ‘मेरे रश्क - ए- कमर, तूने पहली नजर...’ सुनाई तो लोग झूम उठे।
मंगलवार रात जीआईसी के मैदान में कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम चंद्रभूषण सिंह और सीडीओ आलोक यादव ने किया। निजामुद्दीन से पहुंचे कव्वाल चांद निजामी, शादाब फरीदी निजामी और सोहराब फरीदी निजामी ने कव्वालियों, शायरी और गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कव्वाली ‘बनाके तुझको मौला, खुद को बंदा कर लिया मैने...’ के अलावा ‘मेरे रश्क - ए- कमर, तूने पहली नजर...’ सुनाकर खूब दाद बटोरी। निजामी बंधुओं ने शायराना और सूफी अंदाज की एक से बढ़कर एक कव्वालियां प्रस्तुत कीं। देर रात तक दर्शकों की फरमाइश पर भी उन्होंने कव्वालियां पेश कीं। ‘छाप तिलक सब छीनी रे, दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर’ भी सुनाई। देर रात तक कार्यक्रम जारी रहा। सीडीओ आलोक यादव, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार मौजूद रहे।
इंसानियत की सीख दे गए निजामी बंधू
निजामी बंधुओं ने सिर्फ कव्वालियां ही नहीं, बल्कि शायरी भी खूब सुनाई। युवाओं को सूफियाना संगीत की जानकारी दी। मां-बाप की सेवा करने और समाज को सही दिशा में ले जाने का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि मांग-बाप की सेवा से ही स्वर्ग मिलता है।
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मंगलवार रात जीआईसी के मैदान में कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम चंद्रभूषण सिंह और सीडीओ आलोक यादव ने किया। निजामुद्दीन से पहुंचे कव्वाल चांद निजामी, शादाब फरीदी निजामी और सोहराब फरीदी निजामी ने कव्वालियों, शायरी और गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कव्वाली ‘बनाके तुझको मौला, खुद को बंदा कर लिया मैने...’ के अलावा ‘मेरे रश्क - ए- कमर, तूने पहली नजर...’ सुनाकर खूब दाद बटोरी। निजामी बंधुओं ने शायराना और सूफी अंदाज की एक से बढ़कर एक कव्वालियां प्रस्तुत कीं। देर रात तक दर्शकों की फरमाइश पर भी उन्होंने कव्वालियां पेश कीं। ‘छाप तिलक सब छीनी रे, दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर’ भी सुनाई। देर रात तक कार्यक्रम जारी रहा। सीडीओ आलोक यादव, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार मौजूद रहे।
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इंसानियत की सीख दे गए निजामी बंधू
निजामी बंधुओं ने सिर्फ कव्वालियां ही नहीं, बल्कि शायरी भी खूब सुनाई। युवाओं को सूफियाना संगीत की जानकारी दी। मां-बाप की सेवा करने और समाज को सही दिशा में ले जाने का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि मांग-बाप की सेवा से ही स्वर्ग मिलता है।
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